10 महीने के बच्चे को मां ने गलती से पिलाया पानी की जगह सेनिटाइजर

Report manpreet singh 

Raipur chhattisgarh VISHESH : कोरोना वायरस से जग में आजकल घरो में आम तौर पे सेनिटाइजर का उपयोग हो गया है। पर इस वजह से लोग बडी-बड़ी लापरवाही कर रहे है। इस बीच एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। दरसल उत्तरी त्रिपुरा में ऊनकोटी जिले के कुमारघाट उप-मंडल के अंतर्गत सोनामुरी गांव के स्वास्थ्य केंद्र में मां के बच्चे को पानी के बजाय सेनिटाइजर पिला देने से उसका बच्चा बीमार पड़ गया है।

पुलिस ने अगरतला के कुमारघाट उप-मंडल के अंतर्गत सोनामुरी गांव में 10 महीने के बच्चे को स्वास्थ्य केन्द्र में उसकी मां ने पानी के बजाय सेनिटाइज़र पिलाने के बाद बच्चे की तबीयत खराब हो गई। डॉक्टरों ने कहा कि आशा स्वास्थ्य कर्मी द्वारा स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र से बच्चा लाने के तुरंत बाद उसे कुमारघाट अस्पताल में भर्ती कराया गया।

डॉक्टरों ने बताया कि

हलाकि अब बच्चे की हालत खतरे से बाहर है। डॉक्टर ने खुद इस बात की जानकारी दी है। लेकिन उन्होंने बताया कि बच्चे को फिर से खाना-पीना शुरू करने में कुछ और समय लगेगा। पुलिस के अनुसार प्रीति दास (बच्चे की मां) ने आरोप लगाया कि वह अपने 10 महीने के बच्चे को पल्स पोलियो दवा पिलाने के लिए स्वास्थ्य केंद्र गई थी, उसे ऐसा लगा कि उसका बच्चा प्यासा है और उसने आशा वर्कर से पानी मांगा। आशा वर्कर पुष्पा दास ने बच्चे की मां को पानी के बजाय सेनिटाइजर दे दिया। बच्चे की मां ने उसे पिलाने के बाद थोड़ी ही देर बाद बच्चे की तबीयत खराब हो गई और वह उल्टियां करने लगा।

आरोपी पुष्पा ने पुलिस से कहा कि उसने बच्चे की मां को सेनिटाइजर गलती से दे दी थी। बच्चे की मां ने बोतल में भरे तरल पदार्थ के रंग को देखे बिना बच्चे के मुंह में उसे डाल दिया था। आशा वर्कर ने कहा कि यदि मैंने लापरवाही से बच्चे की मां को पानी के बजाए सेनिटाइजर दिया तो वह मुझसे ज्यादा लापरवाह निकली। उसने बच्चे के मुंह में तरल पदार्थ डालने से पहले उसके रंग और गंध पर ध्यान नहीं दिया।

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