
प्रधानमंत्री नई दिल्ली से वर्चुअल माध्यम से जुड़कर देश भर के लाभार्थियों को वितरित करेंगे लगभग ₹2,400 करोड़ की राशि
देशभर में प्रमुख औद्योगिक एवं रोजगार केंद्रों सहित लगभग 200 स्थानों पर आयोजित किए जाएंगे क्षेत्रीय कार्यक्रम; नियोक्ता सौपेंगे नियुक्ति-पत्र
प्रविष्टि तिथि: 17 JUN 2026 6:01PM by PIB Raipur
भारत सरकार की महत्वाकांक्षी ‘प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना’ (PMVBRY) के देशव्यापी सफल क्रियान्वयन के उपलक्ष्य में आगामी 19 जून 2026 को नई दिल्ली से एक विशाल राष्ट्रीय कार्यक्रम का आयोजन होने जा रहा है, जिसमें छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर इस राष्ट्रीय स्तर के प्रोत्साहन वितरण समारोह का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनेगी। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के क्षेत्रीय कार्यालय, रायपुर द्वारा इस देशव्यापी अभियान के अंतर्गत एम्स सभागार, रायपुर में अपरान्ह 04 बजे एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस गरिमामयी राष्ट्रीय समारोह में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी नई दिल्ली से वर्चुअल माध्यम से मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहकर देश भर के पात्र लाभार्थियों को लगभग ₹2,400 करोड़ की प्रोत्साहन राशि का वितरण करेंगे।

इस देशव्यापी उत्सव के तहत रायपुर में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के क्षेत्रीय कार्यालय, रायपुर द्वारा आयोजित कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ शासन के माननीय वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवागंन तथा माननीय सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित रहेंगे। रायपुर के इस केंद्र के साथ-साथ, इसी दिन देशभर में लगभग 200 स्थानों पर, विशेषकर प्रमुख औद्योगिक एवं रोजगार केंद्रों में, इसी तरह के क्षेत्रीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में नियोक्ता, कर्मचारी, उद्योग प्रतिनिधि एवं अन्य हितधारक भाग लेंगे। इस विशेष अवसर पर नियोक्ता अपने नव-नियुक्त कर्मचारियों को प्रतीकात्मक रूप से नियुक्ति-पत्र प्रदान करेंगे, जो योजना के सफल कार्यान्वयन और देश के युवाओं के औपचारिक अर्थव्यवस्था में प्रवेश को रेखांकित करेगा।
पहले ‘रोजगार आधारित प्रोत्साहन’ (ELI) योजना के नाम से जानी जाने वाली इस योजना का मुख्य उद्देश्य देश में रोजगार सृजन को बढ़ावा देना, युवाओं की रोजगार क्षमता में वृद्धि करना और विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) क्षेत्र पर विशेष जोर देते हुए सामाजिक सुरक्षा के दायरे को बढ़ाना है। ₹99,446 करोड़ के कुल बजट वाली इस योजना का लक्ष्य दो वर्षों में देशभर में 3.5 करोड़ से अधिक रोजगार के अवसरों को तैयार करना है। इनमें से लगभग 1.92 करोड़ लाभार्थी ऐसे युवा होंगे जो पहली बार औपचारिक कार्यबल का हिस्सा बन रहे हैं। योजना के ये लाभ 01 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 के बीच सृजित होने वाले नए रोजगारों पर प्रभावी रूप से लागू होंगे।
यह योजना मुख्य रूप से दो प्रमुख भागों में विभाजित है, जिससे कर्मचारियों और नियोक्ताओं दोनों को सीधा लाभ मिले। योजना के भाग-A के अंतर्गत, EPFO में पंजीकृत और प्रति माह ₹1 लाख तक का वेतन पाने वाले पहली बार नियुक्त कर्मचारियों को एक माह के वेतन के बराबर, अधिकतम ₹15,000 तक की प्रोत्साहन राशि दो समान किस्तों में दी जाएगी। इसकी पहली किस्त छह महीने की निरंतर सेवा पूरी होने पर देय होगी, जबकि दूसरी किस्त बारह महीने की सेवा और एक वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम पूरा करने के बाद दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, युवाओं में भविष्य के लिए बचत को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस प्रोत्साहन राशि का एक हिस्सा निश्चित अवधि के लिए बचत या जमा खाते में लॉक रखा जाएगा।
योजना का भाग-B नियोक्ताओं को सहायता प्रदान करता है, जिसके तहत सभी क्षेत्रों में अतिरिक्त रोजगार देने वाले नियोक्ताओं को प्रत्येक नए कर्मचारी के लिए ₹3,000 प्रति माह तक का प्रोत्साहन दो वर्षों तक दिया जाएगा। विनिर्माण क्षेत्र के नियोक्ताओं के लिए इस लाभ को बढ़ाकर तीसरे और चौथे वर्ष, यानी अतिरिक्त दो वर्षों तक भी जारी रखने का प्रावधान किया गया है। इसके लिए शर्त यह है कि कर्मचारी कम से कम छह महीने तक नौकरी में बना रहे। पात्रता के मानदंडों के अनुसार, 50 से कम कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठानों को कम-से-कम दो अतिरिक्त कर्मचारी और 50 या अधिक कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठानों को कम-से-कम पांच अतिरिक्त कर्मचारी अनिवार्य रूप से जोड़ने होंगे।
योजना में पूरी तरह से पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए भुगतान की सीधी व्यवस्था की गई है। भाग-A के तहत मिलने वाला लाभ ‘आधार ब्रिज पेमेंट सिस्टम’ (ABPS) के माध्यम से सीधे कर्मचारियों के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) द्वारा भेजा जाएगा। वहीं दूसरी ओर, भाग-B के तहत नियोक्ताओं को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि सीधे उनके परमानेंट अकाउंट नंबर (PAN) से जुड़े बैंक खातों में जमा की जाएगी। यह क्रांतिकारी योजना भारत के विनिर्माण क्षेत्र को नई गति देने, युवाओं को गरिमामय औपचारिक रोजगार से जोड़ने और करोड़ों श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा कवच प्रदान करने में एक मील का पत्थर साबित होगी।





















