
राज्य के 19,978 ग्रामों और 195 नगरीय निकायों को किया गया पूर्णतः कवर, नागरिकों के अभूतपूर्व सहयोग के लिए आभार व्यक्त
Raipur chhattisgarh VISHESH / जनगणना 2027 के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में प्रथम चरण — मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना — का फील्ड कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है। यह कार्य 01 मई 2026 से प्रारंभ होकर 30 मई 2026 को संपन्न हुआ। यह राष्ट्रीय महत्व का अभियान केवल आंकड़ों के संकलन तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य के भारत और छत्तीसगढ़ के विकास की ठोस आधारशिला तैयार करने वाला महत्वपूर्ण उपक्रम है।

जनगणना प्रक्रिया के माध्यम से शासन को यह समझने में सहायता मिलती है कि समाज के विभिन्न वर्गों तक विकास के लाभ किस प्रकार और कितनी प्रभावशीलता से पहुँच रहे हैं तथा भविष्य की योजनाओं और नीतियों का निर्माण अधिक सटीक एवं समावेशी ढंग से किया जा सके।
भारत की जनगणना 2027 का कार्य राज्य में दो चरणों में संपादित किया जा रहा है। प्रथम चरण के अंतर्गत मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना की गई, जबकि द्वितीय चरण — जनसंख्या गणना — फरवरी 2027 में संपादित की जाएगी। प्रथम चरण से प्राप्त जानकारी द्वितीय चरण के लिए आधार तैयार करती है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी मकान अथवा उसमें निवासरत परिवार गणना से वंचित न रह जाए।
प्रथम चरण के दौरान राज्य के सभी ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में प्रगणकों द्वारा घर-घर जाकर भारत सरकार द्वारा अधिसूचित 33 प्रश्नों के आधार पर जानकारी संकलित की गई। इन प्रश्नों का संबंध मकानों की स्थिति, परिवारों को उपलब्ध सुविधाओं तथा परिसंपत्तियों से था। यह संपूर्ण जानकारी मोबाइल अनुप्रयोग के माध्यम से संकलित कर भारत सरकार के सर्वर में सुरक्षित रूप से संरक्षित की गई है।
राज्य में यह कार्य सभी जिलों, तहसीलों, ग्रामों तथा नगरीय क्षेत्रों में शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपादित किया गया। इस दौरान राज्य का कोई भी क्षेत्र गणना कार्य से वंचित नहीं रहा। घर-घर जाकर जानकारी एकत्रित करने की प्रक्रिया में नागरिकों का अभूतपूर्व सहयोग प्राप्त हुआ।
निदेशक, जनगणना कार्य, छत्तीसगढ़ ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों द्वारा साझा की गई समस्त व्यक्तिगत जानकारी जनगणना अधिनियम, 1948 तथा जनगणना नियमावली, 1990 के प्रावधानों के अनुसार पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी। संकलित आंकड़ों का उपयोग केवल नीति निर्माण तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के उद्देश्य से किया जाएगा तथा संपूर्ण जनगणना प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात भारत सरकार द्वारा नियमानुसार इन्हें जारी किया जाएगा।
राज्य में प्रथम चरण का कार्य 33 जिलों, 252 तहसीलों, 195 नगरीय निकायों तथा 19,978 ग्रामों में संपादित किया गया। इसके लिए 251 ग्रामीण चार्ज एवं 221 नगरीय चार्ज गठित किए गए तथा इनके अंतर्गत 48,754 मकानसूचीकरण गणना ब्लॉक बनाए गए।
इस व्यापक अभियान के संचालन हेतु राज्य में कुल 62,500 अधिकारियों एवं कर्मचारियों की तैनाती की गई, जिनमें 47 प्रमुख जनगणना अधिकारी (33 जिला कलेक्टर एवं 14 नगर निगम आयुक्त), 250 जिला स्तरीय अधिकारी, 472 चार्ज अधिकारी, 60 मास्टर ट्रेनर्स, 1,100 फील्ड ट्रेनर्स, 52,705 प्रगणक तथा 9,319 पर्यवेक्षक शामिल रहे।
निदेशक, जनगणना कार्य, छत्तीसगढ़ ने प्रथम चरण के सफल संचालन पर राज्य के सभी नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि फरवरी 2027 में आयोजित होने वाले द्वितीय चरण — जनसंख्या गणना — में भी प्रदेशवासियों का इसी प्रकार सक्रिय एवं सकारात्मक सहयोग प्राप्त होगा।
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