
Report manpreet singh
Raipur chhattisgarh VISHESH मध्य प्रदेश में जंगली हाथिओं को सुरक्षित रखने के लिए बाहर से लाये जायेंगे प्रशिक्षित हाथी. आपको बता दें की हाथिओं द्वारा बनाये गए स्थाई ठिकाने जैसे उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, सीधी, सिवनी सहित अन्य कई जिलों के जंगल में कर्नाटक और तमिलनाडु से नियंत्रण पाने के लिए हाथी लाये जायेंगे। पहले से सेवा दे रहे टाइगर रिजर्व में चार हाथियों को प्रशिक्षित किया जाएगा, जो मानव-हाथी द्वंद्व की स्थिति को टालने में काम आएंगे।प्रदेश में 2020 से अब तक जंगली हाथियों के हमले से 15 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।

60 से अधिक जंगली हाथिओं ने प्रदेश के सीधी, शहडोल और सिवनी जिले के जंगलों में डेरा डाला है जो अक्सर वन्य ग्रामों में उत्पात मचाते रहते हैं। ये ग्रामीणों की झोपड़ियां-फसल को ध्वस्त करते है जो लोग इसके बीच आते हैं उन्हें ये मार देते हैं। मध्य प्रदेश राज्य के लिए जंगली हाथी एक नई समस्या बनी हुई है। इस पर नियंत्रण करने के लिए कर्नाटक और बंगाल देश की हाथीओं का विशेषज्ञ प्रदेश के कर्मचारियों को प्रशिक्षण दे रहे हैं।
विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि प्रशिक्षित हाथियों को लाकर मानव द्वंद्व की स्थिति को टाला जा सकता है। इन जंगलों से हाथी अक्सर आबादी वाले क्षेत्रों में निकल आते हैं। उन्हें वापस जंगल में हांकने के लिए कुछ हाथियों को प्रशिक्षित किया गया है।





















