


Raipur chhattisgarh VISHESH कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ), क्षेत्रीय कार्यालय, रायपुर द्वारा आज एमिटी विश्वविद्यालय, खरोरा में ‘प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना’ और ‘कर्मचारी नामांकन योजना’ पर एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त-I श्री जयवदन इंगले ने विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार की इन सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के महत्व पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर पीयूष कांत पांडे सहित ईपीएफओ के प्रवर्तन अधिकारी श्री सिद्धार्थ शुक्ला और अनुभाग प्रभारी श्री अजय दीवान भी उपस्थित थे।
चर्चा के दौरान श्री जयवदन इंगले ने ‘प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना’ के बारे में विस्तार से बताया, जिसे 1 अगस्त 2025 से विनिर्माण क्षेत्र में नए रोजगार सृजन को प्रोत्साहित करने के लिए शुरू किया गया है। उन्होंने जानकारी दी कि इस योजना के तहत पहली बार नौकरी पाने वाले और यूएएन प्राप्त करने वाले कर्मचारियों को प्रोत्साहन के रूप में अधिकतम 15,000 रुपये की राशि दो किश्तों में प्रदान की जाएगी। साथ ही, नियोक्ताओं को नए रोजगार सृजन पर प्रति कर्मचारी अधिकतम 3,000 रुपये प्रति माह की प्रोत्साहन राशि सरकार द्वारा दी जाएगी। यह योजना 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 के बीच सृजित उन रोजगारों पर प्रभावी है, जहाँ कर्मचारी का वेतन एक लाख रुपये तक है।

इसके अतिरिक्त, क्षेत्रीय आयुक्त ने ‘कर्मचारी नामांकन योजना’ पर विशेष जोर दिया, जो 1 नवंबर 2025 से 30 अप्रैल 2026 तक छह महीने के लिए लागू की गई है। यह योजना उन नियोक्ताओं के लिए एक सुनहरा अवसर है जिन्होंने 1 जुलाई 2017 से 31 अक्टूबर 2025 के बीच नियुक्त कर्मचारियों का नामांकन ईपीएफओ पोर्टल पर नहीं किया था। पारदर्शिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से, विभाग ने इस प्रक्रिया को सरल बनाया है और इसके तहत नियोक्ताओं को केवल 100 रुपये का एकमुश्त मामूली हर्जाना देना होगा। श्री इंगले ने नियोक्ताओं को चेतावनी दी कि अनुपालन सुनिश्चित करने का यह अंतिम अवसर है, जिसके बाद नई श्रम संहिताओं के तहत कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।








