

Raipur chhattisgarh VISHESH / राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा कन्टिन्यूइंग एजुकेशन सेल (सीईसी), एनआईटी रायपुर के तत्वाधान में “एप्लाइड डेटा एनालिटिक्स: ए प्रैक्टिकल अप्रोच” पर केंद्रित 15 दिवसीय ऑनलाइन सर्टिफिकेट कोर्स का शुभारंभ 25.5.2026 को किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों को डेटा एनालिटिक्स की ठोस सैद्धांतिक समझ के साथ-साथ व्यावहारिक (हैंड्स-ऑन) प्रशिक्षण प्रदान करना है।
उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में एनआईटी रायपुर के निदेशक डॉ. एन. वी. रमना राव उपस्थित रहे। इस अवसर पर सम्माननीय अतिथि अध्यक्ष, कंटीन्यूइंग एजुकेशन सेल, डॉ सुभोजित घोष, विभागाध्यक्ष (प्रभारी) सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, एनआईटी रायपुर डॉ. संजय कुमार उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समन्वयन सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के डॉ. गोविंद पी. गुप्ता एवं डॉ. मृदु साहू द्वारा किया गया। इसके अतिरिक्त अन्य संकाय सदस्य एवं प्रतिभागी भी उद्घाटन सत्र में उपस्थित रहे।

सबसे पहले कार्यक्रम समन्वयक डॉ मृदु साहू ने कार्यक्रम से सम्बंधित जानकारी साझा की और बताया कि इस वर्ष देश भर से लगभग 120 प्रतिभागियों ने इस कार्यक्रम हेतु पंजीकरण किया है | इन प्रतिभागियों में कला, वाणिज्य क्षेत्र के अलावा पहली बार चिकित्सा और कृषि छात्रों ने भी पंजीकरण किया है |
डॉ. राव ने अपने संबोधन में कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु संपूर्ण आयोजन समिति को बधाई दी। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में डेटा साइंस एवं डेटा एनालिटिक्स का महत्व लगातार बढ़ रहा है तथा इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से प्रतिभिभागियों को डेटा प्री-प्रोसेसिंग, प्रेडिक्टिव एनालिसिस, मशीन लर्निंग एवं डेटा विज़ुअलाइजेशन जैसी आधुनिक तकनीकों की व्यावहारिक जानकारी प्राप्त होगी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह कार्यक्रम प्रतिभागियों के लिए डेटा साइंस और एनालिटिक्स के क्षेत्र में आगे बढ़ने में सहायक सिद्ध होगा।
डॉ. संजय ने अपने संबोधन में कहा कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पिछले पाँच वर्षों से सीईसी के अंतर्गत सफलतापूर्वक आयोजित किया जा रहा है तथा इस वर्ष इसका छठवाँ संस्करण आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने इसे सीईसी के सबसे सफल एवं प्रभावशाली कार्यक्रमों में से एक बताया।उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रम को इस प्रकार तैयार किया गया है कि प्रतिभागियों को मूलभूत अवधारणाओं के साथ व्यावहारिक जानकारी भी प्राप्त हो सके।
उद्घाटन सत्र का समापन प्रतिभागियों के साथ चर्चा एवं औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।





















