रिपोर्ट मनप्रीत सिंह

रायपुर छत्तीसगढ़ विशेष : छत्तीसगढ़ में जामातियों की संख्या को लेकर आयी कंफ्यूजन की स्थिति को राज्य सरकार ने साफ किया है। मुख्यमंत्री ने साफ किया है कि प्रदेश में सिर्फ 107 जमाती आये थे, 159 की संख्या का कोई आधार नहीं है। पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि “प्रदेश में सिर्फ 107 जामाती आये थे, उन सभी को चिन्हित कर लिया गया है, उन्हें क्वारंटाईन में रखा गया है, 159 की संख्या को लेकर भ्रम आंध्र प्रदेश की एसआईबी रिपोर्ट के आधार पर फैला है, लेकिन ये संख्या सही नहीं है, प्रदेश में सिर्फ 107 ही लोग आये थे और उन सभी की पहचान हो गयी है सभी को क्वारंटाईन कर लिया गया है. आपको बता दें कि जामातियों की संख्या को लेकर हाईकोर्ट में एक याचिका भी दायर की गयी थी। चर्चा इस बात की थी कि प्रदेश में 52 जामातियों का कोई पता नहीं चल पा रहा है, सिर्फ 107 लोगों को ही राज्य सरकार अभी ढूंढ पायी है।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ में फीजिकल डिस्टेंसिंग का आह्वान किया है। वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि
“कोरोना के खिलाफ सोशल डिस्टेंसिंग से आगे बढ़कर अब फीजिकल डिस्टेंसिंग की जरूरत है, फीजिकल डिस्टेंसिंग बनाने में अगर हम कामयाब हुए, श्चित ही हम कोरोना के खिलाफ बड़ी लड़ाई जीतने में कामयाब होंगे, हमें इसके लिए मानसिक रूप से तैयार रहना होगा”इससे पहले मुख्यमंत्री ने कोरोना को लेकर छत्तीसगढ़ सरकार की तरफ से किये जा रहे उपायों और निर्णयों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ कोरोना से बड़ी ही सक्रियता से निपट रहा है। प्रदेश में जो अब तक 18 संक्रमित मरीज मिले थे, उनमें से 9 अभी तक ठीक होकर घर लौट चुके हैं। उन्होंने इस आपदा में सहयोग कर रहे संगठनों, वालेंटियर्स और मीडिया का भी धन्यवाद दिया।मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कभी 100 % लॉकडाउन नहीं किया गया, कटघोरा के हॉटस्पाट बनने के बाद संवेदनशील क्षेत्र को लॉकडाउन किया गया है। उन्होंने लॉकडाउन के बारे में 12 अप्रैल को कैबिनेट में चर्चा करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि देश से कोरोना मिटाने के लिए हमें संकल्प, संयम और सावधानी पर खास ध्यान देना होगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना के खिलाफ जंग में ग्रामीण क्षेत्रों ने जिस सक्रियता का परिचय दिया, वो वाकई में काबिल-ए-तारीफ है। ग्रामीणों ने खुद से आगे आकर गांव को पूरी तरह से लाकडाउन किया। उसने इस बात को साबित किया कि आज भी गांव में अनुशासन सबसे मजबूत है। भूपेश बघेल ने कहा कि लन्दन से आये लोगों में लक्षण के बावजूद जिस तरह से कोरोना पाजेटिव पाया गया, उसके बाद सभी के रेंडम टेस्टिंग के निर्देश दिये गये हैं। टेस्टिंग किट छत्तीसगढ़ में उपलब्ध हैं और टेंडर के बाद राज्य सरकार की तरफ से भी किट की खरीदी करेगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि कोरोना के खिलाफ जंग में पैसे की कमी आने दी जायेगी। उन्होंने डीएमएफ फंड के उपयोग को लेकर पूछे गये सवाल का जवाब देते हुए कहा कि कोरोना के मद्देनजर जिला प्रशासन को इस बाबत निर्देश दिया गया था कि वो इस बीमारी के मद्देनजर हरसंभव व्यवस्थाएं करें।





















