



रायपुर, 28 अक्टूबर 2026। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार अभियांत्रिकी विभाग द्वारा “सेमीकंडक्टर एवं एआई उद्योग के रुझान, उभरती प्रौद्योगिकियाँ, उद्योग की अपेक्षाएँ एवं करियर के अवसर” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं शिक्षकों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) तथा सेमीकंडक्टर उद्योग में उभरते अवसरों से परिचित कराना और उद्योग एवं शिक्षण संस्थानों के बीच सहयोग को बढ़ावा देना था।
कार्यशाला में लैम रिसर्च (LAM Research) के कार्यकारी निदेशक श्री अनिल गुप्ता ने “भारत में सेमीकंडक्टर के अवसर” विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने देश की तकनीकी क्षमताओं और डिजिटल अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में सेमीकंडक्टर उद्योग की महत्वपूर्ण भूमिका तथा इस क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने सेमीकंडक्टर प्रौद्योगिकी के विकास, उद्योग की अपेक्षाओं और इंजीनियरिंग विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों के लिए संभावित करियर अवसरों पर प्रकाश डाला।
वहीं, डिजिटलपाई.एआई (DigitalPi.ai), अमेरिका के वरिष्ठ सॉल्यूशन आर्किटेक्ट श्री मनीष सिंह ने “एआई के दौर में करियर” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बढ़ते प्रभाव, बदलते तकनीकी परिवेश और भविष्य में उपलब्ध करियर की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। साथ ही, विद्यार्थियों के लिए निरंतर सीखने, तकनीकी दक्षता विकसित करने तथा नई प्रौद्योगिकियों के अनुरूप स्वयं को तैयार करने के महत्व को रेखांकित किया।
कार्यशाला में शैक्षणिक ज्ञान और औद्योगिक आवश्यकताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया। साथ ही, उद्योगोन्मुखी कौशल विकास, प्रासंगिक पाठ्यक्रम, सहयोगात्मक अनुसंधान, इंटर्नशिप तथा उद्योग आधारित परियोजनाओं को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार अभियांत्रिकी विभाग, एनआईटी रायपुर द्वारा आयोजित यह कार्यशाला विद्यार्थियों को उभरती प्रौद्योगिकियों के अनुरूप तैयार करने तथा उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच सहयोग मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रही। कृत्रिम बुद्धिमत्ता और सेमीकंडक्टर प्रौद्योगिकी पर केंद्रित इस कार्यक्रम ने प्रतिभागियों को भविष्य के कौशल, अनुसंधान और करियर की संभावनाओं को समझने का अवसर प्रदान किया।









