


Raipur chhattisgarh VISHESH / रायपुर, 14 अक्टूबर 2026: राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर द्वारा ऑनलाइन माध्यम से “Numerical Methods and Scientific Computation with Python and Maxima: Theory and Practice” (NMSCPM-2026) विषय पर एक सप्ताह के राष्ट्रीय स्तर के अल्पकालिक प्रशिक्षण कार्यक्रम (एसटीटीपी) का आयोजन 12 से 16 अक्टूबर, 2026 तक किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का संयुक्त आयोजन एनआईटी रायपुर के गणित विभाग, कंप्यूटर विज्ञान एवं अभियांत्रिकी (सीएसई) विभाग तथा सतत शिक्षा प्रकोष्ठ (सीईसी) द्वारा किया जा रहा है।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों को संख्यात्मक विधियों, वैज्ञानिक संगणना तथा पायथन (Python) और मैक्सिमा (Maxima) के माध्यम से इनके व्यावहारिक अनुप्रयोगों की बेहतर समझ प्रदान करना है। यह कार्यक्रम सैद्धांतिक गणितीय अवधारणाओं और संगणकीय तकनीकों के बीच की दूरी को कम करने का प्रयास करता है, ताकि प्रतिभागी शिक्षा, वैज्ञानिक अनुसंधान, अभियांत्रिकी तथा उद्योग से जुड़ी जटिल समस्याओं का समाधान प्रभावी ढंग से कर सकें।

प्रो. एन. वी. रमना राव, माननीय निदेशक, एनआईटी रायपुर एवं कार्यक्रम के मुख्य संरक्षक, ने कार्यक्रम में अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई तथा आधुनिक शिक्षा और अनुसंधान में वैज्ञानिक संगणना के महत्त्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि जटिल वास्तविक समस्याओं के समाधान, अंतर्विषयक अनुसंधान को प्रोत्साहित करने तथा नवीन तकनीकी समाधानों के विकास में संगणकीय उपकरणों और संख्यात्मक तकनीकों की भूमिका निरंतर बढ़ रही है। उन्होंने संकाय सदस्यों, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों को अपने संगणकीय कौशल को सुदृढ़ करने तथा उभरती प्रौद्योगिकियों का उपयोग वैज्ञानिक प्रगति एवं राष्ट्रीय विकास में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के प्रो. जी. के. विश्वकर्मा, कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, ने विशेषज्ञ व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने शैक्षणिक अध्यापन, उन्नत अनुसंधान, औद्योगिक समस्याओं के समाधान तथा राष्ट्र निर्माण में वैज्ञानिक संगणना के अनुप्रयोगों और महत्त्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि संगणकीय विधियाँ, गणितीय मॉडलिंग और वैज्ञानिक सॉफ्टवेयर डेटा-आधारित निर्णय लेने, तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने तथा जटिल वैज्ञानिक एवं औद्योगिक समस्याओं के समाधान में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने अनुसंधान क्षमताओं को सुदृढ़ करने, नवाचार को प्रोत्साहित करने तथा देश की वैज्ञानिक एवं तकनीकी प्रगति में योगदान देने के लिए संगणकीय दृष्टिकोणों की बढ़ती प्रासंगिकता को भी रेखांकित किया।
इस कार्यक्रम को एनआईटी रायपुर के गणित विभागाध्यक्ष डॉ. सुजीत कुमार सामंत का शैक्षणिक नेतृत्व एवं सहयोग भी प्राप्त हुआ।
पाँच दिवसीय इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में विशेषज्ञ व्याख्यानों और शैक्षणिक सत्रों के माध्यम से पायथन एवं मैक्सिमा का उपयोग करते हुए संख्यात्मक विधियों तथा वैज्ञानिक संगणना के सैद्धांतिक आधारों और उनके व्यावहारिक क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इन सत्रों को इस प्रकार तैयार किया गया है कि प्रतिभागियों को गणितीय मॉडलिंग, संख्यात्मक विश्लेषण, सिमुलेशन तथा वैज्ञानिक समस्याओं के समाधान से संबंधित संगणकीय ज्ञान और व्यावहारिक कौशल प्राप्त हो सकें।
इस कार्यक्रम का समन्वयन गणित विभाग के डॉ. अनूप कुमार शर्मा, डॉ. एम. कृष्णा प्रसाद तथा कंप्यूटर विज्ञान एवं अभियांत्रिकी विभाग के डॉ. कर्नाटी मोहन, एनआईटी रायपुर, द्वारा किया जा रहा है। इस पहल के माध्यम से एनआईटी रायपुर का उद्देश्य संगणकीय दक्षता को बढ़ावा देना, अंतर्विषयक सहयोग को प्रोत्साहित करना तथा शिक्षण, अनुसंधान और औद्योगिक अनुप्रयोगों में गणितीय एवं संगणकीय उपकरणों के प्रभावी एकीकरण को प्रोत्साहित करना है।
यह एसटीटीपी कार्यक्रम शैक्षणिक उत्कृष्टता, क्षमता निर्माण तथा राष्ट्रीय विकास के लिए वैज्ञानिक एवं तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने के प्रति एनआईटी रायपुर की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है।








