


Raipur chhattisgarh VISHESH / राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर के बायोमेडिकल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा, विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सुदीप पॉल के मार्गदर्शन में, IEEE इंजीनियरिंग इन मेडिसिन एंड बायोलॉजी सोसाइटी (IEEE EMBS) के सहयोग से “IEEE EMBS डिस्टिंग्विश्ड लेक्चरर्स प्रोग्राम ऑन न्यूरोरिहैबिलिटेशन एंड न्यूरोसाइंस” का आयोजन 27 जून 2026 को एनआईटी रायपुर में किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एनआईटी रायपुर के निदेशक (प्रभारी) प्रो. समीर बाजपेयी रहे । इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों, शोधार्थियों, शिक्षकों, स्वास्थ्य विशेषज्ञों तथा उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को न्यूरोरिहैबिलिटेशन, सहायक प्रौद्योगिकी (असिस्टिव टेक्नोलॉजी), रोबोटिक्स एवं न्यूरोसाइंस के क्षेत्र में कार्यरत अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त विशेषज्ञों के साथ संवाद एवं ज्ञान-विनिमय का एक सशक्त मंच उपलब्ध कराना था।
इस व्याख्यान श्रृंखला में दो प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय वक्ताओं ने अपने विचार साझा किए। श्रीलंका के यूनिवर्सिटी ऑफ मोरातुवा के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग स्थित बायोनिक्स प्रयोगशाला के प्रो. रुवान गोपुरा ने “शारीरिक रूप से कमजोर व्यक्तियों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार: पावर-असिस्ट रोबोटिक प्रणालियों की भूमिका” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने रोबोटिक सहायक प्रणालियों में हो रही नवीनतम प्रगति तथा शारीरिक रूप से दिव्यांग एवं कमजोर व्यक्तियों की गतिशीलता, आत्मनिर्भरता और जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला।
दूसरा विशिष्ट ऑनलाइन व्याख्यान इटली के इटालियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT-INAIL Rehab Technologies Lab) की प्रो. मरियाना सेम्प्रिनी द्वारा “न्यूरोरिहैबिलिटेशन में विश्वसनीय मूल्यांकन: चुनौतियाँ एवं भविष्य की दिशाएँ” विषय पर प्रस्तुत किया गया। उन्होंने पुनर्वास चिकित्सा में साक्ष्य-आधारित एवं विश्वसनीय मूल्यांकन सुनिश्चित करने के लिए उभरती हुई कार्यप्रणालियों, वर्तमान चुनौतियों तथा भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की।
IEEE EMBS डिस्टिंग्विश्ड लेक्चरर्स प्रोग्राम का संचालन सुश्री रूपल गुप्ता और सुश्री भाग्यश्री नायडू ने किया। कार्यक्रम एनआईटी रायपुर की अंतर्विषयक अनुसंधान को बढ़ावा देने, अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग को सुदृढ़ करने तथा अभियांत्रिकी, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी के संगम पर नवाचार को प्रोत्साहित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह कार्यक्रम बायोमेडिकल इंजीनियरिंग, रोबोटिक्स, न्यूरोसाइंस तथा डिजिटल हेल्थ के क्षेत्रों में सार्थक विमर्श को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ नए शोध एवं सहयोग के अवसरों का मार्ग प्रशस्त करेगा।






















