

समलवार, भांसी, बड़े बचेली, धुरली, पाधापुर, नेरली सहित 10 ग्राम पंचायतों में आयोजित चिकित्सा शिविरों से आदिवासी समुदाय को मिल रहा लाभ
Raipur chhattisgarh VISHESH /हैदराबाद, 20 जून 2026। देश की अग्रणी खनन कंपनी एनएमडीसी अपने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) कार्यक्रमों के माध्यम से आसपास के ग्रामीण एवं आदिवासी समुदायों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। स्वास्थ्य, शिक्षा और आजीविका जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में किए जा रहे प्रयासों के क्रम में कंपनी द्वारा दंतेवाड़ा क्षेत्र की विभिन्न ग्राम पंचायतों में समुदाय स्वास्थ्य जागरूकता एवं स्वास्थ्य सेवा पहुंच कार्यक्रम के तहत निःशुल्क चिकित्सा शिविरों का सफल आयोजन किया जा रहा है।
इस पहल के अंतर्गत 19 मई से ग्राम पंचायत भांसी, बड़े बचेली, धुरली, पाड़ापुर, नेरली, दुगेली, गंजेनार, मसेनार, मोलसनार एवं कमलूर में स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए गए, जिनमें सैकड़ों ग्रामीणों ने स्वास्थ्य परीक्षण एवं परामर्श सेवाओं का लाभ उठाया। लाभार्थियों में अधिकांश संख्या अनुसूचित जनजाति (एसटी) समुदाय से संबंधित ग्रामीणों की रही। एनएमडीसी की यह स्वास्थ्य सेवा पहल निरंतर जारी है और आने वाले समय में भी अधिक से अधिक गांवों तक पहुंचकर ग्रामीण एवं आदिवासी समुदायों को निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराती रहेगी।
सबसे हालिया चिकित्सा शिविर 19 जून को ग्राम पंचायत कमलूर में आयोजित किया गया, जहां 96 ग्रामीणों को निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की गईं। बैलाडीला क्षेत्र मुख्यतः आदिवासी आबादी वाला दूरस्थ इलाका है, जहां गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं तक नियमित पहुंच एक चुनौती बनी रहती है। ऐसे में एनएमडीसी द्वारा कलेपाल, टिकनपाल, कोडेनार, बेनपाल, कदमपाल, मदाड़ी, हिरोली, गुमियापाल, समलवार, चोलनार, मड़कामिरास एवं पालनार जैसे दूरस्थ गांवों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की यह पहल स्थानीय समुदाय के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित हो रही है।
चिकित्सा शिविरों के दौरान विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा सामान्य स्वास्थ्य जांच, रक्तचाप (बीपी) परीक्षण, रैंडम ब्लड शुगर (आरबीएस) जांच, शरीर के महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संकेतकों का परीक्षण तथा स्वास्थ्य परामर्श प्रदान किया जा रहा है। साथ ही पोषण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, व्यक्तिगत स्वच्छता तथा स्वस्थ जीवनशैली को लेकर जागरूकता सत्र भी आयोजित किए जा रहे हैं। आवश्यकता अनुसार मरीजों को उच्च स्तरीय उपचार हेतु निकटवर्ती स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर किया गया तथा चिकित्सकीय सलाह के अनुसार निःशुल्क दवाइयों का वितरण भी किया जा रहा है।
इन शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों में न केवल स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ रही हैं, बल्कि उच्च रक्तचाप, मधुमेह जैसी गैर-संचारी बीमारियों की प्रारंभिक पहचान भी संभव हो सकी। दूरस्थ गांवों में रहने वाले लोगों को अपने ही क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होने से समय और संसाधनों की बचत हुई तथा नियमित स्वास्थ्य परीक्षण की आवश्यकता के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित हो रहा है।
ग्रामीणों ने एनएमडीसी के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे शिविर विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के लिए अत्यंत लाभकारी हैं, जिन्हें अक्सर चिकित्सा सुविधाओं तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। गांव के निकट ही विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श और दवाइयां उपलब्ध होने से उन्हें बड़ी राहत मिली है।
एनएमडीसी का मानना है कि किसी भी क्षेत्र का वास्तविक और सतत विकास तभी संभव है जब स्थानीय समुदाय स्वस्थ, जागरूक और सशक्त हो। इसी सोच के साथ कंपनी स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने, जन-जागरूकता को मजबूत करने और ग्रामीण एवं आदिवासी समुदायों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए लगातार प्रयासरत है।
उल्लेखनीय है कि ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एनएमडीसी ने हाल ही में जगदलपुर स्थित सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के संचालन हेतु भी वित्तीय सहयोग प्रदान किया है। यह पहल बस्तर क्षेत्र के हजारों लोगों को आधुनिक एवं विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
एनएमडीसी की ये पहलें केवल स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने और स्थानीय समुदायों के साथ विश्वास एवं सहभागिता का मजबूत रिश्ता बनाने की उसकी प्रतिबद्धता को भी दर्शाती हैं।






















