
देशव्यापी अभियान के तहत प्रधानमंत्री डीबीटी के माध्यम से देश के लाभार्थियों को ट्रांसफर करेंगे 2,400 करोड़ की प्रोत्साहन राशि
प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत एम्स रायपुर में कल दोपहर 4 बजे से आयोजन
प्रविष्टि तिथि: 18 JUN 2026 7:36PM by PIB Raipur
प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के सफल क्रियान्वयन के उपलक्ष्य में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के क्षेत्रीय कार्यालय, रायपुर द्वारा कल 4 बजे एम्स सभागार, रायपुर में एक भव्य राष्ट्र स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस देशव्यापी उत्सव के हिस्से के रूप में आयोजित प्रादेशिक कार्यक्रम में देश के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी वर्चुअली उपस्थित रहेंगे। इस अवसर पर योजना के पात्र लाभार्थियों और नियोक्ताओं को सम्मानित करने के साथ-साथ, औद्योगिक केंद्रों के विकास को रेखांकित करते हुए नियोक्ता नव-नियुक्त युवाओं को प्रतीकात्मक रूप से नियुक्ति-पत्र प्रदान करेंगे, जो उनके औपचारिक अर्थव्यवस्था में प्रवेश को दर्शाएगा। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन के वित्त मंत्री श्री ओमप्रकाश चौधरी तथा वाणिज्य एवं उद्योग, श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन और माननीय सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल विशिष्ट अतिथि के रूप में मंच साझा करेंगे।

छत्तीसगढ़ प्रदेश ने इस योजना के तहत रोजगार को औपचारिक रूप देने और श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा का दायरा देने में शुरुआती स्तर पर ही बड़ी सफलता हासिल की है। राज्य में अब तक कुल 11,421 नए कर्मचारी लाभान्वित हो चुके हैं, जिनके खातों में 5.37 करोड़ की राशि सीधे ट्रांसफर की गई है, जबकि राज्य के 900 नियोक्ताओं को अतिरिक्त रोजगार सृजन के लिए 16.33 करोड़ का सीधा वित्तीय लाभ प्रदान किया गया है। रायपुर के इस क्षेत्रीय आयोजन के समांतर ही नई दिल्ली के विज्ञान भवन में मुख्य राष्ट्रीय कार्यक्रम आयोजित होगा, जहां माननीय प्रधानमंत्री प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के माध्यम से देश भर के लाभार्थियों को लगभग 2,400 करोड़ की प्रोत्साहन राशि वितरित करेंगे। इस देशव्यापी अभियान के तहत देश भर में कुल 200 स्थानों पर एक साथ क्षेत्रीय कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिसमें राज्यपालों, मुख्यमंत्रियों और केंद्रीय मंत्रियों सहित करीब 70,000 प्रतिभागी हिस्सा लेंगे और विज्ञान भवन की कार्यवाही का सीधा प्रसारण दूरदर्शन के माध्यम से इन सभी केंद्रों पर किया जाएगा।
भारत सरकार की यह प्रमुख ‘रोजगार-संबद्ध प्रोत्साहन’ (ELI) योजना कुल 99,446 करोड़ के भारी-भरकम बजट के साथ दो साल की अवधि में देश भर में 3.5 करोड़ से अधिक नौकरियां पैदा करने के लक्ष्य पर काम कर रही है। योजना के दो हिस्से हैं; ‘भाग A’ के तहत 1 लाख प्रति माह तक वेतन पाने वाले और पहली बार नौकरी में आने वाले युवाओं को एक महीने के वेतन के बराबर (अधिकतम 15,000) प्रोत्साहन राशि आधार लिंक बैंक खातों में दो किश्तों में दी जाती है, जबकि ‘भाग B’ के तहत ईपीएफओ पंजीकृत नियोक्ताओं को हर अतिरिक्त कर्मचारी की भर्ती पर 3,000 प्रति माह तक का इंसेंटिव 2 साल (मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए 4 साल) के लिए सीधे उनके पैन-लिंक्ड खातों में दिया जाता है। मार्च 2026 के राष्ट्रीय आंकड़ों के अनुसार, देश भर में भाग-A के तहत 4.41 लाख नए कर्मचारियों को 247 करोड़ और भाग-B के तहत 17,551 संस्थानों को 214 करोड़ के इंसेंटिव जारी कर लगभग 6.46 लाख अतिरिक्त रोजगार पैदा किए जा चुके हैं। कर्मचारियों और नियोक्ताओं को मिल रहा यह लगातार समर्थन देश की रोजगार रणनीति को मजबूत करते हुए ‘विकसित भारत’ के विजन को साकार करने में अहम योगदान दे रहा है।
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आरडीजे/पीजे





















