

तेज़, सरल और अधिक पारदर्शी निकासी (Withdrawals) सुनिश्चित करने के लिए तेरह जटिल प्रावधानों को तीन श्रेणियों में मिला दिया गया है
निकासी के लिए रोज़गार में पात्र वर्षों की संख्या को सभी श्रेणियों के लिए सात वर्ष तक से घटाकर अब केवल एक वर्ष कर दिया गया है।

पात्र राशि का 75% हिस्सा अब बिना किसी दस्तावेज़ीकरण के किसी भी समय निकाला जा सकता है; विशेष स्थितियों में पूर्ण निकासी की भी अनुमति है।
सेवानिवृत्ति बचत के क्षरण को रोकने के लिए समय-पूर्व अंतिम निपटान (Premature final settlement) अवधि को बढ़ाकर 12 महीने कर दिया गया है: इस कदम का उद्देश्य जल्दबाजी में निकासी को हतोत्साहित करना और दीर्घकालिक वित्तीय कल्याण को बढ़ावा देना है।
भविष्य के पेंशन लाभों की निरंतरता और सुरक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए ईपीएस (EPS) के तहत निकासी लाभ नियमों को संशोधित किया गया है।








