
विशेष योगाभ्यास सत्र निवारक स्वास्थ्य देखभाल और संतुलित जीवन में योग और आयुर्वेद का समन्वय दर्शाता है
प्रविष्टि तिथि: 21 JUN 2026 3:15PM
राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ ने 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 पर “स्वस्थ आयु के लिए योग ” विषय के तहत विशेष योगाभ्यास सत्र आयोजित किया। नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ के कार्यक्रम में निवारक स्वास्थ्य देखभाल, पूर्ण तंदुरूस्ती और स्वस्थ जीवन शैली को बढ़ावा देने में योग और आयुर्वेद की भूमिका रेखांकित हुई ।

राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ की निदेशक डॉ. वंदना सिरोहा, योगाचार्य वैद्य तारा चंद शर्मा और योगाचार्य वैद्य नामधर शर्मा की उपस्थिति में आयोजित कार्यक्रम में विद्यापीठ के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी भाग लिया। यह समारोह शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक कल्याण के लिए पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों के एकीकरण को बढ़ावा देने में संस्थान के निरंतर प्रयासों को दर्शाता है।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यापीठ परिसर में योगाभ्यास सत्र से हुआ, जिसमें प्रतिभागियों ने आसन, प्राणायाम और ध्यान सहित विभिन्न योगिक अभ्यास किए। इसमें शारीरिक तंदुरुस्ती, मानसिक स्वास्थ्य और समग्र स्वास्थ्य सुधार में योग के लाभ प्रदर्शित हुए।
योगाचार्यों ने इस बात पर बल दिया कि योग, आयुर्वेद के सिद्धांतों के साथ मिलकर, निवारक स्वास्थ्य देखभाल, संतुलित जीवन और स्वस्थ आयु को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कार्यक्रम में शरीर, मन और आत्मा के बीच सामंजस्य में योग और आयुर्वेद का साझा दृष्टिकोण प्रदर्शित हुआ।
प्रतिभागियों द्वारा जीवनशैली में योग अपनाने और परिवारों, कार्यस्थलों और समुदायों के बीच इसके लाभों के बारे में जागरूकता फैलाने के संकल्प के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।
राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 के आयोजन से समकालीन स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने तथा स्वस्थ, खुशहाल और अधिक संतुलित समाज को बढ़ावा देने में योग और आयुर्वेद की शाश्वत प्रासंगिकता की पुष्टि हुई।



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