

प्रतिमाह की सहायता राशि से खरीदी सिलाई मशीन बना आमदनी का जरिया
रायपुर, 28 जुलाई 2026

शासन की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना महिलाओं को आर्थिक सहायता देने के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी प्रभावी योजना साबित हो रही है। मुंगेली जिले के ग्राम फुलवारी की निवासी श्रीमती बिसाहिन यादव ने योजना से मिलने वाली मासिक सहायता राशि का सदुपयोग कर उन्होंने अपने जीवन में आर्थिक आत्मनिर्भरता की नई शुरुआत की है। श्रीमती बिसाहिन यादव ने बताया कि उन्हें महतारी वंदन योजना के तहत प्रतिमाह मिलने वाली एक हजार रुपये की सहायता राशि ने अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर दिया। उन्होंने इस राशि को बचाकर सिलाई मशीन खरीदी और घर से ही सिलाई का कार्य प्रारंभ किया।
आज वे गांव की महिलाओं और बच्चों के कपड़ों, बैग आदि की सिलाई कर नियमित आय अर्जित कर रही हैं। इससे उन्हें सम्मानजनक स्वरोजगार का साधन प्राप्त हुआ है। बिसाहिन यादव ने कहा कि महतारी वंदन योजना से आर्थिक सहायता के साथ ही आत्मनिर्भर बनने का हौसला दिया। योजना के तहत प्रतिमाह मिलने वाली सहायता राशि से खरीदी गई आमदनी का जरिया बन गई है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और सम्मान को नई दिशा देने वाली पहल है। इससे हजारों महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिल रहा है।
मुंगेली जिले की 02 लाख 11 हजार से अधिक पात्र महिलाओं को इस योजना का लाभ मिल रहा है। प्रत्येक पात्र महिलाओं के बैंक खाते में प्रतिमाह 01 हजार रुपये की सहायता राशि सीधे अंतरित की जाती है। अब तक जिले की महिलाओं के खातों में 561.59 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि हस्तांतरित की जा चुकी है। यह राशि महिलाओं के लिए आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार बन रही है।
महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि का उपयोग जिले की हजारों महिलाएं स्वरोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और पारिवारिक जरूरतों को पूरा करने में कर रही हैं। इससे महिलाओं में आर्थिक आत्मनिर्भरता के साथ बचत की प्रवृत्ति भी बढ़ी है और वे परिवार के महत्वपूर्ण निर्णयों में अपनी सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं। इस सहायता राशि का उपयोग महिलाएं बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, घरेलू आवश्यकताओं, छोटे स्वरोजगार और बचत जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में कर रही हैं। इससे उनके जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल रहा है।





















