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Raipur chhattisgarh VISHESH राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान(एनआईटी) रायपुर में अंबेडकर जयंती बड़े उत्साह के साथ 14 अप्रैल 2026 को मनाई गई। इस कार्यक्रम का आयोजन संस्थान के राष्ट्रीय सेवा योजना (एन एस एस) टीम द्वारा किया गया | कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में एनआईटी रायपुर के निदेशक डॉ. एन.वी. रमना राव उपस्थित रहे तथा डीन (स्टूडेंट वेलफेयर) डॉ. मनोज चोपकर ने भी अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। इसके अतिरिक्त डॉ संजय कुमार, डॉ एस एन राव, डॉ पवन कुमार मिश्रा, डॉ. मीना मुर्मू, डॉ. गोवर्धन भट्ट, एनएसएस के फैकल्टी इन चार्ज डॉ. तीरथ प्रसाद साहू एवं डॉ. नितेश कुमार भारद्वाज, स्टाफ और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

प्रो. एन. वी. रमना राव ने सभा को संबोधित करते हुए डॉ बी आर अम्बेडकर के भारत के संविधान में महान योगदान और लोकतांत्रिक अधिकारों, सामाजिक न्याय तथा समानता के प्रति उनके दूरदर्शी समर्पण को रेखांकित किया। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे डॉ. आंबेडकर के जीवन से प्रेरणा लें और जीवन के हर क्षेत्र में लोकतांत्रिक मूल्यों को अपनाएँ। डॉ. भीमराव आंबेडकर एक महान समाज सुधारक, अर्थशास्त्री, राजनेता और विधिवेत्ता थे, जो वंचितों की आवाज़ बने। उन्होंने अस्पृश्यता के खिलाफ संघर्ष किया, महिलाओं की मुक्ति का समर्थन किया और सभी के लिए स्वतंत्रता, न्याय तथा संवैधानिक अधिकार सुनिश्चित करने हेतु संविधान निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे एक अत्यंत अध्ययनशील व्यक्ति थे; मुंबई में उनके निजी पुस्तकालय में 50,000 से अधिक दुर्लभ पुस्तकें थीं, जो ज्ञान के प्रति उनकी गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।
इस अवसर पर भारतीय फिल्म प्रभाग द्वारा एक डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन किया गया, जिसमें डॉ. अंबेडकर के जीवन की महत्वपूर्ण घटनाओं को दर्शाया गया। इसमें अस्पृश्यता के विरुद्ध उनका संघर्ष, एक वकील एवं विधिवेत्ता के रूप में उनकी भूमिका, अल्पसंख्यक अधिकारों की वकालत, तथा महिलाओं के सशक्तिकरण एवं शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया।
इसके पश्चात पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया। टीम एनएसएस द्वारा वाद-विवाद, क्विज़, डॉ. अंबेडकर को पत्र और थिंक एक्ट चेंज प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। क्विज़ प्रतियोगिता में अभिजीत कुमार एवं स्वरा, वाद-विवाद में कौशिक एवं जागृति सिंह, तथा पत्र लेखन प्रतियोगिता में शुभम चंद्र एवं जागृति सिंह विजेता रहे।
कार्यक्रम का समापन डॉ. तीरथ प्रसाद द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। यह आयोजन डॉ. अम्बेडकर के समानता, न्याय और लोकतांत्रिक मूल्यों के सिद्धांतों को पुनः स्मरण कराने वाला एक सार्थक प्रयास सिद्ध हुआ।





















