

Raipur chhattisgarh VISHESH छत्तीसगढ़ के माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन एवं जनसेवा की प्रतिबद्धता के अनुरूप सुशासन तिहार 2025 के तहत प्राप्त शिकायतों एवं आवेदनों के समाधान तथा जल जीवन मिशन के अंतर्गत स्थापित सौर संयंत्रों की कार्यशीलता की गहन समीक्षा हेतु तीसरी उच्च स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक छत्तीसगढ़ अक्षय ऊर्जा विकास प्राधिकरण (क्रेडा) के सभागार में आयोजित हुई, जिसकी अध्यक्षता क्रेडा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री राजेश सिंह राणा ने की।
इससे पूर्व इस विषय पर दो बार क्रेडा के अध्यक्ष एवं क्रेडा के सी.ई.ओ. की अध्यक्षता में विस्तृत बैठकें हो चुकी हैं, जिनमें अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए थे। आज की बैठक इन निर्देशों की अनुपालना की समीक्षा एवं कार्यों की प्रगति का फॉलो-अप थी।

सघन दौरा कर संयंत्रों को कार्यषील कराये जाने के दिये निर्देष
क्रेडा सी.ई.ओ. श्री राजेष सिंह राणा द्वारा बैठक में उपस्थित सभी अधिकारियों को निर्देषित किया गया कि सभी जोनल अधिकारी व उनके अधीनस्थ जिला कार्यालयों के प्रभारी अधिकारी अपने क्षेत्रों में स्थापित समस्त संयंत्रों विषेषकर जल जीवन मिषन अंतर्गत स्थापित संयंत्रों के कार्यषीलता का सतत् रूप से निरीक्षण करें ताकि किसी भी स्थिति में ग्रामीणों को पेयजल आपूर्ति में बाधा ना हो।
🔎 जल जीवन मिशनः कार्यशीलता की समीक्षा और ठोस निर्देश
बैठक की शुरुआत जल जीवन मिशन के अंतर्गत स्थापित सौर संयंत्रों की ग्राउंड रिपोर्ट के प्रस्तुतीकरण से हुई। इस रिपोर्ट में संयंत्रों की वर्तमान स्थिति, कार्यशीलता प्रतिशत, वारंटी की स्थिति, मरम्मत प्रक्रियाएँ एवं आवश्यक सामग्रियों की उपलब्धता को प्रमुखता से दर्शाया गया।
सीईओ श्री राणा ने स्पष्ट शब्दों में कहा :
“जनता को निर्बाध रूप से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर लापरवाही सहन नहीं की जाएगी।“
सघन दौरा कर संयंत्रों को कार्यषील कराये जाने के दिये निर्देष
क्रेडा सी.ई.ओ. श्री राजेष सिंह राणा द्वारा बैठक में उपस्थित सभी अधिकारियों को निर्देषित किया गया कि सभी जोनल अधिकारी व उनके अधीनस्थ जिला कार्यालयों के प्रभारी अधिकारी अपने क्षेत्रों में स्थापित समस्त संयंत्रों विषेषकर जल जीवन मिषन अंतर्गत स्थापित संयंत्रों के कार्यषीलता का सतत् रूप से निरीक्षण करें ताकि किसी भी स्थिति में ग्रामीणों को पेयजल आपूर्ति में बाधा ना हो।
उन्होंने अधिकारियों को दिए स्पष्ट निर्देशः
वारंटी अवधि में यदि एजेंसी मरम्मत नहीं करती है तो सुरक्षा निधि का उपयोग कर तत्काल मरम्मत कराई जाए, तत्संबंधी प्रस्ताव तत्काल ही उपलब्ध कराने के निर्देष सभी जोनल अधिकारियों को दिये गये।
वारंटी समाप्त हो चुकी संयंत्रों के लिए जिला प्रशासन से समन्वय कर आवश्यक फंडिंग की व्यवस्था की जाए।
मरम्मत कार्यों की डिजिटल रिपोर्टिंग की जाए, जिसमें स्थिति विवरण, लागत, फ़ोटो दस्तावेज़ शामिल हों, और इन्हें तत्काल प्रधान कार्यालय भेजा जाए।
⚙️ सामग्री आपूर्ति एवं संयंत्र पुनः क्रियान्वयन पर विशेष बल
बैठक में यह भी उल्लेख किया गया कि क्रेडा द्वारा पूर्व में पंप, कंट्रोलर, सोलर मॉड्यूल, केबल आदि उपकरणों की आपूर्ति हेतु कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं। श्री राणा ने अधिकारियों से यह जानकारी ली कि इन सामग्रियों की कितनी मात्रा प्राप्त हुई है, उनका भौतिक वितरण कहां-कहां हुआ, और संयंत्रों में इनकी स्थापना की स्थिति क्या है।
ली नवाचार की जानकारी :
क्रेडा सी.ई.ओ. ने प्रदेष के विभिन्न जिलों में क्रेडा द्वारा किये गये नवाचारों के संबंध में भी जानकारी प्राप्त किया एवं बैठक में उपस्थित सभी अधिकारियों को निर्देषित किया कि अपने क्षेत्रों में नवाचार करते हुए क्रेडा की योजनाओं का क्रियान्वयन किया जाना सुनिष्चित करें एवं अब तक किये गये नवाचारों की विस्तृत जानकारी से क्रेडा के प्रधान कार्यालय को अवगत कराएं।
उन्होंने निर्देशित किया कि अधिकतम पाँच दिनों के भीतर सभी संयंत्रों में आवश्यक सामग्रियाँ स्थापित कर उन्हें कार्यशील बनाना अनिवार्य है। यह सभी संबंधित अधिकारियों की कार्यदक्षता का प्रत्यक्ष मापदंड होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि जिन जिलों में अब तक सामग्री स्थापित नहीं हो पाई है, वहाँ की ’’अलग से समीक्षा’’ की जाएगी और संबंधित ’’जिम्मेदारियों को चिन्हित कर उत्तरदायित्व तय’’ किया जाएगा।
📝 लगातार सप्ताहों में तीसरी समीक्षा बैठकः निरंतरता और उत्तरदायित्व की नई पहल
इस बैठक को क्रेडा के निरंतर सुधार एवं सेवा गुणवत्ता में पारदर्शिता लाने की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है। यह तीसरी बैठक थी, जिसमें पिछले दो बैठकों के निर्देशों पर फॉलो-अप कार्यवाही और समग्र प्रगति की समीक्षा की गई।
बैठक में राज्यभर के जोनल अधिकारी वर्चुअली एवं प्रधान कार्यालय के अधिकारी भौतिक रूप से उपस्थित रहे।
बैठक का समापन इस बात पर हुआ कि आगामी सप्ताह में पुनः एक विस्तृत समीक्षा की जाएगी जिसमें ग्राउंड स्थिति, क्रियान्वयन की गुणवत्ता और जनता से प्राप्त फीडबैक को प्राथमिकता दी जाएगी।





















