मानवता की सेवा ही बाबा साहेब को सच्ची श्रद्धांजलि: एम्स रायपुर में दो दिवसीय समारोह का समापन
Raipur chhattisgarh VISHESH भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), रायपुर के एससी-एसटी कर्मचारी कल्याण संघ द्वारा भारतीय संविधान के निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती दो दिवसीय गौरवशाली कार्यक्रमों के माध्यम से हर्षोल्लास और एकता के साथ मनाई गई। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य बाबा साहेब के समानता और सेवा के आदर्शों को कार्यस्थल पर आत्मसात करना रहा।

जयंती समारोह का आगाज़ 13 अप्रैल को एम्स के ब्लड सेंटर में आयोजित एक स्वैच्छिक रक्तदान शिविर के साथ हुआ। चिकित्सा अधीक्षक प्रो. (डॉ.) देबेन्द्र त्रिपाठी ने शिविर का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उप निदेशक (प्रशासन) लेफ्टिनेंट कर्नल डी.एस. चौहान ने न केवल मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की, बल्कि स्वयं रक्तदान कर स्वास्थ्यकर्मियों को प्रेरित किया। शिविर में डॉक्टरों और नर्सिंग अधिकारियों सहित 50 से अधिक प्रतिभागियों ने रक्तदान कर समाज सेवा की मिसाल पेश की।


14 अप्रैल को आयोजित मुख्य श्रद्धांजलि कार्यक्रम में डीन (अकादमिक) प्रो. (डॉ.) एली महोपात्रा ने रक्तदाताओं को सम्मानित किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि डॉ. अंबेडकर के समानता और न्याय के सिद्धांतों को अपनाकर ही हम बेहतर रोगी सेवा और सामाजिक प्रगति सुनिश्चित कर सकते हैं।
इस दौरान पं. रविशंकर विश्वविद्यालय के डॉ. वेणुधर रौतिया ने एक ज्ञानवर्धक व्याख्यान के माध्यम से संविधान के अनुच्छेद 14, 19 और 21 की सरल व्याख्या की। कार्यक्रम में प्रो. (डॉ.) अविनाश इंगले, प्रो. (डॉ.) डी.के. त्रिपाठी और डॉ. तुषार भारत जगजापे सहित कई विशेषज्ञों ने भी अपने विचार साझा किए।
संध्या के समय आयोजित सामाजिक समारोह में बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता में बच्चों ने रामाबाई अंबेडकर, सावित्रीबाई फुले और डॉ. अंबेडकर के रूप धरकर उनके व्यक्तित्व को जीवंत कर दिया। साथ ही रंगोली, निबंध और कविता पाठ के जरिए बाबा साहेब के योगदान को याद किया गया।
संघ के सचिव श्री अजय सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। कार्यक्रम की सफलता पर सभी सदस्यों ने एम्स रायपुर के कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ लेफ्टिनेंट जनरल अशोक कुमार जिंदल (सेवानिवृत्त) के प्रति उनके निरंतर मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया।





















