



राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुर के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भिलाई के कंप्यूटर विज्ञान एवं अभियांत्रिकी विभाग के सहयोग से “एडवांस्ड टॉपिक्स इन फिनटेक सिक्योरिटी” विषय पर पाँच दिवसीय संकाय विकास कार्यक्रम (FDP) का शुभारंभ 23 फरवरी 2026 को किया गया। यह कार्यक्रम भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एंड सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (भारत सरकार (MeitY) द्वारा ISEA-III पहल के अंतर्गत प्रायोजित है।
कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में साइबर सुरक्षा अनुसंधान एवं विकास, MeitY के निदेशक/वैज्ञानिक डॉ. गौरव गुप्ता उपस्थित रहे। समारोह की गरिमा विशिष्ट अतिथियों — प्रो. समीर बाजपेयी, माननीय निदेशक (प्रभारी), एन आई टी रायपुर; प्रो. श्रीश वर्मा, प्रोफेसर (HAG), एन आई टी रायपुर; तथा डॉ. मीनाक्षी महाजन, निदेशक, फॉरेंसिक सर्विसेज, हिमाचल प्रदेश, शिमला — की उपस्थिति से और भी बढ़ गई। विशेष अतिथि के रूप में आईडीएस प्राइवेट लिमिटेड, पुणे के उपाध्यक्ष श्री अमित चंद्रा भी कार्यक्रम में सम्मिलित हुए।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ, जो ज्ञान के प्रकाश का प्रतीक है। इसके पश्चात राष्ट्रगीत प्रस्तुत किया गया। डॉ. राकेश त्रिपाठी ने स्वागत उद्बोधन देते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा एवं उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने तीव्र गति से विकसित हो रहे फिनटेक पारितंत्र की सुरक्षा हेतु सुदृढ़ साइबर सुरक्षा ढाँचे की आवश्यकता पर बल दिया तथा अकादमिक संस्थानों, उद्योग एवं सरकारी निकायों के बीच समन्वय और सहयोग के महत्व को रेखांकित किया।
उद्घाटन सत्र का समापन डॉ. चंद्रशेखर जटोथ द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों, विशेष अतिथि एवं सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का औपचारिक समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
प्रथम दिवस पर दो तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। प्रथम सत्र श्री अमित चंद्रा द्वारा प्रस्तुत किया गया, जिसमें उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) एवं ब्लॉकचेन प्रौद्योगिकियों, उनके एकीकरण, सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्रों में अपनाने की चुनौतियों, ई-गवर्नेंस अनुप्रयोगों तथा ब्लॉकचेन आधारित आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन प्रणालियों पर विस्तृत चर्चा की।
द्वितीय सत्र श्री सुनील येदावल्लि द्वारा “पावर, प्राइवेसी एंड प्रोटेक्शन ऑफ डेटा” विषय पर प्रस्तुत किया गया। उन्होंने डेटा प्रौद्योगिकियों के विकास, केंद्रीकृत एवं विकेंद्रीकृत नेटवर्क मॉडल, इंडस्ट्री 4.0 से जुड़ी चिंताओं तथा एआई-संचालित वित्तीय धोखाधड़ी के बढ़ते जोखिमों पर प्रकाश डाला।
प्रथम दिवस सक्रिय सहभागिता एवं सारगर्भित चर्चाओं के साथ संपन्न हुआ, जिसने आगामी सत्रों के लिए एक सशक्त शैक्षणिक आधार स्थापित किया।








