
प्रविष्टि तिथि: 10 MAR 2026 6:59PM by PIB Raipur
स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (Steel Authority of India Limited – SAIL) के भिलाई इस्पात संयंत्र (Bhilai Steel Plant – BSP) के मानव संसाधन विकास केंद्र में हाल ही में “जीरो एक्सीडेंट, जीरो ब्रेकडाउन” विषय पर प्रदर्शन संवर्धन कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला की परिकल्पना मुख्य महाप्रबंधक (ओर हैंडलिंग प्लांट एवं सिंटर प्लांट–3) श्री संजीव वर्गीज द्वारा की गई थी।

कार्यशाला में ओर हैंडलिंग प्लांट (Ore Handling Plant – OHP) के कार्यपालक, गैर-कार्यपालक तथा संविदा कर्मचारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। इसके साथ ही सिंटर प्लांट–3 (Sinter Plant–3 – SP–3) के कार्यपालकों की भी महत्वपूर्ण सहभागिता रही।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य व्यवहार आधारित सुरक्षा पद्धतियों को प्रोत्साहित करना तथा सुरक्षित कार्य व्यवहारों को सुदृढ़ करते हुए संयंत्र में एक मजबूत और स्थायी सुरक्षा संस्कृति का निर्माण करना था। इस दौरान आयोजित तकनीकी एवं सहभागितापूर्ण सत्रों में वरिष्ठ अधिकारियों और विषय विशेषज्ञों ने परिचालन एवं अनुरक्षण गतिविधियों में सुरक्षित कार्यप्रणालियों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की।
इस अवसर पर पूर्व मुख्य महाप्रबंधक (सेफ्टी एवं फायर सर्विसेज) तथा वर्तमान में सेफ्टी स्किल डेवलपमेंट फाउंडेशन (Safety Skill Development Foundation – SSDF) की गवर्निंग काउंसिल के सदस्य श्री जी.पी. सिंह ने अपने व्यापक अनुभव साझा करते हुए प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया। मुख्य महाप्रबंधक (बीआरएम) श्री योगेश शास्त्री ने ‘सर्वोत्तम परिचालन एवं अनुरक्षण पद्धतियां’ विषय पर विचारोत्तेजक और संवादात्मक सत्र संचालित किया। वहीं मुख्य महाप्रबंधक (ओएचपी एवं एसपी–3) श्री संजीव वर्गीज ने ‘ओनरशिप एवं 360 डिग्री सेफ्टी ऑब्जर्वेशन’ विषय पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों ने समूह चर्चा, विचार-विमर्श तथा संचार अभ्यासों में सक्रिय भागीदारी की। इन सत्रों में स्वामित्व की भावना, 360 डिग्री सुरक्षा अवलोकन और सक्रिय सुरक्षा उपायों के माध्यम से दुर्घटनाओं तथा उपकरणों में खराबी की संभावनाओं को कम करने पर विशेष बल दिया गया। साथ ही कन्वेयर उत्पादकता बढ़ाने, उपकरणों में सुधार लाने तथा परिचालन दक्षता को मजबूत करने से जुड़ी व्यावहारिक रणनीतियों पर भी विचार-विमर्श किया गया, जो ओर हैंडलिंग प्लांट के सुचारु संचालन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
कार्यशाला के समापन अवसर पर प्रतिभागियों ने अपने-अपने समूहों के माध्यम से कार्ययोजनाओं और प्रमुख सीखों की प्रस्तुति दी। वरिष्ठ अधिकारियों ने कर्मचारियों की सक्रिय सहभागिता की सराहना करते हुए उन्हें कार्यस्थल पर इन सुझावों को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के सफल समन्वयन में महाप्रबंधक प्रभारी (मानव संसाधन – लर्निंग एंड डेवलपमेंट) श्री संजीव श्रीवास्तव, महाप्रबंधक (मानव संसाधन – लर्निंग एंड डेवलपमेंट) श्री मुकुल सहारिया तथा उप महाप्रबंधक (ओएचपी) श्री प्रशांत जैन की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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