
विश्व स्वास्थ्य संगठन के स्तनपान मानकों के प्रभावी क्रियान्वयन पर मिली मान्यता, 2029 तक रहेगी प्रभावी
प्रविष्टि तिथि: 08 JUN 2026 5:59PM by PIB Raipur
भिलाई इस्पात संयंत्र के जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय एवं अनुसंधान केंद्र (जेएलएनएच एंड आरसी), दुर्ग को मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए ‘ब्रेस्टफीडिंग फ्रेंडली हॉस्पिटल’ की प्रतिष्ठित मान्यता प्रदान की गई है। यह मान्यता ब्रेस्टफीडिंग प्रमोशन नेटवर्क ऑफ इंडिया (बीपीएनआई) तथा एसोसिएशन ऑफ हेल्थ प्रोवाइडर्स ऑफ इंडिया (एएचपीआई) द्वारा प्रदान की गई है।


अस्पताल को प्राप्त यह मान्यता 05 जून 2026 से 04 जून 2029 तक प्रभावी रहेगी। यह उपलब्धि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा निर्धारित “सफल स्तनपान के दस चरण” तथा भारत सरकार के ‘माँ कार्यक्रम’ के प्रभावी क्रियान्वयन की पुष्टि करती है। इसके साथ ही जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय देश के उन चुनिंदा स्वास्थ्य संस्थानों में शामिल हो गया है, जहां माताओं एवं नवजात शिशुओं के लिए स्तनपान आधारित सर्वोत्तम स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

मान्यता के अंतर्गत अस्पताल में जन्म के प्रथम घंटे में स्तनपान की शुरुआत, माँ एवं शिशु के बीच त्वचा से त्वचा संपर्क (स्किन-टू-स्किन कॉन्टैक्ट), रूमिंग-इन व्यवस्था, स्तनपान संबंधी विशेषज्ञ परामर्श तथा माताओं को व्यावसायिक प्रभावों से मुक्त सहयोगात्मक वातावरण उपलब्ध कराने जैसी व्यवस्थाओं को प्रभावी रूप से लागू किया गया है।
यह सम्मान बीपीएनआई के केंद्रीय समन्वयक डॉ. अरुण गुप्ता तथा एएचपीआई के महानिदेशक डॉ. गिरधर ज्ञानी द्वारा प्रदान किया गया। इस प्रक्रिया में यूनिसेफ, इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स तथा इंटरनेशनल बेबी फूड एक्शन नेटवर्क (आईबीएफएएन) सहित विभिन्न संस्थाओं का सहयोग प्राप्त हुआ। इस उपलब्धि में मुख्य चिकित्सा अधिकारी प्रभारी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं) डॉ. विनीता द्विवेदी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. कौशलेन्द्र ठाकुर तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. उदय कुमार के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके निर्देशन में अस्पताल में स्तनपान अनुकूल सेवाओं के संस्थागत विकास एवं प्रभावी क्रियान्वयन को गति मिली।
बाल रोग विभाग की अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं विभागाध्यक्ष डॉ. सम्बिता पांडा तथा नवजात शिशु विभाग प्रभारी अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुबोध साहा ने नवजात एवं बाल स्वास्थ्य सेवाओं में स्तनपान संबंधी मानकों के सफल समावेशन में महत्वपूर्ण योगदान दिया। वहीं वरिष्ठ सलाहकार एवं बीएफएचआई समन्वयक डॉ. माला चौधरी ने विभिन्न विभागों के समन्वय, प्रशिक्षण एवं मूल्यांकन प्रक्रियाओं का प्रभावी नेतृत्व करते हुए मान्यता प्राप्ति की संपूर्ण प्रक्रिया का सफल संचालन किया।
अस्पताल प्रशासन ने श्रीमती शैला अब्राहम तथा प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग के चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों के समन्वित प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उनके सहयोग से जन्म के प्रथम घंटे में स्तनपान सुनिश्चित करने तथा मातृ-शिशु देखभाल की समेकित व्यवस्था को प्रभावी रूप से लागू किया जा सका। ‘ब्रेस्टफीडिंग फ्रेंडली हॉस्पिटल’ के रूप में प्राप्त यह राष्ट्रीय मान्यता जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय एवं अनुसंधान केंद्र की साक्ष्य-आधारित नवजात स्वास्थ्य सेवाओं, मातृ एवं शिशु कल्याण तथा जनस्वास्थ्य के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।
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आरडीजे/बीकेटी





















