

सामाजिक सेवा, महिला सशक्तीकरण एवं ग्रामीण विकास में अतुलनीय योगदान के लिए डॉ. अच्युत सामंत ने किया सम्मानित
छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान मात्र 9 मिनट की मुलाकात में बना भाई-बहन का आत्मीय रिश्ता, डॉ. अच्युत सामंत ने घर बनवाकर देने की पहल की
भुवनेश्वर, 3 अक्टूबर 2026।

छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध समाजसेवी एवं पद्मश्री से सम्मानित श्रीमती फुलवासन बाई यादव को कलिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी (KIIT) एवं कलिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (KISS) के संस्थापक डॉ. अच्युत सामंत द्वारा प्रतिष्ठित KKIO लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड (आजीवन उपलब्धि पुरस्कार) से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें महिला सशक्तीकरण, ग्रामीण विकास, सामाजिक उत्थान तथा वंचित एवं जरूरतमंद वर्गों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए किए गए उनके दीर्घकालीन एवं उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया।
इस गरिमामय समारोह में नागालैंड के महामहिम राज्यपाल माननीय श्री नंद किशोर यादव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सेचोलेस देश की राजदूत श्रीमती लालातीन एकोचे, मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के सह-संस्थापक, समूह प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री मोतीलाल ओसवाल, एबीपी न्यूज़ की वरिष्ठ पत्रकार एवं उपाध्यक्ष (समाचार एवं प्रोग्रामिंग) सुश्री चित्रा त्रिपाठी तथा अमेरिकी कांग्रेस के सदस्य एवं वाशिंगटन के 5वें निर्वाचन क्षेत्र के प्रतिनिधि श्री माइकल जेम्स बॉमगार्टनर सहित अनेक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे।
9 मिनट की मुलाकात में बना आत्मीय रिश्ता, डॉ. अच्युत सामंत ने बहन के रूप में किया स्वीकार
श्रीमती फुलवासन बाई यादव के सामाजिक कार्यों एवं उनके संघर्षपूर्ण जीवन से प्रभावित होकर डॉ. अच्युत सामंत ने छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान उनसे मुलाकात की थी। यह मुलाकात भले ही महज 9 मिनट की थी, लेकिन इस संक्षिप्त मुलाकात में ही दोनों के बीच सकारात्मक ऊर्जा, आत्मीयता और आपसी विश्वास का ऐसा भाव विकसित हुआ, जिसने एक अनूठे भाई-बहन के रिश्ते का स्वरूप ले लिया।
डॉ. अच्युत सामंत ने पद्मश्री फुलवासन बाई यादव को अपनी बहन के रूप में स्वीकार करते हुए उनके सामाजिक कार्यों की सराहना की तथा भविष्य में एक भाई के रूप में हरसंभव सहयोग करने का आश्वासन दिया। उन्होंने उनके संघर्ष, समाज के प्रति समर्पण और जरूरतमंद महिलाओं के उत्थान के लिए किए जा रहे प्रयासों को प्रेरणादायी बताया।
बहन के लिए घर बनवाने की पहल, जल्द पूर्ण करने का आश्वासन
इस आत्मीय रिश्ते को केवल शब्दों तक सीमित न रखते हुए डॉ. अच्युत सामंत ने अपनी ओर से सर्वप्रथम पद्मश्री फुलवासन बाई यादव के लिए एक घर बनवाकर देने की पहल की। यह उनके प्रति सम्मान, स्नेह और एक भाई के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाने की भावना का महत्वपूर्ण उदाहरण है। उन्होंने घर निर्माण के कार्य को शीघ्र पूर्ण कराने का आश्वासन भी दिया है।
यह पहल केवल एक आवास उपलब्ध कराने का प्रयास नहीं है, बल्कि सामाजिक सेवा के क्षेत्र में अपना संपूर्ण जीवन समर्पित करने वाली एक ऐसी महिला के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता का प्रतीक है, जिन्होंने हजारों ग्रामीण महिलाओं के जीवन में आशा, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का संचार किया है।
महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में फुलवासन बाई यादव का अतुलनीय योगदान
पद्मश्री फुलवासन बाई यादव ने अपने संघर्ष, समर्पण एवं दूरदर्शी नेतृत्व के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को संगठित कर उन्हें आर्थिक और सामाजिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया है। उन्होंने महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से हजारों महिलाओं को रोजगार, आजीविका और आत्मसम्मान के अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनका जीवन संघर्ष, सेवा, संकल्प और सामाजिक परिवर्तन की एक प्रेरणादायी मिसाल है।
डॉ. अच्युत सामंत द्वारा दिया गया यह सम्मान न केवल फुलवासन बाई यादव की व्यक्तिगत उपलब्धियों का गौरव है, बल्कि छत्तीसगढ़ की माटी, ग्रामीण महिलाओं की शक्ति और समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचाने के उनके प्रयासों का भी सम्मान है।
सामाजिक सरोकारों से जुड़ी दो प्रेरणादायी शख्सियतों का आत्मीय संबंध
डॉ. अच्युत सामंत स्वयं शिक्षा, आदिवासी कल्याण एवं सामाजिक विकास के क्षेत्र में अपने योगदान के लिए जाने जाते हैं। वहीं, पद्मश्री फुलवासन बाई यादव ने महिला सशक्तीकरण और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। दोनों के बीच विकसित हुआ यह आत्मीय रिश्ता इस बात का उदाहरण है कि जब समाज के प्रति समर्पित दो व्यक्तित्व एक-दूसरे के कार्यों से प्रभावित होते हैं, तो उनका संबंध व्यक्तिगत आत्मीयता से आगे बढ़कर सामाजिक सहयोग और सेवा का माध्यम बन सकता है।
इस गरिमामय समारोह में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित हस्तियों की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा को और बढ़ाया। पद्मश्री फुलवासन बाई यादव को KKIO आजीवन उपलब्धि पुरस्कार से सम्मानित किया जाना तथा डॉ. अच्युत सामंत द्वारा उन्हें बहन के रूप में स्वीकार कर सहयोग का आश्वासन देना छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है।
यह सम्मान और आत्मीय पहल समाजसेवा के क्षेत्र में कार्यरत लोगों, विशेषकर महिलाओं एवं युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। यह उपलब्धि इस संदेश को भी सशक्त करती है कि सच्ची सामाजिक सेवा का सम्मान केवल पुरस्कारों से ही नहीं, बल्कि आपसी संवेदना, सहयोग, आत्मीयता और जरूरत के समय साथ खड़े होने की भावना से भी होता है।





















