



Raipur chhattisgarh VISHESH राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर के कंप्यूटर विज्ञान एवं अभियांत्रिकी विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला “एआई-ड्रिवन एग्रीटेक एवं फिनटेक विद ब्लॉकचेन फॉर सिक्योर डिजिटल फाइनेंस (AIAF-BSDF 2026)” का सफल समापन 30 जनवरी 2026 को आयोजित समापन समारोह के साथ हुआ। यह कार्यशाला 29 से 30 जनवरी 2026 तक आयोजित की गई, जिसमें कृषि एवं डिजिटल वित्त के क्षेत्र में उभरती प्रौद्योगिकियों के अनुप्रयोग पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया।
सबसे पहले डॉ. प्रीति चंद्रकर ने दो दिन की वर्कशॉप के दौरान हुई मुख्य गतिविधियों जानकारी प्रस्तुत की।समापन सत्र में डॉ. एस. सान्याल, डीन, कॉरपोरेट रिलेशंस एंड रिसोर्स मोबिलाइजेशन, एनआईटी रायपुर मुख्य अतिथि के रूप में तथा डॉ. देबासिस दास, एसोसिएट प्रोफेसर, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) जोधपुर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। सत्र में संकाय सदस्य, शोधकर्ता, विद्यार्थी तथा उद्योग और अकादमिक जगत से जुड़े प्रतिभागियों ने सहभागिता की। कार्यशाला का समन्वयन डॉ. प्रीति चंद्राकर एवं डॉ. के. जयराम नाइक, सहायक प्राध्यापक, एनआईटी रायपुर द्वारा किया गया।

मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए डॉ. एस. सान्याल ने राज्य की अर्थव्यवस्था में कृषि के महत्व को रेखांकित किया और बताया कि राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का लगभग 40 से 45 प्रतिशत हिस्सा कृषि पर निर्भर है। उन्होंने वर्षा-आधारित खेती, मानसून में विलंब तथा भूजल के अत्यधिक दोहन जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए प्रभावी एग्रीटेक एवं फिनटेक समाधानों के विकास की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने यह भी कहा कि यद्यपि तकनीकी समाधान धीरे-धीरे ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुँच रहे हैं, किंतु किसानों का विश्वास अर्जित करना अभी भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।
डॉ. देबासिस दास ने विदेशों में विकसित प्रौद्योगिकी-आधारित कृषि समाधानों के अनुभव साझा किए, जिन्हें आईबीआईटीएफ जैसे मंचों पर प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने कहा कि कई समाधान भारतीय किसानों की आवश्यकताओं को स्थानीय परिस्थितियों के कारण पूरी तरह संतुष्ट नहीं कर पाते। यद्यपि इनका उद्देश्य किसानों और खाद्य प्रणालियों को लाभ पहुँचाना है, फिर भी किसानों के साथ प्रभावी रूप से जुड़ाव स्थापित करना एक चुनौती है।
सत्र के दौरान प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए तथा कार्यशाला की तकनीकी गहराई, प्रासंगिकता और सुव्यवस्थित आयोजन की सराहना की। अंत में डॉ. के. जयराम नायक ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए कार्यक्रम के सफल आयोजन की प्रशंसा की तथा सुरक्षित एवं पारदर्शी डिजिटल प्रणालियों के निर्माण में ब्लॉकचेन प्रौद्योगिकी के महत्व को रेखांकित किया।








