सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व CJI रंजन गोगोई के खिलाफ याचिका खारिज की — आंतरिक जांच की थी मांग

Report manpreet singh 

Raipur chhattisgarh VISHESH : सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व मुख्य न्यायाधीश  और मौजूदा सांसद जस्टिस रंजन गोगोई (Ranjan Gogoi) के खिलाफ आंतरिक जांच की याचिका खारिज कर दी है. ये याचिका दो साल पहले यानी साल 2018 में दाखिल हुई थी. उस वक्त जस्टिस गोगोई सुप्रीम कोर्ट में जज थे. उन पर एक मामले में गलत फैसला देने का आरोप लगाते हुए आंतरिक जांच की मांग की गई थी.

क्या कहा सुप्रीम कोर्ट ने

शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने याचिका ये कहते हुए खारिज कर दी कि अब जस्टिस गोगोई सुप्रीम कोर्ट से रिटायर हो चुके हैं. कोर्ट ने ये भी कहा कि पिछले एक साल से ये याचिका सुनवाई के लिए नहीं आया और याचिकाकर्ता ने इसके लिए कोई कोशिश भी नहीं की. हालांकि याचिकाकर्ता ने ये आरोप लगाया कि बार-बार कहने के बाद भी उनके केस को सुनवाई के लिए लिस्ट नहीं किया गया.

गोगई के कई ऐतिहासिक फैसले

बता दें कि रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली बेंच ने अयोध्या मामले पर पिछले साल ऐतिहासिक फैसला सुनाया था. इसके अलावा उन्होंने असम एनआरसी, राफेल, सीजेआई ऑफिस और आरटीआई के दायरे में जैसे कई और ऐतिहासिक फैसले दिए.

रंजन गोगोई का कार्यकाल

रंजन गोगोई देश के 46वें चीफ जस्टिस रहे. उन्होंने सीजेआई का पद तीन अक्टूबर 2018 से 17 नंवबर 2019 तक संभाला था. 18 नवंबर, 1954 को असम में जन्मे रंजन गोगोई ने डिब्रूगढ़ के डॉन बॉस्को स्कूल और दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफेंस कॉलेज में पढ़ाई की. 28 फरवरी, 2001 को रंजन गोगोई को गुवाहाटी हाईकोर्ट का स्थायी न्यायाधीश नियुक्त किया गया था. जस्टिस गोगोई 23 अप्रैल, 2012 को सर्वोच्च न्यायालय के जज बने और फिर चीफ जस्टिस भी बने. 17 नवंबर 2019 को वह रिटायर हुए.

राज्यसभा सांसद के तौर पर शपथ

इस साल मार्च में उन्होंने राज्यसभा सांसद के तौर पर शपथ ले ली. इस दौरान विपक्षी दलों ने जमकर हंगामा किया और सदन से वॉकआउट भी किया था. गोगोई की शपथ के दौरान विपक्ष ने ‘डील’ चिल्ला कर नारेबाजी की और सदन से वॉकआउट कर गए. विपक्ष के इस रुख पर जब गोगोई से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता. वे बहुत जल्द ही स्वागत करेंगे.’

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