




Raipur chhattisgarh VISHESH : राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा कंटिन्यूइंग एजुकेशन सेल (सीईसी) के संयुक्त तत्वाधान में 12 जनवरी 2026 से 23 जनवरी 2026 तक “नॉलेज एन्हांसमेंट ऑफ लोको शेड टैक्नीशियन ऑफ इंडियन रेलवे” विषय पर एक औद्योगिक प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का समापन समारोह 23 जनवरी 2026 को आयोजित किया गया।
समापन समारोह के मुख्य अतिथि साउथ ईस्टर्न सेंट्रल रेलवे के वरिष्ठ डीएमई श्री सौरभ सिंह रहे। सम्माननीय अतिथि के रूप में डीन (कॉरपोरेट रिलेशन एंड रिसोर्स मोबिलाइजेशन) डॉ. एस. सान्याल और विशेष अतिथि के रूप में डीन एकेडमिक्स डॉ. एस गुप्ता मौजूद रही। इसके अतिरिक्त सीईसी के चेयरमैन डॉ. एस. घोष, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. सचिन जैन, प्रोफेसर, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग , डॉ. एस पटनायक, फैकल्टी सदस्य, तथा प्रतिभागी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत में डॉ. एस. घोष ने अपने संबोधन में कहा कि यह कार्यशाला सभी प्रतिभागियों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हुई। प्रशिक्षण सत्रों में सहभागिता उत्साहपूर्ण रही तथा कक्षाएँ रोचक और ध्यानाकर्षक रहीं। यह कार्यक्रम हमें किताबों के ज्ञान को असल ज़िंदगी के अनुभव से जोड़ने में मददगार रहा, जिससे प्रतिभागियों को इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की नई समझ प्राप्त हुई। डॉ. सचिन जैन ने बताया कि कार्यशाला के दौरान मापन यंत्रों की वायरिंग, सुरक्षात्मक प्रणालियाँ, सिंगल फेज एवं थ्री फेज ट्रांसफॉर्मर तथा इलेक्ट्रिकल सिस्टम की मूलभूत अवधारणाओं पर व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। उन्होंने सभी संकाय सदस्यों को सफल आयोजन एवं समन्वय के लिए धन्यवाद दिया। डॉ. एस. गुप्ता ने कार्यशाला के सफल आयोजन के लिए सभी आयोजकों एवं प्रतिभागियों की सराहना की तथा कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम शैक्षणिक गुणवत्ता में निरंतर सुधार लाने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
मुख्य अतिथि श्री सौरभ सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि प्रशिक्षण किसी न किसी रूप में हमेशा ज्ञान और कौशल को बढ़ाने में सहायक होता है। उन्होंने सुझाव दिया कि भविष्य में इस प्रकार की कार्यशालाओं को और अधिक व्यावहारिक बनाया जाना चाहिए, ताकि प्रतिभागी वास्तविक औद्योगिक वातावरण को बेहतर तरीके से समझ सकें। उन्होंने लोको शेड की कार्यप्रणाली में सुधार के लिए सीखी गई तकनीकों के उपयोग पर ज़ोर दिया तथा मैकेनिकल से इलेक्ट्रिकल क्षेत्र में हो रहे बदलाव को समझने की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला। साथ ही उन्होंने प्रतिभागियों से फीडबैक प्राप्त किया और भविष्य में और अधिक प्रभावी पाठ्यक्रम तैयार करने का सुझाव दिया।
कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों द्वारा फीडबैक सत्र में अपने अनुभव साझा किए गए और इसके बाद प्रमाण पत्र वितरण समारोह का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का समापन प्रो एस पटनायक द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें उन्होंने सभी अतिथियों, आयोजकों, प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।








