





राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर ने ईएंडआईसीटी अकादमी, आईआईटी गुवाहाटी के सहयोग से आयोजित एक सप्ताह के फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) “उन्नत गणितीय मॉडलिंग एवं कम्प्यूटेशनल विधियाँ: विज्ञान एवं अभियांत्रिकी में अनुप्रयोग (AMMCMASE-2026)” का समापन 30 अक्टूबर 2026 को आयोजित समापन समारोह के साथ किया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. कमल राज पारदर्शनी, सेवानिवृत्त एचएजी प्रोफेसर, मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (मैनिट), भोपाल उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. हनुमंत सिंह शेखावत, एसोसिएट प्रोफेसर, इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग, आईआईटी गुवाहाटी तथा डॉ. सुजीत कुमार समांता, विभागाध्यक्ष, गणित विभाग, एनआईटी रायपुर शामिल हुए। इस अवसर पर एफडीपी के संयोजक डॉ. कपिल कुमार सोनी, समन्वयक डॉ. शारदा नंदन राव एवं डॉ. नीरज मनहास के साथ संस्थान के संकाय सदस्य और कार्यक्रम के प्रतिभागी भी उपस्थित रहे।

स्वागत संबोधन में डॉ. राव ने सभी अतिथियों, संकाय सदस्यों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया। उन्होंने बताया कि पांच दिनों तक चले इस कार्यक्रम में जैव-चिकित्सा विज्ञान सहित विभिन्न क्षेत्रों में गणितीय मॉडलिंग के अनुप्रयोगों पर विस्तृत चर्चा की गई। डॉ. कपिल कुमार सोनी ने अपने संबोधन में सभी का स्वागत करते हुए कहा कि इस फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का उद्देश्य केवल एनआईटी रायपुर के शिक्षकों तक सीमित न रहकर देशभर के प्रतिभागियों को एक साझा अकादमिक मंच प्रदान करना था।
डॉ. शेखावत ने कहा कि आज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) गणित के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, लेकिन अनुप्रयुक्त गणित की आवश्यकता भविष्य में और अधिक बढ़ेगी। उन्होंने कहा, “परिणामों की व्याख्या करने के लिए हमेशा किसी व्यक्ति की आवश्यकता होगी और एआई के साथ काम करने के लिए भी किसी विशेषज्ञ की जरूरत होगी।
डॉ. सुजीत कुमार समांता ने गणित को तकनीकी खोजों एवं नवाचारों का आधार बताते हुए एफडीपी को प्रतिभागियों के लिए एक उत्कृष्ट अकादमिक मंच बताया। उन्होंने प्रतिभागियों को अपने पेशेवर संपर्क बनाए रखने तथा शोध एवं इंजीनियरिंग के उभरते हुए क्षेत्रों की चुनौतियों के समाधान में कार्यक्रम से प्राप्त ज्ञान का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में प्रो. पारदर्शनी का प्रेरणादायक संबोधन भी हुआ। उन्होंने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा, “आप युवा हैं और आप ही देश का भविष्य हैं।” उन्होंने बताया कि आज एआई टूल्स नियमित एवं दोहराए जाने वाले कार्यों को करने में सक्षम हैं। ऐसे में उन्होंने प्रतिभागियों को बड़े लक्ष्य निर्धारित करने, उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने तथा समाज की समस्याओं का समाधान खोजने की दिशा में कार्य करने के लिए प्रेरित किया |
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए तथा भविष्य में कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी एवं उपयोगी बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव और प्रतिक्रियाएं प्रस्तुत कीं। अंत में डॉ. नीरज मनहास ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों, आयोजकों, संकाय सदस्यों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।








