

प्रविष्टि तिथि: 18 MAR 2026 1:47PM by PIB Raipur
भारत सरकार की ‘समृद्ध ग्राम योजना’ के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सशक्तिकरण को गति देने के उद्देश्य से जिला रायपुर के अभनपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत खोरपा में फाइबर टू द होम (एफटीटीएच) कनेक्टिविटी को लेकर जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर भारतनेट कार्यक्रम के तहत वित्तीय वर्ष 2025–26 में कार्यालय नियंत्रक संचार लेखा, छत्तीसगढ़ दूरसंचार परिमंडल, रायपुर द्वारा आयोजित किया गया।


उल्लेखनीय है कि समृद्ध ग्राम योजना के अंतर्गत प्रत्येक ब्लॉक में एक आदर्श ग्राम पंचायत को “समृद्ध ग्राम पंचायत” के रूप में विकसित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसी क्रम में भारतनेट परियोजना के माध्यम से देशभर में लगभग 1.50 करोड़ ग्रामीण घरों को फाइबर आधारित इंटरनेट कनेक्शन प्रदान किए जाने का प्रावधान है। योजना में प्राथमिकता के आधार पर शासकीय संस्थानों—विद्यालय, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, आंगनवाड़ी केंद्र तथा पंचायत कार्यालय—को जोड़ा जा रहा है, जिससे डिजिटल सेवाओं का विस्तार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ आधार मिल सके।
शिविर में नोडल अधिकारी श्री टोपेश कुमार साहू, सहायक लेखा अधिकारी तथा श्री के. भार्गवा, सहायक लेखा अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में ग्राम पंचायत खोरपा की सरपंच श्रीमती मीनू ध्रुव, सचिव श्री रमेश कुमार, पंचगण सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों की सहभागिता रही।
इस दौरान ग्रामीणों को समृद्ध ग्राम योजना के उद्देश्यों तथा डिजिटल सेवाओं के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान समय में इंटरनेट भी भोजन, वस्त्र और आवास की तरह एक आवश्यक सेवा बन चुका है। फाइबर टू द होम (एफटीटीएच) कनेक्टिविटी के माध्यम से ग्रामीण घर बैठे ऑनलाइन शिक्षा, ई-गवर्नेंस सेवाएं, डिजिटल भुगतान, सोशल मीडिया आधारित रोजगार, चॉइस सेंटर संचालन, सीसीटीवी निगरानी तथा पंचायत कार्यों के सुचारू संचालन जैसी सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं।
शिविर में यह भी अवगत कराया गया कि भारत सरकार द्वारा फाइबर कनेक्शन के लिए अनुदान (सब्सिडी) उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में किफायती दर पर इंटरनेट सेवाओं का विस्तार संभव हो सके।
कार्यक्रम के दौरान ग्रामवासियों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाते हुए अपने घरों में फाइबर टू द होम कनेक्शन स्थापित करने तथा अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करने का संकल्प व्यक्त किया। अधिकारियों ने विश्वास जताया कि इस पहल से न केवल डिजिटल पहुंच बढ़ेगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
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