









Raipur chhattisgarh VISHESH // राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर का सप्तदश दीक्षांत समारोह 3 नवंबर 2026 को पंडित दीनदयाल उपाध्याय सभागार में आयोजित किया गया। इसी दिन प्रातः माननीय केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी द्वारा अन्य सम्माननीय अतिथियों की उपस्थिति में संस्थान के हीरा हॉल में सात उत्कृष्टता केंद्रों का उद्घाटन किया गया, जिनमें Meity इंडियाएआई छत्तीसगढ़ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ऑन क्रिटिकल मिनरल्स, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन कंप्यूटेशनल मैकेनिक्स, सेंटर ऑफ स्पेस एंड इंटरप्लेनेटरी एक्सप्लोरेशन (कोसाईन), मैरल सेंटर फॉर इनोवेशन इन रूरल एंड ट्राइबल हेल्थ, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर एयरोस्पेस एंड ऑटोनॉमस टेक्नोलॉजीज तथा सेंटर फॉर नैनोसाइंस एंड सस्टेनेबल एनर्जी टेक्नोलॉजीज सम्मिलित हैं। ये केंद्र उन्नत अनुसंधान, अंतर्विषयक सहयोग एवं नवाचार को बढ़ावा देने के साथ उभरती तकनीकी एवं सामाजिक चुनौतियों के समाधान की दिशा में कार्य करेंगे।
इसके बाद पं दीनदयाल उपाध्याय सभागार रायपुर में आयोजित दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भारत सरकार के माननीय केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी उपस्थित रहे। विशेष अतिथि के रूप में रायपुर के सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल एवं सीएसआईआर की महानिदेशक तथा डीएसआईआर की सचिव डॉ. (श्रीमती) नल्लाथम्बी कलाइसेल्वी उपस्थित रहीं। समारोह की अध्यक्षता एनआईटी रायपुर के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरमैन डॉ. सुरेश हावरे ने की। इस अवसर पर संस्थान के निदेशक एवं सेनेट के अध्यक्ष डॉ. एन. वी. रमना राव, सेनेट एवं बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के सदस्य, डीन, विभागाध्यक्ष, प्राध्यापकगण, कर्मचारीगण, अभिभावक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

समारोह का शुभारंभ शैक्षणिक शोभायात्रा के आगमन एवं राष्ट्रीय गीत ‘वन्दे मातरम्’ के साथ हुआ। इस वर्ष संस्थान ने कुल 1,364 विद्यार्थियों को उपाधियाँ प्रदान कीं, जिनमें 976 स्नातक, 283 स्नातकोत्तर तथा 105 पीएच.डी. विद्यार्थी सम्मिलित हैं। समारोह में उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन के लिए विद्यार्थियों को कुल 51 पदक प्रदान किए गए, जिनमें 25 स्वर्ण, 25 रजत तथा एक ओवरऑल स्वर्ण पदक शामिल है। संस्थान स्वर्ण पदक एवं ओवरऑल टॉपर (स्नातक) का सम्मान बी.टेक कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग की आत्मिका गंगेले को प्राप्त हुआ।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में डॉ. सुरेश हावरे ने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल डिग्री प्राप्त करने का दिन नहीं है, बल्कि जीवन की एक नई शुरुआत है। उन्होंने कहा कि सभागार में उपस्थित स्नातक विद्यार्थी केवल डिग्रीधारक नहीं हैं, बल्कि वे देश के भावी इंजीनियर, उद्यमी, वैज्ञानिक और नेतृत्वकर्ता हैं। मुख्य अतिथि श्री जी. किशन रेड्डी के बारे में बात करते हुए उन्होंने एक किसान परिवार से निकलकर वर्ष 2004 से लगातार चुनावी सफलता प्राप्त करने तक की उनकी प्रेरणादायक यात्रा का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आज हम कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डिजिटल तकनीक और स्वचालन के युग में जी रहे हैं, लेकिन कुछ ऐसे कार्य हैं जिन्हें AI नहीं कर सकता, जैसे बिजली का उत्पादन। इसलिए विद्यार्थियों के लिए अपने मूलभूत विषयों में मजबूत आधार तैयार करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से आधुनिक तकनीकों को अपनाने के साथ-साथ बुनियादी सिद्धांतों को कभी न भूलने का आग्रह किया। अंत में, उन्होंने विद्यार्थियों को पूरे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने, एक बेहतर भारत के निर्माण में अपना योगदान देने तथा राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) रायपुर का नाम गौरवान्वित करने के लिए प्रेरित किया।
श्री जी. किशन रेड्डी ने अपने दीक्षांत संबोधन में स्नातक विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि छह दशकों से अधिक समय से एनआईटी रायपुर भारत की तकनीकी प्रगति की आधारशिला रहा है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा के प्रमुख संरक्षक के रूप में कोयला एवं खान मंत्रालय यह मानता है कि बढ़ती अर्थव्यवस्था के साथ ऊर्जा की माँग भी बढ़ेगी, और इस औद्योगिक छलाँग को सतत एवं किफायती तकनीकों के साथ संतुलित करना सबसे बड़ी चुनौती एवं अवसर दोनों है। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे विकसित भारत के सपने को साकार करने में अपनी भूमिका के प्रति सजग रहें तथा ऊर्जा, आपूर्ति शृंखला, स्वास्थ्य, रोजगार सृजन एवं कृषि विकास जैसे क्षेत्रों में जहाँ अन्य लोग अवरोध देखते हैं, वहाँ समाधान खोजें। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह रटने पर नहीं, बल्कि कौशल आधारित शिक्षा पर केंद्रित है और इस दिशा में राज्य सरकारों तथा विश्वविद्यालयों के साथ कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एडवांस मैन्युफैक्चरिंग एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता भविष्य की अर्थव्यवस्था एवं रोजगार के अवसरों को आकार देंगे, तथा सिलिकॉन वैली के एक-तिहाई तकनीकी विशेषज्ञ भारतीय होना इस बात का प्रमाण है कि तकनीक एवं शिक्षा के क्षेत्र में भारत अग्रणी है।
श्री बृजमोहन अग्रवाल ने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि नवाचार एवं अनुसंधान मानवता तथा राष्ट्र के विकास के लिए आवश्यक हैं। सात उत्कृष्टता केंद्रों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अनेक क्रिटिकल मिनरल्स आज आयात किए जा रहे हैं, जबकि उन्हें देश में ही खोजा जाना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से कृत्रिम बुद्धिमत्ता सीखकर उसका उपयोग राष्ट्र के विकास एवं वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए करने का आग्रह किया।
डॉ. कलाइसेल्वी ने कहा कि अन्य संस्थानों से भिन्न एनआईटी रायपुर धातुकर्म एवं कोयला सहित सभी क्षेत्रों में उपाधियाँ प्रदान करता है। उन्होंने कोयले को वास्तविक युग का हीरा बताते हुए कहा कि देश में करोड़ों टन कोयला उपलब्ध है, किंतु इस महत्व की पहचान अब भी शेष है। उन्होंने धातुकर्म उत्कृष्टता केंद्र की सराहना करते हुए संक्रमण धातुओं, आत्मनिर्भर भारत तथा कार्बन डाइऑक्साइड-मुक्त तकनीकों पर बल दिया और विद्यार्थियों से राष्ट्र के लिए नेतृत्व संभालने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपने शिक्षकों एवं अभिभावकों पर गर्व होना चाहिए, जिनके बिना यह संभव नहीं था।
अपने स्वागत भाषण एवं संस्थान की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए निदेशक प्रो. एन. वी. रमना राव ने समारोह में उपस्थित सभी गणमान्य अतिथियों का परिचय कराया तथा संस्थान की प्रगति और उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि संस्थान के लिए सेंटर ऑफ स्पेस एंड इंटरप्लेनेटरी एक्सप्लोरेशन (COSINE) की औपचारिक स्वीकृति प्राप्त होना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इसके अतिरिक्त, टाइम्स हायर एजुकेशन वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में संस्थान को #1201–1400 के बैंड में स्थान प्राप्त हुआ है तथा NITRRFIE को भारत इन्क्यूबेटर अवार्ड 2025 से सम्मानित किया गया है। उन्होंने साझा किया कि वर्ष 2026 बैच के विद्यार्थियों को कुल 821 प्लेसमेंट ऑफर प्राप्त हुए, जिनमें सर्वोच्च पैकेज ₹60 लाख प्रति वर्ष रहा। साथ ही, संस्थान के 18 संकाय सदस्यों और चार विद्यार्थियों को स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय द्वारा जारी विश्व के शीर्ष 2% वैज्ञानिकों की सूची में स्थान मिला। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने स्नातक विद्यार्थियों से अपने शिक्षण संस्थान से निरंतर जुड़े रहने तथा जीवनभर सीखने की भावना बनाए रखने का आह्वान किया।
समारोह के दौरान विभिन्न पाठ्यक्रमों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को पदक प्रदान किए गए तथा स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएच.डी. के विद्यार्थियों को उपाधियाँ प्रदान की गईं। दीक्षांत समारोह का समापन गणमान्य अतिथियों को स्मृति-चिह्न भेंट करने तथा राष्ट्रगान के सामूहिक गायन के साथ हुआ। इस प्रकार, एन आई टी रायपुर के विद्यार्थियों, संकाय सदस्यों एवं विशिष्ट अतिथियों के लिए यह यादगार दिन प्रेरणादायक और अविस्मरणीय बन गया।








