छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज, डंगनिया, रायपुर

लागत 7.02 रू. जबकि न्यूनतम घरेलू दर मात्र 4.10 रू.

औसतन घरेलू दर में मात्र 10 से 20 पैसे तक वृद्धि
गत वर्ष की तुलना में 1.89 प्रतिशत नाममात्र वृद्धि
Raipur chhattisgarh VISHESH रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग द्वारा आज छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पाचन, पारेषण एवं वितरण कंपनी लिमिटेड तथा अत्तीसगढ़ राज्य भार प्रेषन केन्द्र के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 हेतु विद्युत दरों का अनुमोदन किया गया। वितरण कंपनी के एमटी श्री भीमसिंड कंवर ने बताया कि समेकित रूम से विद्युत दर में विगत वर्ष की तुलना में मात्र 1.80 प्रतिशत की वृद्धि की गई है जो नगण्य है। कृषि उपभोक्ताओं के लिए कुछ मदों ने दर वृद्धि की गई है जिसका भार राज्य शासन द्वारा वहन किया जाता है. बतः इसत्ते कृषि उपभोक्ताओं को किसी भी तरह का अतिरिक्त भार नहीं पड़ेगा। इतनी अलावा अस्थायी कनेक्शनों आदिवासी अंचलों, मुरमुरा-पोहा उद्योगों प्रिंटिंग प्रेस आदि के लिए रियायतें बढ़ाई गई है या यथावत रखी गई है।
छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कंपनी को विद्युत की लागत 7 क 2 पैसे पड़ती है जबकि घरेलू उपभोकाओं को न्यूनतम रु. 10 पैसे की दर से विद्युत आपूर्ति की जाती है। नई बिद्युत दरों की कुछ विशेषताओं को वल्लेखित किया गया है। निम्न मध्यम वर्ग के घरेलू उपभोक्ताओं के विद्युत्त दरें में 10 पैरो प्रति यूनिट एवं अन्य घरेलू उपभोक्ताओं की दरों में 20 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है। गौशाला, शासन द्वारा अधिसूसित बस्तर एवं दक्षिण क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण तथा सरगुजा एवं उत्तर क्षेत्र विकास प्राधिकरण क्षेत्रों में आने वाले स्टे-टोम्स में प्रयुका होने वाली विद्युत पर घरेलू विद्युत दर लागू करने हेतु घरेलू उपभोक्ता श्रेणी में सम्मिलित किया गया है। घरेलू उपभोक्ता श्रेणी के अन्तर्गत लिए गए अस्थाई कनेवशन पर नार्मल टैरिफ का 1.5 गुना टैरिफ को स्थान पर नामीन टैरिफ कर 1.25 गुना टैरिपा लागू किया गया है।
राज्य शासन द्वारा अधिसूचित वाम चरमपंथी प्रभावित जिलों में संचार व्यवस्था को सुदृढ करने हेतु मोबाईल टॉवर की स्थापना को प्रोत्साहित करने हेतु इन क्षेत्रों में आने वाले सभी मोबाईल टॉवरों को ऊर्जा प्रभार में 10 प्रतिशत की छूट का प्रावधान किया गया t
कृषि पम्पों के लिए विद्युत की दरों में 50 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है। कृषि पंचों के विद्युत देयकों का भुगतान राज्य शासन द्वारा किया जाता है, अतः यह मार राज्य शादान स्वयं वहन करेगा। गैर घरेलू उपभोक्ताओं की विद्युत वरों में 25 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है एवं इसी श्रेणी के अंतर्गत लिए गए अस्थाई कनेक्शन पर भी नार्मल टेरिक का 1.5 गुना टेरिक के स्थान पर नार्मल टेरिक का 1.25 गुना टेरिक लागू किया गया है। गैर सबसिडी वाले कृषि विद्युत पंप वाले उपभोक्ताओं को ऊर्जा प्रभार में 20 प्रतिशत की छूट को बढ़ाकर 30 प्रतिशत कर दिया गया है। किसानों को खेतों में लगे विद्युत पम्पों और खेतों की रखवाली को प्रयोजनार्थ पम्प कनेक्शन के अंतर्गत वर्तमान में पन्य के समीप 100 पॉट के बार उपयोग की सुविधा प्रभावशील है। किसानों के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए आयोग द्वारा 100 बाँट तक लाईट एवं पंखे की स्वीकृति जारी रखी गई है।
पर्यावरण संरक्षण जो प्रोत्साहित करने के लिए निम्न दाब इलेक्ट्रिकल व्हीकल चार्जिग इकाईयों हेतु इलेक्ट्रिकल शीकल बालिंग की दैरिफ को औसत विद्युत लागत के बराबर अर्थात क.7.02 प्रति यूनिट निर्धारित किया गया है। उच्च दाब उपभोक्ताओं के लिए इलेक्ट्रिकल व्हीकल चार्जिग की टैरिफ को औसत विद्युत लागत के बराबर अर्थात 0.32 प्रत्ति केव्हीएएच निर्धारित किया गया है।
विज्ञप्ति में बताया गया है कि नियामक आयोग द्वारा महिला सशक्तिकरण हेतु पंजीकृत महिला स्वसहायता समूहों द्वारा संचालित उद्योग सभी गतिविधियों और व्यवसायिक गतिविधियों को ऊर्जा प्रभार में 10 प्रतिशत की छूट जारी रखी गई है। राज्य के ग्रामीण क्षेत्री बस्तर एवं दक्षिण क्षेत्र आदिवासी विकास प्रधिकरण तथा सरगुजा एवं उत्तर क्षेत्र विकास प्राधिकरण में संचालित अस्पताल नर्सिंग होम एवं डायग्नोस्टिक सेंटर के लिए प्रचलित विद्युत्त दरों के ऊर्जा प्रभार में दी जा रही 5 प्रतिशत की छूट को जारी रखा गया है। पोहा एवं गुरमुरा गिल को ऊर्जा प्रभार में 5 प्रतिशत की छूट को बढ़ाकर 10 प्रतिशत कर दिया गया है। अग्रिम भुगतान करने वाले सभी उपभोक्ताओं को दी जाने वाली 0.50 प्रतिशत छूट को बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत किया गया है। आफरोट प्रिन्टर्स एवं प्रिंटिंग प्रेरा उपभोक्ताओं को गैर घरेलू से हटाकर औद्योगिक श्रेणी में सम्मिलित किया गया है जो कि पहले की अपेक्षा कम है।
इस तरह सम्यक रुप से यह नई दरें कृषि-ग्रामीण-आदिवासी सहित सभी श्रेणी को प्राथमिकता श्रेणी वाले उपभोक्ताओं के लिए हितकारी तथा विकासपरक हैं। इन्हें काफी संतुलित एवं संतोषजनक कहा जा सकता है।





















