

ईएसआईसी की ‘एमनेस्टी योजना 2025’ से लंबित मुकदमों के निपटारे और अनुपालन में सुविधा
Raipur chhattisgarh VISHESH कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) ने लंबित मुकदमों के समाधान और अनुपालन को प्रोत्साहित करने के लिए एक महत्वाकांक्षी पहल की है। निगम 1 अक्टूबर 2025 से 30 सितंबर 2026 तक प्रभावी रहने वाली ‘एमनेस्टी योजना 2025’ लागू कर रहा है, जो नियोक्ताओं को अदालतों के बाहर विवादों का निपटारा करने का अवसर प्रदान करेगी।

ईएसआईसी क्षेत्रीय कार्यालय, रायपुर के अनुसार, यह एक बार की विवाद समाधान पहल है, जिसका मुख्य उद्देश्य अदालतों में लंबित मामलों के बैकलॉग को कम करना और ईएसआई अधिनियम के तहत अनुपालन को सरल बनाना है। जानकारी के अनुसार, 31 मार्च 2025 तक देशभर की विभिन्न अदालतों में लगभग 27 हजार मामले लंबित थे।
योजना के तहत नियोक्ता वास्तविक अंशदान और ब्याज का भुगतान कर तदर्थ मूल्यांकन का निपटारा कर सकेंगे, और इस पर कोई क्षतिपूर्ति नहीं वसूली जाएगी। इसके अलावा, जिन विवादित क्षतिपूर्ति मामलों में नियोक्ताओं ने पहले ही बकाया अंशदान और ब्याज राशि का भुगतान कर दिया है, उन्हें वापस लिया जाएगा, बशर्ते कि विवादित क्षतिपूर्ति का 10% भुगतान किया गया हो। इसी तरह, ईएसआईसी द्वारा रिकॉर्ड प्रस्तुत न करने या भुगतान में देरी से जुड़े वे मामले, जिनमें बाद में अनुपालन कर दिया गया है, अदालत की अनुमति से वापस लिए जाएंगे।
योजना के अंतर्गत केवल 31 मार्च 2025 तक दायर किए गए मामले ही पात्र होंगे। इससे पहले सीमित अपील प्रावधान और निकासी अधिकारों की कमी के कारण मुकदमे लंबे समय तक अटके रहते थे।
ईएसआईसी की यह पहल न केवल लंबित मुकदमों के निपटारे का मार्ग प्रशस्त करती है, बल्कि व्यापार करने में सुगमता (Ease of Doing Business) के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को भी मजबूत करती है। यह कदम सामाजिक सुरक्षा तंत्र को और अधिक सुदृढ़ करेगा और नियोक्ताओं और निगम के बीच भरोसे का माहौल बनाएगा।
आरडीजे








