




भिलाई इस्पात संयंत्र ने वनांचल के बच्चों को दी पौष्टिकता की सौगात, ‘गिफ्ट मिल्क’ योजना पुनः शुरू
Raipur chhattisgarh VISHESH भारतीय स्टील प्राधिकरण लिमिटेड- सेल- भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) ने अपनी सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) गतिविधियों के अंतर्गत पोषण और शिक्षा को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक और ठोस कदम उठाया है। तकनीकी कारणों से कुछ समय के लिए स्थगित रही ‘गिफ्ट मिल्क’ योजना को 22 सितम्बर 2025 से पुनः आरंभ कर दिया गया है। इस योजना के तहत बीएसपी खदानों के बफर जोन ग्रामों के 104 शासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत 3,349 छात्रों को प्रतिदिन 200 मिलीलीटर का फ्लेवर्ड फोर्टिफाइड दूध उपलब्ध कराया जा रहा है।
यह दूध विटामिन ए एवं डी से युक्त है और बच्चों के पोषण स्तर में सुधार लाने के उद्देश्य से मध्यान्ह भोजन के साथ अनुपूरक पोषण के रूप में वितरित किया जाएगा। योजना का क्रियान्वयन एन.डी.डी.बी. फाउंडेशन फॉर न्यूट्रिशन (एनएफएन) के सहयोग से किया जा रहा है।
‘गिफ्ट मिल्क’ योजना का शुभारंभ 18 अप्रैल 2023 को तात्कालीन सेल अध्यक्ष ने किया था। 2 मार्च 2023 को भिलाई इस्पात संयंत्र और एनएफएन के मध्य हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) के तहत इस महत्वाकांक्षी पहल की परिकल्पना की गई थी। लक्ष्य था — नारायणपुर और कांकेर जैसे दूरस्थ व आदिवासी बहुल जिलों में कुपोषण की चुनौती से निपटते हुए बच्चों तक पौष्टिक दूध पहुँचाना।
सितम्बर 2024 तक इस योजना का दायरा 22 ग्रामों से बढ़ाकर 60 ग्रामों तक विस्तारित किया गया था, जिससे लाभार्थी बच्चों की संख्या 2,583 से बढ़कर 3,349 हो गई। योजना को प्रतिवर्ष 182 विद्यालय दिवसों तक लगभग 4,000 छात्रों तक पहुँचाने का लक्ष्य तय किया गया है, जिसके लिए करीब 7.28 लाख दूध पैकेट की व्यवस्था की जानी है।
यह योजना न केवल विद्यालयीन शिक्षा को मजबूती देती है, बल्कि बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण को भी सशक्त बनाती है। संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजीज़) से सीधे जुड़ी यह पहल नारायणपुर, कांकेर, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी और बालोद जैसे जिलों में बाल पोषण व शिक्षा को नई ऊर्जा दे रही है।
भिलाई इस्पात संयंत्र का कहना है कि इस योजना के माध्यम से संस्था अपने ध्येय वाक्य “मजबूत इस्पात के साथ मजबूत भविष्य” को सार्थक कर रही है।

आरडीजे








