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छत्तीसगढ़ को मखाना बोर्ड में शामिल किये जाने के एतिहासिक फैसले से मखाना की खेती कर रहे राज्य के किसानों को इस ओर कार्य करने हेतु नई दिशा और मजबूती मिली है|
Raipur chhattisgarh VISHESH हाल ही में राज्य के धमतरी जिले में आयोजित एक कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा राज्य में मखाना की खेती के प्रयासों को देखते हुए मखाना बोर्ड के गठन की घोषणा की गयी| राज्य में हो रहे मखाने के उत्कृष्ट उत्पादन पर माननीय मंत्री ने प्रसन्नता भी जाहिर की एवं उनके द्वारा घोषणा की गयी की मखाना बोर्ड के माध्यम से किसानों को वैज्ञानिक खेती, जल प्रबंधन, प्रसंस्करण तकनीक और बाजार तक पहुच में सहायता दी जाएगी|

इसी तारतम्य में कृषि उत्पादन आयुक्त एवं सचिव, छत्तीसगढ़ शासन श्रीमती शहला निगार की अध्यक्षता में मिशन फार इंटिग्रेटेड डेव्हलपमेंट आफ हार्टिकल्चर अंतर्गत स्तरीय कार्यकारी समिति (SLEC) की बैठक आज दिनांक 12.12.2025 को सम्पन्न हुई। उक्त बैठक में संचालक उद्यानिकी श्री लोकेश कुमार द्वारा अवगत कराया गया कि भारत सरकार द्वारा वर्ष 2025-26 से सेंट्रल सेक्टर स्कीम फॉर डेवलपमेंट ऑफ़ मखाना प्रांरभ किया गया है। इस योजना में शत प्रतिशत केन्द्रीय अनुदान दिये जाने का प्रावधान है। योजनांतर्गत वर्ष 2025-26 में आगामी 4 माह हेतु राशि रू. 179.61 लाख की स्वीकृति प्रदान की गयी है| योजना के तहत तालाब में मखाना की खेती करने वाले किसानों को राशी रु. 1.79 लाख की इकाई लागत के विरुद्ध 40 प्रतिशत राशी (रु. 72000) का अनुदान देने का प्रावधान है| इसी तरह स्वयं के खेत में मखाना उत्पादन करने वाले कृषकों को राशी रु.1.32 लाख की इकाई लागत के विरुद्ध 40 प्रतिशत (राशी रु.53000) का अनुदान देने का प्रावधान है| साथ ही नए तालाब के निर्माण पर राशी रु.7.00 लाख की इकाई लागत के विरुद्ध 40 प्रतिशत (राशी रु.2.80 लाख) का अनुदान देने का प्रावधान है|
मखाना के प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन हेतु माइक्रो लेवल मखाना प्रसंस्करण इकाई के स्थापना बाबत इकाई लागत राशी रु.10 लाख पर 35 प्रतिशत का अनुदान दिए जाने का प्रावधान है| इसी तरह FPO हेतु स्माल लेवल मखाना प्रसंस्करण इकाई के स्थापना बाबत इकाई लागत राशी रु. 39 लाख पर 50 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान है तथा निजी क्षेत्र हेतु इकाई लागत राशी रु. 39 लाख पर 35 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान है| साथ ही लार्ज लेवल मखाना प्रसंस्करण इकाई के स्थापना बाबत इकाई लागत राशी रु. 07 करोड़ पर 35 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान है।
मखाना की खेती को बढ़ावा देने हेतु योजना अंतर्गत कृषकों का प्रशिक्षण एवं भ्रमण कार्यकम भी प्रस्तावित है| मखाना खेती की प्रेरित करने हेतु इंदिरा गाँधी कृषि विश्वविद्यालय तथा महात्मा गाँधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय द्वारा मखाने की उत्कृष्ट खेती का प्रदर्शन भी किया जावेगा|








