
कैट सी.जी. चैप्टर प्रे.वि. क्र./05/07/2025-26 दिनांकः- 12.07.2025
कैट टीम ने माननीय वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी जी से मुलाकात कर ई-वे बिल संबंधित आदेश के कारण व्यापारियों को उत्पन्न हो रही गम्भीर समस्याओं के संबंध में आदेश को तत्काल प्रभाव से वापसी हेतु अनुरोध किया – कैट
Raipur chhattisgarh VISHESH देश के सबसे बड़े व्यापारिक संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय वाइस चेयरमैन एवं सदस्य – राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड (भारत सरकार) श्री अमर पारवानी, प्रदेश एग्जीक्यूटिव चेयरमैन जितेंद्र दोषी, प्रदेश अध्यक्ष परमानंद जैन, प्रदेश महामंत्री सुरिंदर सिंह एवं प्रदेश कोषाध्यक्ष अजय अग्रवाल ने बताया कि आज कैट के राष्ट्रीय वाइस चेयरमैन एवं सदस्य – राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड (भारत सरकार) श्री अमर पारवानी के नेतृत्व में कैट का प्रतिनिधी मंडल माननीय वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी जी से मुलाकात कर ई-वे बिल संबंधित आदेश के कारण व्यापारियों को उत्पन्न हो रही गम्भीर समस्याओं के संबंध में आदेश को तत्काल प्रभाव से वापसी हेतु अनुरोध किया।

कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय वाइस चेयरमैन एवं सदस्य – राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड (भारत सरकार) श्री अमर पारवानी ने बताया कि दिनांक 11-07-2025 को जारी छ.ग. शासन द्वारा जारी आदेश के तहत राज्य में ई-वे बिल की जांच की प्रक्रिया को सघन एवं कठोर कर दिया गया है, जिसके कारण राज्य के व्यापारी समुदाय में गहरी चिंता है। इस आदेश का व्यापार, लॉजिस्टिक्स और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। यह निर्णय व्यवहारिक दृष्टि से व्यापार के हित में नहीं है और इससे व्यापक स्तर पर व्यापार में व्यवधान उत्पन्न हो रहा है।
श्री पारवानी ने आगे बताया कि दिनांक 11.07.2025 को जारी आदेश के तहत व्यापारियों को आ रही कुछ वास्तविक और महत्वपूर्ण समस्याएँ हैं जो निम्नानुसार हैं :-
- त्योहार एवं सीजन का दबाव :- वर्तमान में राखी, गणेशोत्सव और आगामी त्योहारी सीजन के कारण व्यवसाय की चरमगति विधि का समय है। इस समय ऐसे सख्त प्रावधान लागू करना न केवल व्यापार की वृद्धि को रोकता है, बल्कि रोजगार पर भी प्रभाव डालता है।
- निर्दोष व्यापारियों के उत्पीड़न की आशंका :- जाँच के दौरान जांच अधिकारियों द्वारा विवेकाधीन शक्ति का दुरुपयोग कर निर्दोष व्यापारियों को परेशान करने की घटनाएँ सामने आ सकती हैं, जिससे व्यापारी वर्ग भयभीत है और व्यापार करने का वातावरण बाधित हो रहा है।
- सप्लाई चेन में देरी : – मालवाहनों की लंबी कतारें और चेकिंग में लगने वाला समय सप्लाई चेन में अत्यधिक देरी उत्पन्न होंगी, जिससे व्यापारिक अनुबंध प्रभावित होंगे और आर्थिक नुकसान होंगे।
- सबसे अधिक चिंता का विषय यह है कि अधिकारियों को वाहन डिटेंशन के लिए ’लक्ष्य’ (target) दिए गए हैं। वाहन रोकने का कार्य कभी भी लक्ष्य आधारित नहीं हो सकता। इसका उद्देश्य केवल कानून अनुपालन सुनिश्चित करना होना चाहिए, न कि व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों को परेशान करना।
- राजस्व पर नकारात्मक प्रभाव : – व्यापारी वर्ग के बीच इस आदेश के कारण असंतोष बढ़ने से कर अनुपालन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है, जो राज्य के राजस्व संग्रह को भी प्रभावित करेगा।
श्री पारवानी ने आगे बताया कि कैट ने इस संबंध में माननीय वित्त मंत्री से इन सभी बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए, विनम्र अनुरोध किया कि 1. दिनांक 11.07.2025 के उक्त आदेश को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए। 2. जांच अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए जाएं कि वे किसी भी व्यापारी या वाहन चालक के साथ अनुचित व्यवहार या उत्पीड़न न करें। 3. केवल वास्तविक, संदेहास्पद मामलों में ही जांच की जाए, ताकि ईमानदार व्यापारियों को बेवजह परेशान न किया जाए। 4. व्यापारी संगठनों से संवाद कर एक संयमित, व्यवहारिक व पारदर्शी नीति तैयार की जाए जिससे व्यापार भी सुरक्षित रहे और विधिसम्मत जांच भी सुनिश्चित हो सके।
माननीय वित्तमंत्री जी से मुलाकात में कैट एवं युवा कैट के पदाधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे :- अमर पारवानी, परमानन्द जैन, भरत जैन, अवनीत सिंह, जयराम कुकरेजा, मुकेश मोटवानी, प्रीतपाल सिंह बग्गा, मोहन वर्ल्यानी, नवीन शर्मा, श्रवण विश्नोई, संजय भारद्वाज, देवीलाल शर्मा नागेन्द्र तिवारी, भरत भूषण गुप्ता, हरसुख पटेल, शैलेन्द्र शुक्ला एवं मोहित रामानी।
धन्यवाद
सुरिन्द्रर सिंह
प्रदेश महामंत्री
7000147979





















