





नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT) रायपुर के ‘नृत्यम क्लब’ द्वारा 3 अक्टूबर को नृत्य कार्यशाला ‘रिदम फ्यूजन 2.0’ के दूसरे संस्करण का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में संस्थान के विद्यार्थियों के साथ क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर के अनुभवी नर्तकों ने हिस्सा लिया।
कार्यशाला का आयोजन प्रो. समीर बाजपेयी, निदेशक (प्रभारी), प्रो. मनोज चोपकर, डीन स्टूडेंट वेलफेयर, तथा डॉ. सुवेंदु रूप और डॉ. मोक्षा सिंह, प्रोफेसर-इन-चार्ज, सांस्कृतिक समिति के मार्गदर्शन में किया गया। आयोजन के समन्वय में डॉ. अनिल मांझी और डॉ. श्रुति एस. नगदेवे, फैकल्टी कोऑर्डिनेटर्स की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
कार्यशाला में सेमी-क्लासिकल, हिप-हॉप, फ्रीस्टाइल और पॉपिंग जैसी विभिन्न नृत्य शैलियों को शामिल किया गया। प्रतिभागियों को म्यूज़िकलिटी, ग्रूव्स, डांस फाउंडेशन, फ्रीस्टाइल, अभिव्यक्ति और व्यक्तिगत मूवमेंट स्टाइल जैसे पहलुओं से परिचित कराया गया।

कार्यशाला की शुरुआत अदिति दीवान और यश्वी कश्यप के सेमी-क्लासिकल प्रदर्शन से हुई। इसके बाद प्रीति साव, एन आई टी रायपुर की पूर्व छात्रा (2026), ने ऊर्जावान हिप-हॉप सत्र आयोजित किया। छत्तीसगढ़ के हिप-हॉप समुदाय के प्रमुख डांसर, कोरियोग्राफर, मेंटर और बैटल जज जयेश साहू (Jaizz) ने प्रतिभागियों के साथ अपने अनुभव साझा किए। रायपुर की परफॉर्मिंग आर्टिस्ट और डिजिटल क्रिएटर सोमा मुखर्जी ने सेमी-क्लासिकल मूवमेंट और एक्सप्रेशन पर सत्र लिया। वहीं अनुभवी पॉपिंग एवं फ्रीस्टाइल कलाकार सागर सिक्कीवार (Popping Sparrow) ने प्रतिभागियों को एनीमेशन, वेविंग, आइसोलेशन, मसल कंट्रोल, रिदम और म्यूज़िकलिटी की बारीकियों से अवगत कराया।
कार्यशाला का समापन डॉ. अनिल मांझी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने संस्थान के नेतृत्व, फैकल्टी सदस्यों, कलाकारों, आयोजकों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक अपनी प्रतिक्रिया देते हुए अनुभवी नर्तकों से सीखने और विभिन्न नृत्य शैलियों को समझने के इस अवसर की सराहना की।
‘रिदम फ्यूजन 2.0’ के माध्यम से ‘नृत्यम’ ने एन आई टी रायपुर में एक जीवंत और समावेशी नृत्य संस्कृति को बढ़ावा देने की अपनी पहल को आगे बढ़ाया। साथ ही, इस आयोजन ने संस्थान के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को व्यापक नृत्य समुदाय से जुड़ने और विभिन्न नृत्य शैलियों का अनुभव प्राप्त करने का अवसर प्रदान किया।





















