

प्रविष्टि तिथि: 19 MAR 2026 6:17PM by PIB Raipur
नई दिल्ली स्थित नेशनल डिफेंस कॉलेज की एक उच्च स्तरीय टीम ने 19 मार्च को स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड के भिलाई इस्पात संयंत्र का दौरा कर इस्पात उत्पादन की विभिन्न प्रक्रियाओं का विस्तृत अवलोकन किया। टीम में वरिष्ठ सैन्य अधिकारी भी शामिल थे।


भ्रमण की शुरुआत इस्पात भवन में आयोजित संवादात्मक बैठक से हुई, जहां निदेशक प्रभारी श्री चित्त रंजन महापात्र, कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) श्री पवन कुमार तथा कार्यपालक निदेशक (संकार्य) श्री राकेश कुमार सहित संयंत्र के वरिष्ठ अधिकारियों ने टीम का स्वागत किया। इस अवसर पर दुर्ग-भिलाई रेंज के पुलिस महानिरीक्षक श्री अभिषेक शांडिल्य एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, भिलाई श्री विजय अग्रवाल सहित पुलिस विभाग के अधिकारी भी उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान उप प्रबंधक (जनसंपर्क) सुश्री शालिनी चौरसिया ने विस्तृत प्रस्तुतीकरण के माध्यम से संयंत्र की उत्पादन क्षमता, प्रमुख इकाइयों, शॉप्स की कार्यप्रणाली, उत्पाद मिश्रण तथा समग्र उपलब्धियों की जानकारी दी। इसके बाद टीम को संयंत्र भ्रमण से पूर्व आवश्यक सुरक्षा प्रोटोकॉल से अवगत कराया गया।

टीम के सदस्यों ने उत्पादन से जुड़े विभिन्न तकनीकी मापदंडों एवं परिचालन प्रक्रियाओं पर गहन चर्चा की और देश की सामरिक एवं रक्षा अवसंरचना में भिलाई इस्पात संयंत्र के महत्वपूर्ण योगदान की सराहना की।

संयंत्र भ्रमण के दौरान टीम ने ब्लास्ट फर्नेस-8 में हॉट मेटल उत्पादन, स्टील मेल्टिंग शॉप-3 में कच्चे इस्पात के निर्माण तथा यूनिवर्सल रेल मिल में विश्व की सबसे लंबी 130 मीटर रेल के रोलिंग की प्रक्रिया का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। आधुनिकीकृत इकाइयों—ब्लास्ट फर्नेस-8, स्टील मेल्टिंग शॉप-3 और यूनिवर्सल रेल मिल—की उच्च दक्षता, विशालता और उन्नत तकनीकी क्षमता ने टीम को विशेष रूप से प्रभावित किया।

उल्लेखनीय है कि रक्षा मंत्रालय के अधीन वर्ष 1960 में स्थापित नेशनल डिफेंस कॉलेज देश का प्रमुख संस्थान है, जहां वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों एवं सिविल सेवकों को राष्ट्रीय सुरक्षा और सामरिक विषयों पर उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। संस्थान द्वारा भू-राजनीति, रक्षा रणनीति, अर्थव्यवस्था तथा उभरती प्रौद्योगिकियों से संबंधित व्यापक पाठ्यक्रम संचालित किए जाते हैं, जिनमें भारत के साथ-साथ मित्र देशों के अधिकारी भी भाग लेते हैं।
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