
प्रविष्टि तिथि: 08 MAY 2026 5:46PM by PIB Raipur
सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) में डिजिटल नवाचार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और इंडस्ट्री 4.0 आधारित कार्यसंस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत “कार्यपालक निदेशक (संकार्य) डिजिटल चैंपियंस ट्रॉफी 2025-26” का पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया। मानव संसाधन–ज्ञानार्जन एवं विकास विभाग द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता में कार्यस्थल की वास्तविक चुनौतियों के समाधान हेतु कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं डिजिटलीकरण आधारित तकनीकी नवाचार प्रस्तुत करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया।

समारोह के मुख्य अतिथि कार्यपालक निदेशक (संकार्य) श्री राकेश कुमार थे। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के मुख्य महाप्रबंधक, विभागाध्यक्ष, महाप्रबंधक, निर्णायक मंडल के सदस्य, प्रतिभागी एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

प्रतियोगिता में ऑटोमेशन एवं डिजिटलीकरण विभाग की टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। विजेता टीम में सुश्री अनुराधा ध्रुव, श्री बी. वेंकट अप्पाराव एवं श्री तलासमुद्रम राजेश शामिल रहे। बीआरएम विभाग की टीम प्रथम उपविजेता रही, जिसमें श्री भिमांशु कच्छप, श्री बेहरा वामसी एवं श्री सैतान सिंह मीणा शामिल थे। यूनिवर्सल रेल मिल विभाग की टीम ने तृतीय स्थान हासिल किया। इस टीम में श्री प्रसाद गौडू, सुश्री संज्योति तिर्के एवं श्री सुधीर यादव शामिल रहे।

समारोह में विजेता टीम के प्रत्येक सदस्य को 15 हजार रुपये, प्रथम उपविजेता टीम के प्रत्येक सदस्य को 10 हजार रुपये तथा द्वितीय उपविजेता टीम के प्रत्येक सदस्य को 5 हजार रुपये की नगद पुरस्कार राशि, ट्रॉफी एवं प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।
अपने संबोधन में कार्यपालक निदेशक (संकार्य) श्री राकेश कुमार ने कहा कि डिजिटल तकनीकों, कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं नवाचार आधारित कार्यप्रणाली का उपयोग परिचालन दक्षता बढ़ाने और कार्यस्थल की जटिल चुनौतियों के समाधान में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि तकनीकी नवाचार को प्रोत्साहन देने वाली ऐसी पहलें भविष्य के उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप कार्यसंस्कृति विकसित करने में सहायक सिद्ध होंगी।
अधिकारियों ने बताया कि यह पहल सेल के इंडस्ट्री 4.0 विजन के अनुरूप डिजिटल रूप से सशक्त एवं नवाचार-उन्मुख कार्यसंस्कृति विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रतियोगिता में कुल 14 टीमों ने तकनीकी शोध-पत्र प्रस्तुत किए, जिनमें से 13 टीमों ने प्रस्तुतीकरण चरण के लिए क्वालीफाई किया। प्रतिभागियों का मूल्यांकन नवाचार, व्यवहारिक उपयोगिता, क्रियान्वयन क्षमता एवं संगठनात्मक लाभ जैसे मानकों के आधार पर किया गया।
निर्णायक मंडल में मुख्य महाप्रबंधक (ऑटोमेशन एवं डिजिटलीकरण) श्री रवि शंकर, महाप्रबंधक (कम्युनिकेशन एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी) श्री अजय सचदेव तथा महाप्रबंधक (यूनिवर्सल रेल मिल) श्री शिशिर शुक्ला शामिल थे।
उल्लेखनीय है कि गैर-कार्यपालक कर्मियों के मध्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं डिजिटलीकरण कौशल को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से वार्षिक प्रतियोगिता आयोजित करने की अवधारणा कार्यपालक निदेशक (संकार्य) श्री राकेश कुमार द्वारा प्रस्तुत की गई थी। बाद में मानव संसाधन–ज्ञानार्जन एवं विकास विभाग ने इसे व्यवस्थित स्वरूप देकर क्रियान्वित किया। इस पहल का उद्देश्य कर्मियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं इंडस्ट्री 4.0 तकनीकों के माध्यम से वास्तविक कार्यस्थल समस्याओं के समाधान के लिए प्रेरित करना तथा परिचालन दक्षता, लागत अनुकूलन और डेटा आधारित नवाचार को बढ़ावा देना है।
विशेष रूप से, गैर-कार्यपालक वर्ग के लिए इस प्रकार की यह सेल की पहली पहल रही, जिससे कर्मचारियों के बीच नवाचार, समस्या-समाधान और डिजिटल परिवर्तन आधारित कार्यप्रणाली को नई दिशा मिलने की अपेक्षा है। कार्यक्रम का समन्वय महाप्रबंधक प्रभारी (मानव संसाधन–ज्ञानार्जन एवं विकास) श्री संजीव कुमार श्रीवास्तव द्वारा किया गया।





















