

एक लाख करोड़ रुपये के फंड का लाभ लेने गुणवत्तापूर्ण परियोजनाएं तैयार करें नगरीय निकाय: उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव
नगरीय विकास के लिए हुडको और सेप्ट विश्वविद्यालय के साथ दो महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर
प्रविष्टि तिथि: 21 OCT 2026 6:56PM by PIB Raipur
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में शहरों की महत्वपूर्ण भूमिका है। शहरी विकास को वर्तमान जरूरतों तक सीमित रखने के बजाय भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप सुनियोजित, समावेशी, टिकाऊ और आर्थिक रूप से सक्षम बनाना आवश्यक है। उन्होंने नगरीय निकायों से आधुनिक तकनीक, बेहतर वित्तीय प्रबंधन और दीर्घकालिक नियोजन के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण विकास परियोजनाएं तैयार करने का आह्वान किया।

_20261021190306_66fbda.jpeg)
मुख्यमंत्री साय बुधवार को नवा रायपुर स्थित मेफेयर लेक रिजॉर्ट में आवास एवं शहरी विकास निगम (हुडको) तथा छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित अर्बन चैलेंज फंड (यूसीएफ) एवं अर्बन इन्वेस्ट विंडो (यूआईविन) विषयक प्रथम क्षेत्रीय कार्यशाला का शुभारंभ करने के बाद संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में शहरी विकास को नई सोच और गति मिली है। अर्बन चैलेंज फंड शहरों को आधुनिक, सुविधासंपन्न, आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने का महत्वपूर्ण अवसर है। छत्तीसगढ़ के नगरीय निकायों को इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाते हुए ऐसी परियोजनाएं तैयार करनी चाहिए, जो नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार लाने के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करें।

नगरीय विकास के लिए दो महत्वपूर्ण समझौते
कार्यशाला के दौरान नगरीय विकास, वित्तीय संसाधनों के बेहतर प्रबंधन तथा नगरीय निकायों की तकनीकी एवं संस्थागत क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से दो महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए। पहला समझौता आवास एवं शहरी विकास निगम (हुडको) और छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के बीच तथा दूसरा नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग और सेप्ट विश्वविद्यालय के बीच हुआ।
मुख्यमंत्री ने इन समझौतों को प्रदेश के शहरी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि इनके माध्यम से नगरीय निकायों को परियोजनाओं की बेहतर योजना बनाने, वित्तीय संसाधन जुटाने, तकनीकी विशेषज्ञता प्राप्त करने, प्रशिक्षण और संस्थागत क्षमता विकास में सहयोग मिलेगा। इससे शहरों की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप परियोजनाओं के निर्माण और प्रभावी क्रियान्वयन को गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि शहरी विकास के लिए शासन, वित्तीय संस्थानों और विशेषज्ञ संगठनों के बीच मजबूत साझेदारी समय की आवश्यकता है।
वर्ष 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य में शहरों की अहम भूमिका
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प लिया है। इसी दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार ने विकसित छत्तीसगढ़ का विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया है और उसके क्रियान्वयन के लिए मिशन मोड में काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे शहर विकसित करने की जरूरत है, जो निवेश आकर्षित करें, उद्योग एवं व्यापार के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करें, रोजगार के नए अवसर पैदा करें और नागरिकों को उच्च गुणवत्ता वाली मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराएं। सुनियोजित शहरीकरण विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव बनेगा।
मुख्यमंत्री ने नगरीय निकायों को विकास योजनाएं बनाते समय अगले कई दशकों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच पेयजल, जल निकासी, सड़क, बिजली, स्वच्छता और परिवहन जैसी सुविधाओं की दीर्घकालिक योजना आवश्यक है। बरसात के दौरान जलभराव से होने वाली परेशानियों का स्थायी समाधान करने के लिए प्रभावी जल निकासी व्यवस्था विकसित की जानी चाहिए।
उन्होंने बिजली और अन्य सेवाओं के अव्यवस्थित तारों की समस्या का उल्लेख करते हुए कहा कि आधुनिक शहरी व्यवस्था में नागरिक सुरक्षा सर्वोपरि है। जहां संभव हो, वहां बिजली और अन्य सेवाओं की लाइनों को भूमिगत करने की योजना बनाई जानी चाहिए। पेयजल, सड़क, बिजली, जल निकासी और स्वच्छता से जुड़े कार्यों को अलग-अलग देखने के बजाय समग्र शहरी नियोजन का हिस्सा बनाया जाना चाहिए।
जनप्रतिनिधि तैयार करें भविष्य की जरूरतों के अनुरूप परियोजनाएं
मुख्यमंत्री ने कार्यशाला में उपस्थित महापौरों, नगर पालिका एवं नगर पंचायत अध्यक्षों तथा अधिकारियों से कहा कि जनता ने उन्हें अपने शहरों के विकास की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। इसलिए उन्हें शहरों की वास्तविक आवश्यकताओं और समस्याओं को समझकर स्थायी समाधान सुनिश्चित करना चाहिए। उन्होंने नगरीय निकायों से अर्बन चैलेंज फंड के प्रावधानों का गंभीरता से अध्ययन करने, विशेषज्ञों से परामर्श लेने और तकनीकी रूप से मजबूत, नागरिकों के लिए उपयोगी तथा आर्थिक रूप से व्यवहार्य परियोजनाएं तैयार करने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम-जनमन) के अंतर्गत विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों की बसाहटों में सड़क, बिजली, आवास और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान से भी जनजातीय क्षेत्रों के समग्र विकास को गति मिल रही है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में रेल अधोसंरचना के विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि बस्तर के रावघाट क्षेत्र तक रेल संपर्क का विस्तार और रायपुर से कुरूद तक रेल सेवा का शुभारंभ विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण उपलब्धियां हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक एवं खनिज संपदा, उपजाऊ भूमि और परिश्रमी नागरिकों से समृद्ध है। नक्सलवाद के विरुद्ध मिली सफलताओं से प्रदेश में विकास और निवेश की नई संभावनाएं मजबूत हुई हैं। उन्होंने विकसित भारत के निर्माण में छत्तीसगढ़ की अग्रणी भूमिका सुनिश्चित करने के लिए सामूहिक प्रयासों का आह्वान किया।
एक लाख करोड़ रुपये का अर्बन चैलेंज फंड बड़ा अवसर: उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव
उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि भारत सरकार ने अर्बन चैलेंज फंड के लिए एक लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। यह छत्तीसगढ़ के शहरों के विकास के लिए बड़ा अवसर है। अब नगरीय निकायों के सामने चुनौती है कि वे कितनी गुणवत्तापूर्ण और व्यवहार्य परियोजनाएं तैयार कर इस फंड से अधिकतम संसाधन प्राप्त कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि तकनीक और नागरिकों की अपेक्षाओं में तेजी से बदलाव हो रहा है। ऐसे में नगरीय निकायों को पारंपरिक कार्यप्रणाली से आगे बढ़कर नवाचार और आधुनिक तकनीक अपनानी होगी। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से अपने कार्यकाल में ऐसे विकास कार्य करने का आह्वान किया, जिनका लाभ आने वाली पीढ़ियों को भी मिले।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी परियोजना की सफलता केवल उसके निर्माण से निर्धारित नहीं होती। उसके संचालन, रखरखाव, उपयोगिता और वित्तीय व्यवहार्यता की योजना भी शुरुआत से स्पष्ट होनी चाहिए। जनता के धन का सदुपयोग सुनिश्चित करना सभी की जिम्मेदारी है।
वित्तीय आत्मनिर्भरता से मजबूत होंगे शहर : श्री तोखन साहू
केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी, स्वच्छ भारत मिशन और अटल नवीकरण एवं शहरी परिवर्तन मिशन (अमृत) जैसी योजनाओं से शहरी सुविधाओं का विस्तार हुआ है और नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार आया है।
उन्होंने कहा कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण के कारण आवास, पेयजल, सड़क, परिवहन और स्वच्छता जैसी सुविधाओं की मांग बढ़ रही है। इन आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए नगरीय निकायों को वित्तीय रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना जरूरी है। अर्बन चैलेंज फंड इस दिशा में महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है।
साहू ने कहा कि विकास परियोजनाएं नागरिकों के लिए उपयोगी होने के साथ आर्थिक रूप से व्यवहार्य भी होनी चाहिए। सरकारी सहायता के अतिरिक्त बैंक वित्तपोषण, बाजार आधारित संसाधनों और सार्वजनिक-निजी भागीदारी का भी प्रभावी उपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने जबलपुर में कचरे से ऊर्जा उत्पादन और हैदराबाद में जल प्रबंधन एवं तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था जैसे नवाचारों का उल्लेख करते हुए नगरीय निकायों से सफल मॉडलों का अध्ययन कर स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप उन्हें अपनाने का आग्रह किया।
विशेषज्ञता, वित्तीय संसाधन और प्रशिक्षण में मिलेगा सहयोग
कार्यशाला में अर्बन चैलेंज फंड और अर्बन इन्वेस्ट विंडो के विभिन्न पहलुओं, वित्तीय संसाधन जुटाने, परियोजनाओं की व्यवहार्यता, आधुनिक शहरी नियोजन और प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेषज्ञों ने मार्गदर्शन दिया। हुडको तथा सेप्ट विश्वविद्यालय के साथ हुए समझौतों से नगरीय निकायों को परियोजना निर्माण, वित्तीय प्रबंधन, तकनीकी विशेषज्ञता, प्रशिक्षण और संस्थागत क्षमता विकास में सहयोग मिलने की अपेक्षा है।
कार्यक्रम में प्रदेश के सभी 14 नगर निगमों के महापौर, नगर पालिकाओं के अध्यक्ष, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, हुडको के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक संजय कुलश्रेष्ठ, तेलंगाना के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव डॉ. टी. के. श्रीदेवी, सेप्ट विश्वविद्यालय के अध्यक्ष बरजोर मेहता, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संचालक नीलेश महादेव क्षीरसागर, राज्य शहरी विकास अभिकरण (सूडा) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुमित अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधि, विशेषज्ञ और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।








