Author: Manpreet Singh

राज्यपाल ने किया 26वीं राज्य स्तरीय सब-जूनियर एवं कैडेट जूडो चौम्पियनशिप का शुभारंभ रायपुर, 09 अक्टूबर 2026 राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा कि जूडो केवल एक खेल नहीं, बल्कि साहस, आत्मसंयम, अनुशासन और आत्मविश्वास विकसित करने का सशक्त माध्यम है। यह विपरीत परिस्थितियों में धैर्य और संतुलन के साथ चुनौतियों का सामना करना सिखाता है। विशेषकर बालिकाओं के लिए जूडो आत्मरक्षा और मानसिक मजबूती का महत्वपूर्ण आधार है। राज्यपाल श्री डेका आज सरकंडा स्थित खेल परिसर में 26वीं राज्य स्तरीय सब-जूनियर एवं कैडेट जूडो चौम्पियनशिप-2026 का शुभारंभ कर रहे थे। उन्होंने प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए बालक-बालिका खिलाड़ियों…

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कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग की बड़ी पहल, चार संस्थाओं के साथ एमओयू टीसीएस, अडानी समूह और नांदी फाउंडेशन के सहयोग से युवाओं को मिलेगा आधुनिक तकनीक एवं रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण आईटीआई और पॉलिटेक्निक में शुरू होंगे नए पाठ्यक्रम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग पर विशेष जोर पॉलिटेक्निक संस्थानों की गुणवत्ता सुधारने के लिए क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया से कराया गया थर्ड पार्टी मूल्यांकन रायपुर, 09 अक्टूबर 2026 छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश के युवाओं को बेहतर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने और उन्हें उद्योगों की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप दक्ष बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। राज्य सरकार…

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मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना बनी सहारा, बेंगलुरु में होगा ऋतिक का बोन मैरो ट्रांसप्लांट मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया में परिजनों ने लगाई थी मदद की गुहार, आर्थिक सहायता मिलने से महंगे इलाज की राह हुई आसान रायपुर, 09 अक्टूबर 2026 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की संवेदनशील पहल से जशपुर जिले के गंभीर बीमारी से जूझ रहे 10 वर्षीय ऋतिक यादव के बेहतर उपचार की राह आसान हो गई है। मुख्यमंत्री ने ऋतिक के बोन मैरो ट्रांसप्लांट सहित आवश्यक उपचार के लिए मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के अंतर्गत 18 लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की है। इस…

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मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप के द्वितीय बैच के 36 युवाओं से मुख्यमंत्री ने किया आत्मीय संवाद मुख्यमंत्री ने साझा किए अपने संघर्ष, जनसेवा और सार्वजनिक जीवन के अनुभव, युवाओं को दिया निष्ठा और संवेदनशीलता से कार्य करने का मंत्र आईआईएम रायपुर में प्रशिक्षण और जिलों में मैदानी अनुभव से शासन की कार्यप्रणाली समझेंगे युवा फेलो शिक्षा, कौशल, आधुनिक तकनीक और रोजगार के अवसरों से युवाओं को सशक्त बना रही राज्य सरकार निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारकर युवाओं के लिए रोजगार के अधिक अवसर सृजित करना हमारा लक्ष्य : मुख्यमंत्री श्री साय जो भी दायित्व मिले, उसे पूरी निष्ठा और ईमानदारी…

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय साइबर जागृति अभियान एवं ट्रैफिक हैकाथॉन-2026 के अभिनंदन समारोह में हुए शामिल सात सप्ताह के साइबर जागृति अभियान में 5 लाख से अधिक कार्यक्रम, 1.70 करोड़ लोगों तक पहुंचा जागरूकता का संदेश मुख्यमंत्री ने कहा – साइबर जागृति अभियान का समापन नहीं, यह एक शुरुआत है; निरंतर जारी रहेगा अभियान साइबर अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई से एफआईआर में कमी और ठगी की राशि की रिकवरी दर में वृद्धि : उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा साइबर जागरूकता के लिए अभिनव पहल करने वाले जिलों और ट्रैफिक हैकाथॉन के विजेताओं का हुआ सम्मान रायपुर 9 अक्टूबर 2026 डिजिटल…

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सेवा, सुशासन और जनकल्याण के 25 वर्ष देश के लिए प्रेरणादायी : मुख्यमंत्री विकसित भारत के निर्माण में छत्तीसगढ़ निभाएगा महत्वपूर्ण भूमिका नक्सलवाद के अंत के साथ बस्तर में खुल रहे विकास और समृद्धि के नए द्वार महतारी वंदन से महिलाओं को आर्थिक संबल : किसानों की समृद्धि और गरीबों के पक्के आवास के लिए प्रतिबद्ध है सरकार मुख्यमंत्री सेवा संकल्प कॉन्क्लेव में हुए शामिल, विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिभाओं और विशिष्टजनों को किया सम्मानित रायपुर, 9 अक्टूबर 2026 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज रायपुर में समाचार चैनल एशियन न्यूज द्वारा आयोजित ‘सेवा संकल्प कॉन्क्लेव–जनसेवा का संकल्प, छत्तीसगढ़ का भविष्य’…

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नया रायपुर, 8 अक्टूबर 2026: अरण्य भवन, नया रायपुर में 7 अक्टूबर को आयोजित रचनात्मक प्रतियोगिताओं और 8 अक्टूबर के पुरस्कार समारोह ने विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को वन्यजीव संरक्षण से जोड़ा। देशभर में 2 से 8 अक्टूबर तक मनाए गए वन्यजीव सप्ताह 2026 का समापन गुरुवार को छत्तीसगढ़ वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अरण्य भवन स्थित दंडकारण्य सभागार में वन्यजीव संरक्षण महोत्सव एवं पुरस्कार समारोह के साथ हुआ।यह आयोजन रायपुर वन मंडल, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा कलिंगा विश्वविद्यालय के हरित समूह एवं प्राणीशास्त्र विभाग के सहयोग से किया गया। “जुड़ते प्राकृतिक आवास, फलते-फूलते…

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कंवर समाज ने सांस्कृतिक विरासत को सहेजकर नई पीढ़ी के सामने प्रस्तुत किया अनुकरणीय उदाहरण जनजातीय समाज की शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आर्थिक सशक्तीकरण के लिए प्रतिबद्ध है हमारी सरकार : मुख्यमंत्री श्री साय करमा परब महोत्सव में मुख्यमंत्री ने समाजजनों को दी शुभकामनाएं : युवाओं से शिक्षा, नशामुक्ति और सामाजिक एकजुटता का किया आह्वान कंवर समाज के सामाजिक भवनों एवं सांस्कृतिक मंच के लिए 90 लाख रुपए तथा राजधानी में प्रतिवर्ष करमा महोत्सव के आयोजन के लिए 10 लाख रुपए देने की घोषणा रायपुर, 9 अक्टूबर 2026 करमा तिहार हमारी समृद्ध जनजातीय संस्कृति, परंपरा, आस्था और प्रकृति के प्रति…

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केंद्रीय राज्यमंत्री श्री तोखन साहू की संवेदनशीलता और दूरदर्शिता से हटीं नीतिगत बाधाएं; अब देशभर के लाखों विशेष हितग्राहियों का संवरेगा भविष्य Raipur chhattisgarh VISHESH बिलासपुर, 8 अक्टूबर 2026।जब आंखें दुनिया की रोशनी से महरूम हों, तो सिर पर अपनी एक सुरक्षित छत का होना सिर्फ जरूरत नहीं, बल्कि जिंदगी का सबसे बड़ा सहारा बन जाता है। कोटा नगरपालिका के दृष्टिबाधित हितग्राही श्री श्याम सुंदर नामदेव वर्षों से इसी आस में जी रहे थे, लेकिन प्रधानमंत्री आवास योजना की तकनीकी जटिलताएं उनके इस सपने के आगे दीवार बनकर खड़ी थीं। जियो-टैगिंग की अनिवार्य प्रक्रिया और बायोमेट्रिक सत्यापन की शर्तें उनकी…

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Raipur chhattisgarh VISHESH / किरंदुल (छत्तीसगढ़): बस्तर की घने जंगलों वाली पहाड़ियों में बसे दूर-दराज के गावं लोहागांव के निवासियों के लिए किरंदुल तक पहुंचना हमेशा से ही खड़ी और ऊबड़-खाबड़ इलाके से होकर एक कठिन यात्रा रहा है, जिसमें पैदल जाने पर लगभग 11 घंटे लगते हैं ।   अब विकसित की जा रही 7 किलोमीटर सड़क इस स्थिति को पूरी तरह बदल देगी, जिससे संभावित रूप से वाहन द्वारा किरंदुल की यात्रा लगभग एक घंटे तक हो जाएगी । इस सड़क का निर्माण छत्तीसगढ़ वन विभाग द्वारा एनएमडीसी-सीएमडीसी लिमिटेड (एनसीएल) की सहायता से किया जा रहा है । यह सीधे लोहागांव से किरंदुल तक नहीं जाति । इसके बजाय, यह सड़क लोहागांव को डिपॉजिट-11सी कार्यालय से जोड़ेगी और पुरंगल में मौजूदा सड़क नेटवर्क से जुड़ेगी, जहां से सड़कें राज्य राजमार्ग और किरंदुल की ओर जाती हैं । इस कनेक्टिविटी से पारंपरिक रूप से एक मुश्किल ट्रेक को वाहनों के चलने लायक रास्ते में बदला जा सकता है । लोहागांव से सड़क नेटवर्क तक जाने वाला वर्तमान मार्ग वास्तव में ऊबड़-खाबड़, खड़ी चढ़ाई और घने जंगल से होकर गुजरने वाला एक ट्रेकिंग पथ था । मौजूदा सड़क तक पहुंचने के लिए पैदल यात्रा में ही लगभग तीन घंटे लग सकते हैं । नई सड़क बन जाने के बाद, उम्मीद है कि यात्रा के उस हिस्से को मोटरसाइकिल से तय करने में सिर्फ 15 मिनट लगेंगे । 7 किलोमीटर सड़क पर काम पहले ही शुरू हो चुका है, जिसमें से लगभग 2.5 किलोमीटर काम पूरा हो चुका है और शेष 4.5 किलोमीटर पर काम अभी शेष है । हालांकि, इसके लाभ लोहागांव से भी आगे तक पहुंचने की उम्मीद है । यह सड़क दंतेवाड़ा और उससे सटे बीजापुर जिले के क्षेत्रों में फैले अन्य दूरदराज के गांवों के लिए संपर्क में भी सुधार करेगी, जिनमें एंड्री, तमोदी, पुरंगल, गामपुर और बेंगपाल शामिल हैं । इन बस्तियों के निवासियों के लिए, बेहतर कनेक्टिविटी का मतलब बाजारों, स्वास्थ्य देखभाल और अन्य आवश्यक सेवाओं तक आसान पहुंच हो सकता है । जिन ग्रामीणों को वर्तमान में मौजूदा सड़क नेटवर्क तक पहुंचने के लिए जंगल के मुश्किल रास्तों से होकर गुजरना पड़ता है, वे अब अपने घरों के बहुत करीब मोटर चालित सड़कों तक पहुंच सकेंगे । बेहतर कनेक्टिविटी की आवश्यकता विशेष रूप से मेडिकल इमरजेन्सी के समय स्पष्ट होती है । छत्तीसगढ़ सरकार के ‘मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर’ अभियान के तहत हाल ही में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी एक टीम ने बैलाडीला की पहाड़ियों और जंगल से होते हुए लोहागांव तक का सफर तय किया और वहाँ के निवासियों का इलाज किया । इस दौरान लोहागाँव के अलग-थलग होने की बात सामने आई । इसलिए, लोहागांव निवासियों के लिए इस सड़क का प्रभाव सिर्फ यात्रा के समय तक ही सीमित नहीं होगा । किरंदुल की जो यात्रा वर्तमान में पैदल तय करने में लगभग 11 घंटे लगते हैं, नई कनेक्टिविटी पूरी होने के बाद वाहन द्वारा लगभग एक घंटे में पूरी की जा सकेगी । इस सड़क से ग्रामीणों के लिए वन-उत्पादों को बाजारों में ले जाने और घर की जरूरत का सामान लेकर लौटना आसान हो जाएगा, जिससे वर्तमान में एक कठिन यात्रा में लगने वाली शारीरिक मेहनत और समय की बचत होगी । इस परियोजना को राज्य वन विभाग द्वारा एनसीएल की सहायता से निष्पादित किया जा रहा है । चूंकि रास्ता वन भूमि से होकर गुजरता है, इसलिए परियोजना में वन विभाग की अपेक्षित अनुमतियां और प्रक्रियाएं शामिल हैं । यह सड़क गांवों के एक समूह के लिए एक व्यापक परिवर्तन का प्रतीक भी है, जो इलाके की बनाबाट के कारण बाकी जगहों से कटे हुए थे । लोहागांव को डिपॉजिट-11सी इलाके और पुरंगल में पहले से मौजूद सड़क नेटवर्क से जोड़कर, यह परियोजना कई दूर-दराज की बस्तियों को बेहतर परिवहन नेटवर्क से जोड़ सकता है । हालाँकि, लोहागांव के लोगों के लिए सबसे वास्तविक परिवर्तन शायद सबसे सरल ही होता है । किरंदुल तक 11घंटे की यात्रा, जल्द ही वाहन द्वारा लगभग एक घंटे की यात्रा बन सकती है – जबकि मौजूदा सड़क तक पहुंचने के लिए तीन घंटे की यात्रा 15 मिनट मोटरसाइकिल की सवारी बन सकती है । बस्तर के एक दूर-दराज इलाके में, यह अंतर रोजमर्रा की जिंदगी में कनेक्टिविटी के मायने को नए सिरे से परिभाषित कर सकती है ।

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