
Raipur chhattisgarh VISHESH राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग रायपुर की अध्यक्ष वर्णिका शर्मा के नेतृत्व में कुछ दिन पहले सर्किट हाउस दर्ग में बाल अधिकारों की सुरक्षा एवं संवर्धन को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस विभाग, शिक्षा विभाग, श्रम विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में आल श्रम, किशोर न्याय बच्चों की नशे की आदतों तथा मूलभूत सुविधाओं जैसे विषयों पर गहन विचार-विमर्श और कार्ययोजना बनाई गई। उन्होंने कहा हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि तथ होगी जब एक भी बाल श्रमिक ना मिलें।
उन्होंने कहा कि बाल श्रम समाज के लिए कलंक है और इसे जड़ से खत्म करने के लिए सभी विभागों को प्रणाली लागू करने के निर्देश दिए, जिसके तहत बाल श्रमिक पाए जाने उनके पुनर्वास परिवार को रोजगार और आर्थिक सहायता जैसे कार्य त्वरित रूप से एक ही स्थान से संपादित हो सकें।

नशा मुक्ति और किशोर न्याय पर गंभीर चर्चा
बच्चों में बहती नशे की प्रवृत्ति को गंभीरता से लेते हुए, नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र की स्थापना पर विचार किया गया। साथ ही दुर्ग जिले में किशोर न्याय अधिनियम 2015 (संशोधित 2021) के अंतर्गत लधित 198 प्रकरणों की समीक्षा की गई। पुलगांच स्थित बाल संप्रेक्षण गृह कर निरीक्षण भी किया गया, जहाँ बच्चों के साथ मिलकर संवाद किया।
फ्रेंडली रेस्क्यू और पुनर्वास पर जौर
रेस्क्यू के दौरान बाल श्रमिक बच्चों से मित्रवत व्यवहार रखने और उनकी पारिव्हरिक स्थिति को समझते समझते हुए सहयोगात्मक दृष्टिकोण अपनाने का आग्रह किया गया। साथ ही बाल श्रमिकों के पुनर्वास के साथ-साथ उनके परिवारों को स्थायी रूप से आजीविका योजनाओं से जोडने की बात कही गई। बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि सभी सासकीय संस्थाओं में पेयजल, बिजली, शौचालय और साफ-सफाई जैसी मूलभूत सुविधाएं अनिवार्य रूप से होनी चाहिए। ‘हाइजीन पर हल्ला बोल’ जैसे जागरूकता कार्यक्रमों को बढ़ावा देने को कहा।






















