Raipur chhattisgarh VISHESH केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री श्री नित्यानंद राय ने वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा संबंधी बुनियादी ढांचे से संबंधित योजना के बारे में आज लोकसभा में पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि मोदी सरकार ने वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ एक समग्र और प्रभावी ठोस नीति बनाई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के सक्षम नेतृत्व और केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी के मार्गदर्शन में सरकार ने वामपंथी उग्रवाद के उन्मूलन के लिए प्रभावी कदम उठाए हैं और इसके बहुत अच्छे परिणाम आए हैं।
केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री श्री नित्यानंद राय के जवाब के प्रमुख बिन्दु

वामपंथी उग्रवादी को न तो भारत के संविधान में विश्वास है, न ही भारत के लोकतंत्र में विश्वास है। भारत राष्ट्र के संस्थापक सिद्धांतों पर इनको कोई भरोसा नहीं है।
इन वामपंथी उग्रवादियो ने हजारो-हजार निर्दोष लोगों की हत्या की है। हजारों बच्चों को अनाथ किया है और हजारों महिलाओं का सुहाग उजाड़ा हैl
वामपंथी उग्रवाद की समस्या वर्ष 1967 से चली आ रही है।
एक समय था जब पशुपतिनाथ से लेकर तिरुपति तक का पूरा क्षेत्र “रेड कॉरिडोर” कहलाता था, अब सिमट थोड़ा बचा हैं । माननीय प्रधानमंत्री जी के सक्षम नेतृत्व मे और माननीय गृहमंत्री जी के सफल मार्गदर्शन में मार्च 2026 तक वामपंथी उग्रवाद का सफाया हो जायेगा। अब बचने वाला नहीं है।
पहले की सरकारें वामपंथी उग्रवाद को राज्य की समस्या मानती थीं, जिसके कारण केन्द्र ने वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ कोई ठोस नीति नहीं बनाई थी।
लेकिन मोदी सरकार ने वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ एक समग्र और प्रभावी ठोस नीति बनाईl जहाँ केंद्र सरकार ने वामपंथी उग्रवाद का सफाया करने का संकल्प लिया।राज्य सरकारों के साथ मिलकर इस अभियान को सफल बनाया जा रहा है ।
-:प्रभावी कदम :-
मोदी सरकार ने इस हिंसक उग्रवाद के खिलाफ Zero tolerance की पॉलिसी अपनाई । चहुमुखी विकास सुनिश्चित करने के लिए मोदी सरकार ने वर्ष 2015 में Whole of Government approach अपनाते हुए एक समग्र नीति एवं कार्ययोजना बनाई। जिसके तहत विभिन्न सुरक्षा एवं विकास कार्य किए गए हैं :-
राज्यों को आवश्यकतानुसार C.A.P.F. बटालियन दी गयी हैं । वर्तमान में 574 कंपनिया वामपंथी उग्रवाद क्षेत्र में तैनात हैं ।
सुरक्षा संबंधी व्यय योजना (S.R.E.) के अंतर्गत ₹ 3,523 करोड़ l
विशेष अवसंरचना योजना के अंतर्गत ₹1,757 करोड़ ।
विशेष केन्द्रीय सहायता के अंतर्गत ₹3,848 करोड़।
A.C.A.L.W.E.M.S. के अंतर्गत ₹ 1,218 करोड़ दिए गए l
सिविक कार्रवाई कार्यक्रम के तहत ₹ 210 करोड़ l
706 किलेबंद पुलिस स्टेशनों की अनुमति दी गयी।
प्रशिक्षण की उत्तम तथा समुचित व्यवस्था की गई।
1143 युवाओं की भर्ती कर CRPF की बस्तरिया बटालियन का गठन किया गया
20 हजार 815 करोड़ रुपये की स्वीकृति, 17 हजार 573 किमी सड़कों के निर्माण होगा, जिसका 85% कार्य पूर्ण l
10,651 Mobile Tower
₹496 करोड़ की लगत से 46 I.T.I. और 49 कौशल विकास केंद्र।
11 केन्द्रीय विद्यालय, 6 नवोदय विद्यालय, 258 एकलव्य आदर्श विद्यालय की स्वीकृति।
6 हज़ार 25 डाकघर, 1804 बैंक ब्रांच और 1321 A.T.M. खोले गए।
परिणाम
सरकार द्वारा किए पहलों के कारण अच्छे परिणाम आए हैं: – 2010 के हिंसक घटनाओं के सर्वाधिक स्तर की तुलना से वर्ष 2024 में 81% की कमी आई हैl

2014 से अब तक 9,588 माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं, जिनमें से 2,167 आत्मसमर्पण इसी वर्ष हुए हैं।
…………………………………………………………………………………………
आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों के पुनर्वास के लिए केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में पूछे गए पूरक सवाल के जवाब में केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री श्री नित्यानंद राय ने कहा कि
सरकार के सुरक्षा तंत्र और आसूचना तंत्र को सुदृढ़ करने के लिए किए गए प्रयासों के फलस्वरूप जून 2019 से अब तक 29 top नक्सली लीडर्स न्यूट्रलाइज्ड किए गए है, जिनमें से इसी वर्ष 14 C.C.M./P.B.M. न्यूट्रलाइज्ड किए गए।
2019 से लेकर अब तक 1,106 L.W.E. काडर मारे गए, 7,311 अरेस्ट हुए तथा 5,571 नक्सलियों ने सरेंडर किया।
यह दर्शाता है कि हमारे सुरक्षा बलों के साथ engage करने की इनकी क्षमता पूरी तरह क्षीण हो गई है। इसलिए इनके पास अब हथियार के साथ सरेंडर करने के अलावा कोई और विकल्प नहीं है।
आत्मसमर्पण करने वाले वामपंथी उग्रवादियों को तत्काल अनुदान एवं अन्य वित्तीय सहायता दी जा रही हैं जैसे उच्च कैडर को ₹ 5 लाख , अन्य कैडर को ₹ 2.50 लाख , हथियार के साथ आत्मसमर्पण पर अतिरिक्त वित्तीय प्रोत्साहन तथा प्रशिक्षण हेतु 3 वर्षों तक ₹10 हजार मासिक वजीफा दिया जा रहा है l
इसके अतिरिक्त , गृह मंत्रालय ने राज्यों को प्रोत्साहित करके उनकी पुनर्वास नीतियाँ बनवाई हैं जिनमें भारत सरकार एवं राज्य सरकार की योजनाओं के कन्वर्जेन्स को भी सुनिश्चित किया गया है। इनमें –
पीड़ित परिवार के बच्चों को निशुल्क शिक्षा/ छात्रावास , संस्थानों में प्रवेश में वरीयता और शिक्षण संस्थानों में छात्रवृति दी जा रही है l
घायल या अपंग व्यक्तियों को राहत राशि , मुफ्त उपचार , कृषि भूमि/आवासीय भूमि की सहायता , रोजगार/ औद्योगिक अनुदान , दिव्यांगजन योजनाओं में प्राथमिकता।
महिलाओं को राहत राशि , योजनाओं में प्राथमिकता , कुटीर उद्योग से रोजगार व बाजार सुविधा , बाजार में निशुल्क दुकान/ सुविधा , निशुल्क कौशल प्रशिक्षण।
पुलिस सहयोगियों को राहत राशि , कृषि भूमि/आवासीय भूमि की सहायता , राज्य सरकार में नौकरी/अनुदान, DDU आवास योजना में 2% आरक्षण , निशुल्क कौशल प्रशिक्षण आदि।
यह हमारे लिए हर्ष की बात है कि प्रभावशाली पुनर्वास नीति का लाभ अब तक इस वर्ष में 2,167 माओवादियों द्वारा लिया जा चुका है जिन्हे अब मुख्य धारा में शामिल किया जा रहा है। इससे शेष बचे काडर को भी मुख्य धारा में शामिल होने की प्रेरणा मिल रही है l





















