








मार्शलआर्ट्सट्रेनिंग_कैंप
आत्मरक्षा, शारीरिक फिटनेस और व्यक्तिगत विकास के लिए सहायक है मार्शल आर्ट। इससे बच्चे आत्मनिर्भर और मजबूत बनते हैं : डाॅ. वर्णिका शर्मा अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग

Raipur chhattisgarh VISHESH डाॅ. वर्णिका शर्मा अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग राजधानी रायपुर के कृषि विश्वविद्यालय में विवेकानंद मार्शल आर्ट फिटनेस फेडरेशन द्वारा आयोजित ओपन इंटरनेशनल म्यूथाई ट्रेनिंग कैंप के समापन समारोह में शामिल हुई उन्होंने मार्शल आर्ट सीखने वाले होनहार बच्चों को सम्मानित कर उनका हौसला बढ़ाया। इस दौरान ट्रेनर के रूप में बच्चों अच्छे से प्रशिक्षित कर रहे थाईलैंड के ग्रैंड मास्टर क्रू सुफॉन एवं जापान की इंटरनेशनल इंस्ट्रक्टर क्रू मामी साटो को भी सम्मानित कर मार्शल आर्ट के प्रति उनके जज्बे का अभिनंदन किया।
मार्शल आर्ट्स शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य को भी ठीक रखता है, जिससे आत्म-नियंत्रण और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। यह एक प्राचीन परंपरा है जो विभिन्न संस्कृतियों में विकसित हुई है और भारत में कलारीपयट्टु जैसे कई रूप मौजूद हैं।
बच्चों को मजबूत और मेहनती बनाने हेतु इस महत्वपूर्ण आयोजन के लिए सर्वश्री अमन यादव जी, लखन साहू जी, संदीप तांडी जी, ठाकुर जी, श्रीमती हरबंश कौर जी का सहृदय अभिनंदन l








