



Raipur chhattisgarh VISHESH सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय एवं अनुसंधान केंद्र, भिलाई के शिशु रोग विभाग द्वारा 1 से 7 अगस्त 2025 तक “स्तनपान को प्राथमिकता दें – टिकाऊ समर्थन प्रणाली बनाएं” थीम पर विश्व स्तनपान सप्ताह का आयोजन किया गया। यह सप्ताह स्तनपान के महत्व को रेखांकित करने, इससे जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने और माताओं को सशक्त बनाने हेतु एक वैश्विक पहल है।
सप्ताह का उद्घाटन समारोह दीप प्रज्वलन एवं पोस्टर प्रदर्शनी के शुभारंभ के साथ हुआ, जिसमें कार्यपालक निदेशक (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं) डॉ. एम. रवींद्रनाथ द्वारा दीप प्रज्वलित किया गया। इस अवसर पर सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारीगण की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम के दौरान शिशु रोग विभाग के रेसिडेंट चिकित्सकों द्वारा एक शैक्षणिक नाट्य प्रस्तुति दी गई तथा स्तनपान नीति से लाभान्वित माताओं-पिताओं ने अपने अनुभव साझा किए।
सप्ताह के अंतर्गत राजहरा माइंस अस्पताल में भी समान रूप से गतिविधियाँ प्रारंभ हुईं, जहाँ उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. कौशिक किशोर के नेतृत्व में जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
सप्ताहभर जेएलएन अस्पताल की शिशु एवं नवजात इकाई, प्रसूति वार्ड एवं बाल रोग ओपीडी में नियमित रूप से जागरूकता सत्र संचालित किए गए। इसके अतिरिक्त, 6 अगस्त को बीएसपी के निगमित सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) विभाग के सहयोग से “मिशन लक्ष्मी” परियोजना के अंतर्गत दुर्ग स्थित शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में सामुदायिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसमें उपस्थित स्नातक एवं स्नातकोत्तर छात्राओं को अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं विभागाध्यक्ष (शिशु रोग) डॉ. संबिता पांडा तथा वरिष्ठ सलाहकार डॉ. शुभस्मिता पटनायक द्वारा स्तनपान से जुड़े मिथकों के खंडन एवं सतत स्तनपान को प्रोत्साहित करने हेतु व्याख्यान दिया गया।
इस सप्ताह की सभी गतिविधियाँ डॉ. संबिता पांडा (अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं विभागाध्यक्ष, शिशु रोग) के नेतृत्व में तथा कार्यपालक निदेशक (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं) डॉ. एम. रवींद्रनाथ एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारीगण – डॉ. विनीता द्विवेदी, डॉ. कौशलेंद्र ठाकुर, डॉ. सौरभ मुखर्जी एवं डॉ. उदय कुमार के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुईं।
कार्यक्रम को सफल बनाने में नवजात शिशु इकाई प्रभारी डॉ. सुबोध साहा, विभागीय सलाहकारगण – डॉ. मीता सचदेव, डॉ. नूतन कुमार वर्मा, डॉ. कौशिक किशोर, डॉ. माला चौधरी, डॉ. शुभस्मिता पटनायक, डॉ. रुचिका ताम्रकार एवं डॉ. आनंद मोहन विश्वकर्मा का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
सप्ताह का समापन संविदा नर्सिंग स्टाफ हेतु आयोजित “लैक्टेशन मैनेजमेंट” विषय पर शैक्षणिक सेमिनार के साथ हुआ, जिसका संचालन विभाग के रेसिडेंट चिकित्सकों द्वारा वरिष्ठ सलाहकार डॉ. माला चौधरी के निर्देशन में किया गया।






















