
प्रविष्टि तिथि: 12 JUN 2026 6:47PM by PIB Raipur

‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित ‘युवा संगम’ फेज़-6 के तहत छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात की। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) भिलाई और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस पहल का उद्देश्य देश के विभिन्न राज्यों के युवाओं के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान, राष्ट्रीय एकता और आपसी समझ को सुदृढ़ करना है।


कार्यक्रम में भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग के सचिव श्री विनीत जोशी भी उपस्थित रहे। उन्होंने प्रतिनिधियों से संवाद करते हुए युवाओं को ज्ञान, नवाचार और नेतृत्व के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमंडल ने छत्तीसगढ़ी लोकनृत्य तथा राज्य गीत ‘अरपा पैरी के धार’ की प्रस्तुति देकर राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का परिचय कराया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को उपस्थित गणमान्य अतिथियों और प्रतिभागियों ने सराहा।

संवाद सत्र के दौरान दिल्ली और छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधियों ने अपनी-अपनी यात्राओं के अनुभव साझा किए। दिल्ली के प्रतिभागियों ने छत्तीसगढ़ भ्रमण के दौरान राजभवन, भोरमदेव मंदिर, सिरपुर, राजिम, भिलाई इस्पात संयंत्र तथा अन्य ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के अपने अनुभवों का उल्लेख करते हुए राज्य की समृद्ध परंपराओं, आतिथ्य और विकासात्मक उपलब्धियों की प्रशंसा की।
वहीं, छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधियों ने दिल्ली प्रवास के दौरान उपराज्यपाल कार्यालय में हुई मुलाकातों तथा राष्ट्रपति संग्रहालय, इंडिया गेट, कर्तव्य पथ, अक्षरधाम मंदिर, राष्ट्रीय विज्ञान केंद्र और दिल्ली हाट के भ्रमण को ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक बताया। प्रतिनिधियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर के भारतीय एथलीट तेजस्विन शंकर सहित विभिन्न प्रेरक व्यक्तित्वों से हुई मुलाकातों को भी अपने अनुभवों का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।
युवा प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान ने युवाओं से केवल रोजगार खोजने वाला नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाला बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि उद्यमिता, नवाचार और नेतृत्व 21वीं सदी के भारत की सबसे बड़ी ताकत हैं। युवाओं को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों का उपयोग करते हुए ऐसे उत्पाद और सेवाएं विकसित करनी चाहिए, जो भारत ही नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर भी उपयोगी साबित हों। उन्होंने नवाचार, सहयोग और सामाजिक उत्तरदायित्व के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने युवाओं से अपनी क्षमताओं का पूर्ण उपयोग करने, नवाचार को अपनाने तथा ज्ञान, प्रौद्योगिकी और सतत विकास के क्षेत्र में भारत को वैश्विक नेतृत्व दिलाने की दिशा में योगदान देने का आह्वान किया। कार्यक्रम में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली के उपनिदेशक (ऑपरेशंस) प्रोफेसर अरविंद के. नेमा, शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग के उप सचिव श्री श्रेयांश मोहन, अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन) के विनियमन ब्यूरो के निदेशक श्री नरेश कुमार ग्रोवर, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के सलाहकार श्री सुरेंद्र नाइक, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली की प्रोफेसर यामा दीक्षित, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भिलाई के नोडल अधिकारी डॉ. कृष्ण मुरारी तथा ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ पहल से जुड़े अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
‘युवा संगम’ कार्यक्रम देश के युवाओं के बीच सांस्कृतिक समझ को बढ़ावा देने, राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने और सार्थक संवाद स्थापित करने का प्रभावी मंच बनकर उभर रहा है।





















