


Report manpreet singh
Raipur chhattisgarh VISHESH प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) में हिस्सा लेने के लिए उज़्बेकिस्तान के समरकंद शहर पहुंचे हैं.चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ भी वहाँ मौजूद हैं.

सम्मेलन को लेकर भारत में सबसे ज़्यादा कयास इस बात पर लग रहे हैं कि वहाँ प्रधानमंत्री मोदी और चीनी राष्ट्रपति के बीच अलग से मुलाक़ात होती है या नहीं.दोनों देशों की सेनाओं के बीच अप्रैल 2020 में एलएसी पर हुई तनातनी के बाद से ये पहला मौक़ा है जब मोदी और जिनपिंग एक साथ किसी सम्मेलन में आमने-सामने होंगे.
भारत के विदेश मंत्रालय ने इस बात की पुष्टि की है कि पीएम मोदी की रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी और उज़्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शवकत मिर्ज़ियोयेव से अलग से मुलाक़ात होगी.
मगर चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग से अलग से मुलाक़ात होने के बारे में अभी कुछ भी निश्चित नहीं है.शंघाई सहयोग संगठन या एससीओ का गठन 2001 में छह देशों ने मिलकर किया था. तब चीन और रूस के अलावा मध्य एशिया के चार देश कज़ाक़स्तान, किर्गिज़स्तान, उज़्बेकिस्तान और ताजिकिस्तान इसके सदस्य थे.
संगठन का पहली बार 2017 में विस्तार किया गया, और भारत और पाकिस्तान को शामिल किया गया. अब ईरान भी एससीओ का सदस्य बनने जा रहा है.उज़्बेकिस्तान में शंघाई सहयोग संगठन के शिखर सम्मेलन पहले भी तीन बार हो चुके हैं, मगर ये तीनों सम्मेलन राजधानी ताशकंद में हुए थे. इस साल उज़्बेकिस्तान में पहली बार एससीओ की शिखर बैठक समरकंद में हो रही है.





















