व्यापारी नेताओं में टकराव के बाद बदला पंडरी और मालवीय रोड में दुकानें खुलने का समय सीमा , व्यापारी हुए एकजुट

 

 

रिपोर्ट मनप्रीत सिंग

रायपुर छत्तीसगढ़ विशेष : पंडरी कपड़ा मार्केट एसोसियेशन के बाद मालवीय रोड व्यापारी संघ ने भी दुकानें खोलने की अनुमति देने की मांग उठा दी है। प्रशासन ने कुछ शर्तों के साथ पंडरी कपड़ा मार्केट खोलने की अनुमति देने का मन भी बना लिया है, लेकिन पूर्व विधायक एवं वरिष्ठ व्यापारी नेता श्रीचंद सुंदरानी व्दारा यह मांग किए जाने के बाद कि देना है तो सभी व्यापारियों को व्यवसाय शुरु करने की अनुमति दें, प्रशासन के समक्ष नये सिरे से विचार करने की नौबत आ गई है। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कामर्स के अध्यक्ष जितेन्द्र बरलोटा एवं पंडरी कपड़ा मार्केट व्यापारी एसोसियेशन के अध्यक्ष चंदर विधानी ने कल कलेक्टर भारतीदासन से मुलाकात कर पंडरी कपड़ा मार्केट में व्यापार शुरु करने की अनुमति देने का अनुरोध किया था। जिला प्रशासन की ओर से मौखिक तौर पर संकेत दे दिए गए थे कि कुछ कड़ी शर्तों के साथ पंडरी कपड़ा मार्केट में व्यवसाय शुरु करने का रास्ता खोल दिया जाएगा। सोशल मीडिया के माध्यम से कल शाम इस तरह की खबर दौड़ने के बाद पूर्व विधायक श्रीचंद सुंदरानी एवं छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कामर्स के उपाध्यक्ष राजेश वासवानी ने मालवीय रोड की भी दुकानों को खोलने की अनुमति देने की मांग उठा दी है, जिससे प्रशासन उलझन में पड़ गया है।

छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कामर्स के अध्यक्ष जितेन्द्र बरलोटा कहते हैं- प्रशासन चाह रहा है कि चरणबद्ध तरीके से व्यापार शुरु हो। चेम्बर का प्रयास है केवल पंडरी कपड़ा मार्केट ही नहीं, रायपुर में सभी तरफ धीरे-धीरे व्यापार शुरु होते चले जाए। जिस तरह यहां विरोध की राजनीति शुरु हो गई है यह कोई अच्छा संकेत नहीं। पंडरी कपड़ा मार्केट एसोसियेशन के अध्यक्ष चंदर विधानी ने कहा कि प्रशासन ने हमारे सामने शर्त रखी कि पंडरी में केवल कपड़ा दुकानों को खोलने की अनुमति होगी। एक दिन में एक तरफ तो दूसरे दिन दूसरे तरफ की दुकानें खुलेंगी। एक समय में 50 प्रतिशत दुकानें खोलने का फार्मूला लागू करना होगा। सोशल डिस्टेंसिंग एवं सेनेटाइजर जैसे नियमों का कड़ाई से पालन करवाना होगा इसके लिए हम सहमत भी हो गए थे। लेकिन कुछ व्यापारी नेता किसी तरह का आदेश जारी होने से पहले ही विरोध में उतर आए हैं। इसका व्यापार जगत में कोई अच्छा मैसेज नहीं जाएगा। प्रशासन वैसे भी क्रमवार सब तरफ दुकानों को खोलने की अनुमति देने वाला है तो फिर जल्दबाजी में इस तरह के विरोध जताने का क्या मतलब। ये सब देखते हुए आज नए सिरे से समय निर्धारण किया गया है जिसकी सूचि निम्न है 

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