


एम्स और सीपेट परिसरों में संकाय सदस्यों, नर्सिंग स्टाफ और आम जनता सहित लगभग 400 प्रतिभागी समारोह में हुए शामिल
Raipur chhattisgarh VISHESH /अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), रायपुर में आज 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस बड़े ही उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया। केंद्रीय योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान परिषद (CCRYN), दिल्ली के सहयोग से आयोजित यह कार्यक्रम इस वर्ष के वैश्विक विषय (थीम) “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” (Yoga for Healthy Ageing) पर केंद्रित था। इस समारोह में संस्थान के संकाय सदस्यों (फैकल्टी), नर्सिंग स्टाफ, प्रशासनिक कर्मियों और आम जनता ने सक्रिय रूप से भाग लिया, जो एक समग्र स्वास्थ्य अभ्यास के रूप में योग के प्रति बढ़ती जागरूकता और स्वीकृति को दर्शाता है।

इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि, लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल (सेवानिवृत्त), कार्यकारी निदेशक और सीईओ, एम्स रायपुर ने स्वस्थ वृद्धावस्था, दीर्घायु और समग्र मानसिक व शारीरिक कल्याण को बढ़ावा देने के लिए दैनिक जीवन में योग को शामिल करने के गहरे महत्व पर बल दिया। इस कार्यक्रम में कई विशिष्ट गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे, जिनमें लेफ्टिनेंट कर्नल धर्मवीर सिंह चौहान, उप निदेशक (प्रशासन); प्रो. (डॉ.) देबेंद्र त्रिपाठी, चिकित्सा अधीक्षक; और प्रो. (डॉ.) अविनाश इंगले, डीन (परीक्षा), एम्स रायपुर शामिल रहे।
मुख्य कार्यक्रम में सामान्य योग प्रोटोकॉल (CYP) सत्र का आयोजन किया गया, जो सुबह जल्दी शुरू हुआ। इस सत्र का नेतृत्व डॉ. विक्रम पाई, चिकित्सा अधिकारी (योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा), एम्स रायपुर ने किया, जिन्होंने 300 से अधिक प्रतिभागियों को विभिन्न योग आसनों और प्राणायाम का अभ्यास कराया। डॉ. पाई ने अतिथियों का स्वागत भी किया और औपचारिक धन्यवाद प्रस्ताव ज्ञापित किया।
इस वैश्विक उत्सव की पहुंच को और अधिक बढ़ाने के प्रयास में, एम्स रायपुर द्वारा केंद्रीय पेट्रोकेमिकल्स इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी संस्थान (CIPET), रायपुर में एक समानांतर योग कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। सीपेट (CIPET) में आयोजित इस कार्यक्रम में 70 उत्साही प्रतिभागियों ने भाग लिया और सीपेट रायपुर के निदेशक ने मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। मुख्य परिसर के आयोजन और इस समानांतर कार्यक्रम को मिलाकर, इस संयुक्त पहल ने लगभग 400 प्रतिभागियों को योग के मार्ग को अपनाने के लिए सफलतापूर्वक प्रेरित किया।
आरडीजे/पीजे





















