

भारत की प्राथमिकताएँ लीडर्स डिक्लेरेशन में प्रतिबिंबित (हिंदी अनुवाद)
- भारत ने दक्षिण अफ्रीका में आयोजित G20 शिखर सम्मेलन के लीडर्स डिक्लेरेशन में भारतीय G20 अध्यक्षता के प्रमुख परिणामों को प्रतिध्वनित कराने में सफलता पाई। साथ ही ग्लोबल साउथ के मुद्दों और प्राथमिकताओं को भी सुनिश्चित रूप से शामिल कराया। भारत के दृष्टिकोण से मुख्य बिंदु निम्नानुसार हैं—
- आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों की कड़ी निंदा की गई है। [पैरा 6]
- प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर की परिवर्तनकारी क्षमता को रेखांकित किया गया है। साथ ही नई दिल्ली के उन संकल्पों को दोहराया गया है जिनमें डिजिटल और उभरती प्रौद्योगिकियों, विशेषकर AI (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) की क्षमता का उपयोग शामिल है। सुरक्षित, संरक्षित और विश्वसनीय AI के विकास, उपयोग और तैनाती को पुनः पुष्टि की गई है। [पैरा 45]
- महिलाओं और लड़कियों के सशक्तिकरण के लिए मजबूत भाषा अपनाने पर जोर दिया गया और भारत की G20 अध्यक्षता के एक प्रमुख परिणाम महिला-नेतृत्वित विकास को प्रोत्साहित किया गया। [पैरा 101]
- आपदा लचीलापन और प्रतिक्रिया को मजबूत करना दक्षिण अफ्रीका की अध्यक्षता की प्रमुख प्राथमिकता है। भारत की अध्यक्षता के दौरान शुरू किए गए आपदा जोखिम न्यूनीकरण कार्यसमूह के परिणामों को इस घोषणा में पुनः सुदृढ़ किया गया है। इसके अलावा, आपदा-रोधी अवसंरचना गठबंधन (CDRI) को भी मान्यता दी गई है। [पैरा 9]
- खाद्य सुरक्षा के संदर्भ में दक्कन उच्च-स्तरीय सिद्धांतों को पुनः सुदृढ़ किया गया है। [पैरा 39]
- स्वास्थ्य के क्षेत्र में, पारंपरिक और पूरक चिकित्सा की भूमिका को मान्यता दी गई है, जो नई दिल्ली लीडर्स डिक्लेरेशन की प्रतिध्वनि है। [पैरा 104]
- जलवायु वित्त पर सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक दर्ज की गई। पिछले वर्ष की तुलना में अधिक महत्वाकांक्षी भाषा अपनाई गई। घोषणा में यह मान्यता दी गई है कि विकासशील देशों की राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान (NDCs) को लागू करने की जरूरतें पूर्व-2030 अवधि के लिए 5.8–5.9 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर के बीच अनुमानित हैं। [पैरा 94 और 95]
सतत उत्पादन–खपत पैटर्न अपनाने और “लाइफस्टाइल फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट (LiFE)” को मुख्यधारा में लाने के महत्व को भी रेखांकित किया गया है। [पैरा 26] - भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में सुधार के लिए आह्वान को भी आगे बढ़ाया, ताकि इसमें बेहतर प्रतिनिधित्व सुनिश्चित हो सके। [पैरा 83]
- इसके अलावा, नई दिल्ली लीडर्स डिक्लेरेशन की भाषा विभिन्न अन्य मुद्दों पर इस दस्तावेज़ में प्रतिबिंबित होती है।









