
मल्चिंग पद्धति और उद्यानिकी योजनाओं से बुढ़ानछापर के किसान की आय में हुई रिकॉर्ड वृद्धि
रायपुर, 11 मई 2026

छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित किसान हितैषी योजनाओं का असर अब वनांचल क्षेत्रों में स्पष्ट दिखाई देने लगा है। पारंपरिक खेती के स्थान पर अब किसान आधुनिक और उद्यानिकी फसलों की ओर रुख कर रहे हैं। सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ विकासखंड स्थित ग्राम बुढ़ानछापर में आयोजित समाधान शिविर में इसकी एक प्रेरक तस्वीर सामने आई, जहाँ कृषक प्रेमलाल कंवर ने अपनी समृद्धि की गाथा साझा की।
उद्यानिकी मिशन से मिला आधुनिक तकनीकी का साथ
कृषक प्रेमलाल कंवर ने बताया कि उनकी सफलता की शुरुआत तब हुई जब उन्हें राष्ट्रीय बागवानी मिशन से जोड़ा गया। विभाग द्वारा उन्हें न केवल निःशुल्क बीज उपलब्ध कराए गए, बल्कि मल्चिंग पद्धति (आधुनिक सिंचाई और खरपतवार नियंत्रण तकनीक) से सब्जी उत्पादन का विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया।
विविधता से बढ़ी आय, धान के साथ अब फल-सब्जी भी
पहले केवल धान की खेती तक सीमित रहने वाले प्रेमलाल ने अब अपने खेतों का स्वरूप बदल दिया है। सब्जी उत्पादन कर उन्होंने मल्चिंग तकनीक से भिंडी, टमाटर, बरबट्टी और लौकी जैसी सब्जियों की खेती शुरू की। राज्य पोषित योजना के तहत उन्होंने आम के कलमी पौधों का रोपण किया। खास बात यह है कि उन्होंने विभाग की सलाह पर पौधों के बीच खाली स्थान पर सब्जी उगाकर अतिरिक्त लाभ कमाना शुरू किया।
खेती से खरीदे दोपहिया और पिकअप वाहन
सब्जी उत्पादन ने प्रेमलाल की आर्थिक स्थिति में क्रांतिकारी बदलाव लाया है। वे गर्व से बताते हैं। सब्जियों की बेहतर बिक्री से हुई आय से मैंने पहले अपनी जरूरत के लिए दोपहिया वाहन खरीदा। व्यापार बढ़ा तो अब सब्जियों के परिवहन के लिए खुद का पिकअप वाहन भी ले लिया है।
सुशासन का सकारात्मक प्रभाव
प्रेमलाल का मानना है कि सुशासन तिहार जैसे आयोजनों से शासन स्वयं चलकर दूरस्थ गांवों तक पहुँच रहा है। प्रशासन की इस सक्रियता से न केवल समस्याओं का समाधान हो रहा है, बल्कि किसानों को नई तकनीक अपनाकर अपनी आय दोगुनी करने का प्रोत्साहन भी मिल रहा है। प्रेमलाल कंवर की यह कहानी छत्तीसगढ़ के हजारों उन किसानों के लिए प्रेरणा है, जो पारंपरिक खेती के साथ-साथ नवाचार अपनाकर आत्मनिर्भर बनना चाहते हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन का यही विजन अब ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्रदान कर रहा है।





















