

Raipur chhattisgarh VISHESH / छत्तीसगढ़ के स्कूलों में अब राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत और राज्यगीत के अलावा हिंदू धर्म से जुड़े छह मंत्रों का पाठ और प्रार्थनाएं कराई जाएंगी.
आपको बता दे कि राज्य के शिक्षा विभाग ने इसे नए सत्र से लागू करने के निर्देश जारी किए हैं.

राज्य सरकार के इस आदेश को लेकर विपक्षी दल कांग्रेस ने आपत्ति जताई है और आरोप लगाया है कि सरकार अपने सांप्रदायिक एजेंडे को स्कूली बच्चों पर थोपने की कोशिश कर रही है. स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि हर दिन सुबह स्कूल शुरू होने से पहले प्रार्थना में राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत, दीप मंत्र, सरस्वती वंदना, गुरु मंत्र और महापुरुषों की जीवनी को बोलकर पढ़ा जाएगा.
आदेश के मुताबिक़, दोपहर में भोजन से पहले भोजन मंत्र का पाठ किया जाएगा. शाम को छुट्टी होने से पहले राज्यगीत, गायत्री मंत्र और शांति मंत्र का पाठ किया जाएगा. राज्य सरकार के इस आदेश को लेकर कांग्रेस प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला का आरोप है कि भाजपा सरकार अपने सांप्रदायिक एजेंडे को थोपने की कोशिश कर रही है.
उन्होंने कहा, “स्कूलों में सभी धर्मों, समुदायों और वर्गों के बच्चे शिक्षा ग्रहण करते हैं. ऐसे में किसी विशेष धार्मिक परंपरा से जुड़े मंत्रों को अनिवार्य करना सही नहीं है. सरकार को इस पर फिर से विचार करना चाहिए.”





















