
Raipur chhattisgarh VISHESH /छत्तीसगढ़ राज्य हाथकरघा विकास एवं विपणन सहकारी संघ मर्या. रायपुर के द्वारा वर्ष 2025-26 में हाथकरघा के वस्त्रों के जाँच एवं के आधार पर डाइंग/प्रोसेसिंग एवं प्रिंटिंग हेतु जेम पोर्टल के माध्यम से निविदा आमंत्रित कर मारुति कोटेक्स लिमिटेड हैदराबाद, दिलीप टैक्सटाईल लिमिटेड हैदराबाद, विजय आनंद फैब्रिक्स लिमिटेड हैदराबाद एवं पदमचंद मिलापचंद जैन इंफ्रास्ट्रक्चर्स कर्नाटक से डाइंग/प्रोसेसिंग एवं प्रिंटिंग का कार्य कराया गया था।
तत्कालीन गोदाम प्रभारी श्री रामकृष्ण देवांगन के द्वारा हाथकरघा के वस्त्रों को डाइंग/प्रोसेसिंग एवं प्रिंटिंग कार्य हेतु संबंधित संस्थानों को भेजा जाता था तथा संबंधित संस्थानों से प्राप्त प्रोसेस वस्त्रों को तकनीकी परीक्षण कराकर स्वीकार किया जाता था एवं देयक भुगतान हेतु संघ मुख्यालय को भेजा गया है। जिसके आधार पर संघ मुख्यालय के द्वारा संबंधित फर्म को देयक भुगतान किया गया है। तत्कालीन गोदाम प्रभारी के द्वारा दिनांक 10.10.2025 को राज्य हाथकरघा संघ को जानकारी दिया गया कि मारुति कोटेक्स लिमिटेड हैदराबाद के देयक क्रमांक 593A दिनांक 18.07.2025 के माध्यम से प्राप्त वेस्टेज पी.सी. शटिंग वस्त्र हाथकरघा संघ का वस्त्र नहीं है। जिसके आधार पर राज्य हाथकरघा संघ कार्यालय द्वारा 06 सदस्यीय जांच कमेटी का गठन दिनांक 27.11.2025 को किया गया एवं कमेटी के द्वारा दिनांक 05.12.2025 को प्रतिवेदन दिया गया। प्रतिवेदन के अनुसार मारुति कोटेक्स लिमिटेड हैदराबाद के देयक क्रमांक 593A दिनांक 18.07.2025 के माध्यम से प्राप्त वेस्टेज पी.सी. शर्टिंग वस्त्र को हाथकरघा संघ का ही वस्त्र होना प्रतिवेदित किया गया। जिसके आधार पर तत्कालीन गोदाम प्रभारी एवं तकनीकी कर्मचारी को स्पष्टीकरण जारी किया गया था। तत्कालीन गोदाम प्रभारी के द्वारा राज्य हाथकरघा संघ द्वारा जारी स्पष्टीकरण का प्रतिउत्तर दिनांक 23.12.2025 को दिया गया था, जिसमें मारुति कोटेक्स लिमिटेड हैदराबाद के देयक क्रं. 545 दिनांक 27.06.2025, 577 दिनांक 04.07.2025, 583 दिनांक 05.07.2025, 588 दिनांक 11.07.2025 एवं देयक क्रं. 489 दिनांक 17.06.2025 के माध्यम से 60,236.00 मीटर अन्य वस्त्र प्राप्त होने की जानकारी दिया गया था। तत्कालीन गोदाम प्रभारी को दिनांक 10.10.2025 एवं दिनांक 23.12.2025 में अलग-अलग जानकारी दिये जाने, कार्य में गंभीर लापरवाही, उदासीनता एवं अनुशासनहीनता के आरोप में राज्य हाथकरघा संघ के आदेश दिनांक 12.01.2026 को निलंबित किया गया है एवं विभागीय जांच संस्थित कर जांच की कार्यवाही की जा रही है।
जांच अधिकारी के द्वारा दिनांक 23.12.2025 को दोबारा जांच प्रतिवेदन दिया गया था। तत्कालीन गोदाम प्रभारी एवं जांच अधिकारी के प्रतिवेदन दिनांक 23.12.2025 के अनुसार 60,236.00 मीटर अन्य वेस्टेज वस्त्र अन्य वस्त्र प्राप्त हुआ है, के भौतिक परीक्षण एवं नमूना जांच हेतु राज्य हाथकरघा संघ के कार्यालयीन आदेश दिनांक 06.04.2026 के द्वारा 05 सदस्यीय जांच टीम गठन किया गया था। जिसका प्रतिवेदन दिनांक 07.05.2026 को प्राप्त हुआ था। प्रतिवेदन के अनुसार संघ को प्राप्त देयक क्रमांक 545, 577, 583, 588 एवं 489 से प्राप्त मात्रा 60,336.00 मीटर वेस्टेज संघ के वस्त्रों का नहीं होना बताया गया है। उक्त प्राप्त वेस्टेज वस्त्र मारुति कोटेक्स लिमिटेड हैदराबाद का होना पाया गया है साथ ही उक्त वस्त्र संघ का वेस्टेज वस्त्र नहीं होने का गोदाम प्रोसेस वस्त्र प्रभारी श्री रामकृष्ण देवांगन को समय पूर्व सूचना न देने से उक्त स्थिति निर्मित होना बताया गया है साथ ही उक्त प्राप्त डैमेज वस्त्रों का संघ के तकनीकी कर्मचारी के द्वारा उपलब्ध कराया गया तकनीकी जांच प्रतिवेदन को संदेहास्पद बताया गया।
छत्तीसगढ़ राज्य हाथकरघा संघ के प्रबंध संचालक एवं सचिव, छत्तीसगढ़ शासन, ग्रामोद्योग विभाग श्री राजेश सिंह राणा, भा.प्र.से. के द्वारा मारुति कोटेक्स लिमिटेड हैदराबाद एवं तत्कालीन तकनीकी कर्मचारी को स्पष्टीकरण जारी किया गया था। जांच कमेटी के प्रतिवेदन दिनांक 07.05.2026 के द्वारा श्री राजेश सिंह राणा के द्वारा तत्कालीन गोदाम प्रभारी श्री रामकृष्ण देवांगन (निलंबित) के विरुद्ध संस्थित विभागीय जांच की कार्यवाही को 15 दिवस में पूर्ण करने हेतु जांच अधिकारी को निर्देश जारी किया गया है साथ ही संघ के प्रबंध संचालक के द्वारा कड़ी कार्यवाही करते हुए मारुति कोटेक्स लिमिटेड हैदराबाद द्वारा प्रदायित अन्य वेस्टेज वस्त्र मात्रा 60,336.00 मीटर के वसूली के लिए मूल्य निर्धारण हेतु 08 सदस्यीय विभागीय कमेटी का गठन किया गया है। ताकि उक्त राशि संबंधित फर्म से वसूली किया जा सके तथा राज्य हाथकरघा संघ को किसी भी प्रकार की आर्थिक क्षति न हो। इसके साथ ही तत्कालीन तकनीकी कर्मचारी श्री लोकेश विरही को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (संविदा नियुक्ति) नियम, 2012 के नियम 11 (5) के अनुसार कार्यवाही करते हुए तत्काल सेवा से समाप्त किया गया है।






















